मूंगा — Mars का रत्न
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न है। प्राचीन ग्रंथों में इसे समुद्र की अग्नि का ठोस रूप कहा गया है। मंगल साहस, रक्त, भूमि और सेना का कारक है।
मुख्य तथ्य
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| ग्रह | Mars |
| उंगली | अनामिका |
| धातु | सोना या तांबा |
| धारण दिवस | मंगलवार |
| न्यूनतम वजन | 6–12 रत्ती |
मूंगा के लाभ
साहस, ऊर्जा, शारीरिक शक्ति देता है और बाधाएं दूर करता है।
मेष और वृश्चिक लग्न वालों के लिए मूंगा सर्वाधिक शुभ है। मंगल दोष से पीड़ित जातकों के लिए यह अनिवार्य उपाय है।
कौन धारण करे
मेष और वृश्चिक लग्न वालों के लिए मूंगा सर्वाधिक शुभ है। मंगल दोष से पीड़ित जातकों के लिए यह अनिवार्य उपाय है।
किसे नहीं पहनना चाहिए
मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न वाले बिना ज्योतिषी परामर्श के मूंगा न पहनें।
कैसे धारण करें
- दिन और समय: मंगलवार को सूर्योदय के 1 घंटे के भीतर धारण करें।
- धातु: सोना या तांबा में जड़वाएं।
- उंगली: दाहिने हाथ की अनामिका।
- वजन: ज्योतिषीय प्रभाव के लिए न्यूनतम 6–12 रत्ती।
- सक्रियण: पहनने से पहले रात भर कच्चे दूध, शहद और गंगाजल में रखें। सुबह 108 बार मंत्र जपकर धारण करें।
मंत्र: Om Kraam Kreem Kraum Sah Bhaumaaya Namah
गुणवत्ता मार्गदर्शिका
भूमध्यसागरीय (इटालियन) गहरे ऑक्स-ब्लड लाल, अनुपचारित प्रवाल सर्वश्रेष्ठ है। रंगे हुए या पीले मूंगे से बचें।
मूंगा के विकल्प
लाल अकीक (कार्नेलियन) मूंगे का सबसे प्रचलित और किफायती विकल्प है।
महत्वपूर्ण सूचना
- कोई भी रत्न धारण करने से पहले किसी योग्य वैदिक ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।
- रत्न प्राकृतिक, अनुपचारित और अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए।
- कृत्रिम या लैब-निर्मित रत्न में ग्रहीय ऊर्जा नहीं होती।
- पहनने से पहले रत्न को विधिवत सक्रिय (अभिमंत्रित) करें।
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