🎯 सर्वार्थ सिद्धि योग 2026
साल के हर सर्वार्थ सिद्धि योग का आरंभ और समाप्ति का समय, उसका नक्षत्र और उसमें बनने वाला अमृत सिद्धि योग — नई दिल्ली के सूर्योदय से।
⏭ अभी / अगला सर्वार्थ सिद्धि योग
आरंभ: रविवार, 25 अक्टूबर · 19:22
समाप्ति: सोमवार, 26 अक्टूबर · 06:28
नक्षत्र: अश्विनी
✨ अगला अमृत सिद्धि योग: बुधवार, 11 नवंबर · 06:40 → बुधवार, 11 नवंबर · 11:38 (अनुराधा)
| सर्वार्थ सिद्धि योग: वार, समय (IST) और नक्षत्र | अमृत सिद्धि योग |
|---|---|
| जनवरी 2026 | |
| रविवार, 4 जनवरी 4 जनवरी 15:11 – 5 जनवरी 07:14 पुष्य |
— |
| सोमवार, 5 जनवरी 5 जनवरी 07:14 – 13:25 पुष्य |
— |
| मंगलवार, 6 जनवरी 6 जनवरी 07:14 – 12:17 आश्लेषा |
— |
| बुधवार, 14 जनवरी 14 जनवरी 07:14 – 15 जनवरी 03:03 अनुराधा |
✨ अनुराधा 14 जनवरी 07:14 – 15 जनवरी 03:03 |
| रविवार, 18 जनवरी 18 जनवरी 10:14 – 19 जनवरी 07:14 उत्तराषाढ़ा |
— |
| सोमवार, 19 जनवरी 19 जनवरी 11:52 – 20 जनवरी 07:13 श्रवण |
— |
| रविवार, 25 जनवरी 25 जनवरी 13:35 – 26 जनवरी 07:11 अश्विनी |
— |
| मंगलवार, 27 जनवरी 27 जनवरी 11:09 – 28 जनवरी 07:11 कृत्तिका |
— |
| बुधवार, 28 जनवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) कृत्तिका → रोहिणी |
— |
| शुक्रवार, 30 जनवरी 31 जनवरी 03:27 – 07:09 पुनर्वसु |
— |
| फरवरी 2026 | |
| रविवार, 1 फरवरी 1 फरवरी 07:09 – 23:58 पुष्य |
— |
| शनिवार, 7 फरवरी 8 फरवरी 02:28 – 07:04 स्वाती |
— |
| बुधवार, 11 फरवरी 11 फरवरी 07:02 – 10:52 अनुराधा |
✨ अनुराधा 11 फरवरी 07:02 – 10:52 |
| रविवार, 15 फरवरी 15 फरवरी 06:59 – 19:48 उत्तराषाढ़ा |
— |
| सोमवार, 16 फरवरी 16 फरवरी 06:58 – 20:48 श्रवण |
— |
| शुक्रवार, 20 फरवरी 20 फरवरी 20:07 – 21 फरवरी 06:54 रेवती |
✨ रेवती 20 फरवरी 20:07 – 21 फरवरी 06:54 |
| रविवार, 22 फरवरी 22 फरवरी 06:53 – 17:54 अश्विनी |
— |
| मंगलवार, 24 फरवरी 24 फरवरी 06:51 – 15:07 कृत्तिका |
— |
| बुधवार, 25 फरवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
— |
| शुक्रवार, 27 फरवरी 27 फरवरी 10:49 – 28 फरवरी 06:47 पुनर्वसु |
— |
| मार्च 2026 | |
| रविवार, 1 मार्च 1 मार्च 06:46 – 08:34 पुष्य |
— |
| शनिवार, 7 मार्च 7 मार्च 11:15 – 8 मार्च 06:38 स्वाती |
— |
| सोमवार, 9 मार्च 9 मार्च 16:11 – 10 मार्च 06:36 अनुराधा |
— |
| शनिवार, 14 मार्च 15 मार्च 04:49 – 06:30 श्रवण |
— |
| गुरुवार, 19 मार्च 20 मार्च 04:05 – 06:25 रेवती |
— |
| शुक्रवार, 20 मार्च पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 20 मार्च 06:25 – 21 मार्च 02:27 |
| सोमवार, 23 मार्च 23 मार्च 20:49 – 24 मार्च 06:20 रोहिणी |
— |
| बुधवार, 25 मार्च 25 मार्च 06:19 – 17:33 मृगशिरा |
— |
| गुरुवार, 26 मार्च 26 मार्च 16:19 – 27 मार्च 06:17 पुनर्वसु |
— |
| शुक्रवार, 27 मार्च 27 मार्च 06:17 – 15:24 पुनर्वसु |
— |
| अप्रैल 2026 | |
| बुधवार, 1 अप्रैल 1 अप्रैल 16:17 – 2 अप्रैल 06:10 हस्त |
— |
| शनिवार, 4 अप्रैल 4 अप्रैल 06:07 – 21:35 स्वाती |
— |
| सोमवार, 6 अप्रैल 6 अप्रैल 06:05 – 7 अप्रैल 02:56 अनुराधा |
— |
| शनिवार, 11 अप्रैल 11 अप्रैल 13:40 – 12 अप्रैल 05:59 श्रवण |
— |
| गुरुवार, 16 अप्रैल 16 अप्रैल 13:59 – 17 अप्रैल 05:53 रेवती |
— |
| शुक्रवार, 17 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 17 अप्रैल 05:53 – 12:02 |
| सोमवार, 20 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 21 अप्रैल 02:08 – 05:49 |
| गुरुवार, 23 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुनर्वसु → पुष्य |
✨ पुष्य 23 अप्रैल 20:57 – 24 अप्रैल 05:46 |
| बुधवार, 29 अप्रैल 29 अप्रैल 05:42 – 30 अप्रैल 00:16 हस्त |
— |
| मई 2026 | |
| सोमवार, 4 मई 4 मई 05:37 – 09:58 अनुराधा |
— |
| शुक्रवार, 8 मई 8 मई 21:20 – 9 मई 05:34 श्रवण |
— |
| शनिवार, 9 मई 9 मई 05:34 – 23:24 श्रवण |
— |
| मंगलवार, 12 मई 13 मई 01:17 – 05:31 उत्तराभाद्रपद |
— |
| गुरुवार, 14 मई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
— |
| शुक्रवार, 15 मई 15 मई 05:30 – 20:14 अश्विनी |
— |
| सोमवार, 18 मई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 18 मई 11:32 – 19 मई 05:28 |
| गुरुवार, 21 मई 21 मई 05:27 – 22 मई 02:49 पुष्य |
✨ पुष्य 21 मई 05:27 – 22 मई 02:49 |
| रविवार, 24 मई 25 मई 02:51 – 05:25 उत्तराफाल्गुनी |
— |
| बुधवार, 27 मई 27 मई 05:24 – 05:56 हस्त |
— |
| जून 2026 | |
| शुक्रवार, 5 जून पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) श्रवण |
— |
| शनिवार, 6 जून 6 जून 05:22 – 06:03 श्रवण |
— |
| मंगलवार, 9 जून 9 जून 09:39 – 10 जून 05:22 उत्तराभाद्रपद |
— |
| गुरुवार, 11 जून पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
— |
| शुक्रवार, 12 जून 12 जून 05:22 – 06:28 अश्विनी |
— |
| शनिवार, 13 जून 14 जून 01:17 – 05:22 रोहिणी |
✨ रोहिणी 14 जून 01:17 – 05:22 |
| सोमवार, 15 जून 15 जून 05:22 – 19:08 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 15 जून 05:22 – 19:08 |
| गुरुवार, 18 जून 18 जून 05:23 – 11:32 पुष्य |
✨ पुष्य 18 जून 05:23 – 11:32 |
| रविवार, 21 जून 21 जून 09:31 – 22 जून 05:23 उत्तराफाल्गुनी |
— |
| शुक्रवार, 26 जून 26 जून 19:16 – 27 जून 05:25 अनुराधा |
— |
| रविवार, 28 जून 29 जून 01:09 – 05:25 मूल |
— |
| जुलाई 2026 | |
| शुक्रवार, 3 जुलाई 3 जुलाई 05:27 – 11:46 श्रवण |
— |
| मंगलवार, 7 जुलाई 7 जुलाई 05:29 – 16:24 उत्तराभाद्रपद |
— |
| गुरुवार, 9 जुलाई 9 जुलाई 05:30 – 14:56 अश्विनी |
— |
| शनिवार, 11 जुलाई 11 जुलाई 11:03 – 12 जुलाई 05:31 रोहिणी |
✨ रोहिणी 11 जुलाई 11:03 – 12 जुलाई 05:31 |
| सोमवार, 13 जुलाई 13 जुलाई 05:31 – 05:41 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 13 जुलाई 05:31 – 05:41 |
| रविवार, 19 जुलाई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) उत्तराफाल्गुनी → हस्त |
✨ हस्त 19 जुलाई 18:12 – 20 जुलाई 05:35 |
| गुरुवार, 23 जुलाई 24 जुलाई 01:42 – 05:37 अनुराधा |
— |
| शुक्रवार, 24 जुलाई 24 जुलाई 05:37 – 25 जुलाई 04:36 अनुराधा |
— |
| रविवार, 26 जुलाई 26 जुलाई 07:35 – 27 जुलाई 05:39 मूल |
— |
| अगस्त 2026 | |
| रविवार, 2 अगस्त 2 अगस्त 21:37 – 3 अगस्त 05:43 उत्तराभाद्रपद |
— |
| मंगलवार, 4 अगस्त 4 अगस्त 21:54 – 5 अगस्त 05:44 अश्विनी |
✨ अश्विनी 4 अगस्त 21:54 – 5 अगस्त 05:44 |
| शनिवार, 8 अगस्त 8 अगस्त 05:46 – 16:51 रोहिणी |
✨ रोहिणी 8 अगस्त 05:46 – 16:51 |
| रविवार, 16 अगस्त 16 अगस्त 05:50 – 17 अगस्त 03:50 हस्त |
✨ हस्त 16 अगस्त 05:50 – 17 अगस्त 03:50 |
| गुरुवार, 20 अगस्त 20 अगस्त 09:08 – 21 अगस्त 05:53 अनुराधा |
— |
| शुक्रवार, 21 अगस्त 21 अगस्त 05:53 – 11:53 अनुराधा |
— |
| रविवार, 23 अगस्त 23 अगस्त 05:54 – 17:44 मूल |
— |
| रविवार, 30 अगस्त 30 अगस्त 05:57 – 31 अगस्त 03:45 उत्तराभाद्रपद |
— |
| सितंबर 2026 | |
| मंगलवार, 1 सितंबर 1 सितंबर 05:58 – 2 सितंबर 02:42 अश्विनी |
✨ अश्विनी 1 सितंबर 05:58 – 2 सितंबर 02:42 |
| बुधवार, 2 सितंबर 3 सितंबर 01:43 – 05:59 कृत्तिका |
— |
| सोमवार, 7 सितंबर 7 सितंबर 18:14 – 8 सितंबर 06:02 पुष्य |
— |
| मंगलवार, 8 सितंबर 8 सितंबर 16:39 – 9 सितंबर 06:02 आश्लेषा |
— |
| रविवार, 13 सितंबर 13 सितंबर 06:04 – 13:07 हस्त |
✨ हस्त 13 सितंबर 06:04 – 13:07 |
| बुधवार, 16 सितंबर 16 सितंबर 17:22 – 17 सितंबर 06:06 अनुराधा |
✨ अनुराधा 16 सितंबर 17:22 – 17 सितंबर 06:06 |
| गुरुवार, 17 सितंबर 17 सितंबर 06:06 – 19:53 अनुराधा |
— |
| रविवार, 20 सितंबर 21 सितंबर 04:34 – 06:08 उत्तराषाढ़ा |
— |
| रविवार, 27 सितंबर 27 सितंबर 06:11 – 11:08 उत्तराभाद्रपद |
— |
| मंगलवार, 29 सितंबर 29 सितंबर 06:12 – 09:03 अश्विनी |
✨ अश्विनी 29 सितंबर 06:12 – 09:03 |
| बुधवार, 30 सितंबर 30 सितंबर 07:36 – 1 अक्टूबर 06:13 कृत्तिका → रोहिणी |
— |
| अक्टूबर 2026 | |
| रविवार, 4 अक्टूबर 5 अक्टूबर 00:14 – 06:15 पुष्य |
— |
| सोमवार, 5 अक्टूबर 5 अक्टूबर 06:15 – 23:09 पुष्य |
— |
| मंगलवार, 6 अक्टूबर 6 अक्टूबर 06:16 – 22:17 आश्लेषा |
— |
| बुधवार, 14 अक्टूबर 14 अक्टूबर 06:21 – 15 अक्टूबर 04:03 अनुराधा |
✨ अनुराधा 14 अक्टूबर 06:21 – 15 अक्टूबर 04:03 |
| रविवार, 18 अक्टूबर 18 अक्टूबर 12:49 – 19 अक्टूबर 06:24 उत्तराषाढ़ा |
— |
| सोमवार, 19 अक्टूबर 19 अक्टूबर 15:38 – 20 अक्टूबर 06:24 श्रवण |
— |
| रविवार, 25 अक्टूबर 25 अक्टूबर 19:22 – 26 अक्टूबर 06:28 अश्विनी |
— |
| मंगलवार, 27 अक्टूबर 27 अक्टूबर 15:39 – 28 अक्टूबर 06:29 कृत्तिका |
— |
| बुधवार, 28 अक्टूबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) कृत्तिका → रोहिणी |
— |
| नवंबर 2026 | |
| रविवार, 1 नवंबर 1 नवंबर 06:32 – 2 नवंबर 04:30 पुष्य |
— |
| शनिवार, 7 नवंबर 8 नवंबर 05:52 – 06:37 स्वाती |
— |
| बुधवार, 11 नवंबर 11 नवंबर 06:40 – 11:38 अनुराधा |
✨ अनुराधा 11 नवंबर 06:40 – 11:38 |
| रविवार, 15 नवंबर 15 नवंबर 06:43 – 23:29 उत्तराषाढ़ा |
— |
| सोमवार, 16 नवंबर 16 नवंबर 06:44 – 17 नवंबर 02:17 श्रवण |
— |
| रविवार, 22 नवंबर 22 नवंबर 06:48 – 23 नवंबर 04:15 अश्विनी |
— |
| मंगलवार, 24 नवंबर 24 नवंबर 06:50 – 23:25 कृत्तिका |
— |
| बुधवार, 25 नवंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
— |
| शुक्रवार, 27 नवंबर 27 नवंबर 15:08 – 28 नवंबर 06:53 पुनर्वसु |
— |
| रविवार, 29 नवंबर 29 नवंबर 06:54 – 10:59 पुष्य |
— |
| दिसंबर 2026 | |
| शनिवार, 5 दिसंबर 5 दिसंबर 11:49 – 6 दिसंबर 06:59 स्वाती |
— |
| सोमवार, 7 दिसंबर 7 दिसंबर 15:48 – 8 दिसंबर 07:01 अनुराधा |
— |
| शनिवार, 12 दिसंबर 13 दिसंबर 06:12 – 07:04 श्रवण |
— |
| सोमवार, 14 दिसंबर 14 दिसंबर 07:05 – 09:12 श्रवण |
— |
| शुक्रवार, 18 दिसंबर 18 दिसंबर 16:10 – 19 दिसंबर 07:08 रेवती |
✨ रेवती 18 दिसंबर 16:10 – 19 दिसंबर 07:08 |
| रविवार, 20 दिसंबर 20 दिसंबर 07:08 – 14:55 अश्विनी |
— |
| मंगलवार, 22 दिसंबर 22 दिसंबर 07:09 – 10:45 कृत्तिका |
— |
| बुधवार, 23 दिसंबर 23 दिसंबर 07:10 – 24 दिसंबर 04:53 रोहिणी → मृगशिरा |
— |
| गुरुवार, 24 दिसंबर 25 दिसंबर 01:47 – 07:11 पुनर्वसु |
— |
| शुक्रवार, 25 दिसंबर 25 दिसंबर 07:11 – 22:50 पुनर्वसु |
— |
| बुधवार, 30 दिसंबर 30 दिसंबर 15:37 – 31 दिसंबर 07:13 हस्त |
— |
समय भारतीय मानक समय (IST) में है। वार नई दिल्ली के सूर्योदय से गिना गया है, इसलिए दूसरे शहरों में योग का आरंभ या अंत कुछ मिनट अलग हो सकता है — अपने शहर का समय उस दिन के पंचांग में देखें। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
ℹ️ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग कैसे निकाला जाता है?
सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है जब वार और निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा का नक्षत्र इन जोड़ों में से हो (मुहूर्त चिंतामणि): रविवार — अश्विनी, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद; सोमवार — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, श्रवण; मंगलवार — अश्विनी, कृत्तिका, आश्लेषा, उत्तर भाद्रपद; बुधवार — कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, अनुराधा; गुरुवार — अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, अनुराधा, रेवती; शुक्रवार — अश्विनी, पुनर्वसु, अनुराधा, श्रवण, रेवती; शनिवार — रोहिणी, स्वाति, श्रवण।
वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, इसलिए योग का समय = उस नक्षत्र का समय ∩ उस वार का सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय; एक के बाद एक आने वाले दो सूची वाले नक्षत्र एक ही योग में जोड़ दिए गए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक नक्षत्र है — सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त। मुहूर्त ग्रंथों में इन्हें शुभ योग माना गया है। यही नियम दैनिक पंचांग में इस्तेमाल होता है।
🌟 पुष्य नक्षत्र / गुरु पुष्य योग → · 📅 आज का पंचांग → · ⏰ चौघड़िया →
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगला सर्वार्थ सिद्धि योग कब है?
अभी या अगला सर्वार्थ सिद्धि योग (नई दिल्ली) रविवार, 25 अक्टूबर · 19:22 से सोमवार, 26 अक्टूबर · 06:28 तक (IST) है — रविवार को चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में।
अक्टूबर 2026 में सर्वार्थ सिद्धि योग कब-कब है?
अक्टूबर 2026 में (नई दिल्ली, IST): 5 अक्टूबर 00:14 – 06:15; 5 अक्टूबर 06:15 – 23:09; 6 अक्टूबर 06:16 – 22:17; 14 अक्टूबर 06:21 – 15 अक्टूबर 04:03; 18 अक्टूबर 12:49 – 19 अक्टूबर 06:24; 19 अक्टूबर 15:38 – 20 अक्टूबर 06:24; 25 अक्टूबर 19:22 – 26 अक्टूबर 06:28; 27 अक्टूबर 15:39 – 28 अक्टूबर 06:29; 28 अक्टूबर 06:29 – 29 अक्टूबर 06:30। साल की पूरी सूची ऊपर की तालिका में है।
अमृत सिद्धि योग 2026 कब-कब है?
2026 में (नई दिल्ली, IST): 14 जनवरी 07:14 – 15 जनवरी 03:03; 11 फरवरी 07:02 – 10:52; 20 फरवरी 20:07 – 21 फरवरी 06:54; 20 मार्च 06:25 – 21 मार्च 02:27; 17 अप्रैल 05:53 – 12:02; 21 अप्रैल 02:08 – 05:49; 23 अप्रैल 20:57 – 24 अप्रैल 05:46; 18 मई 11:32 – 19 मई 05:28; 21 मई 05:27 – 22 मई 02:49; 14 जून 01:17 – 05:22; 15 जून 05:22 – 19:08; 18 जून 05:23 – 11:32; 11 जुलाई 11:03 – 12 जुलाई 05:31; 13 जुलाई 05:31 – 05:41; 19 जुलाई 18:12 – 20 जुलाई 05:35; 4 अगस्त 21:54 – 5 अगस्त 05:44; 8 अगस्त 05:46 – 16:51; 16 अगस्त 05:50 – 17 अगस्त 03:50; 1 सितंबर 05:58 – 2 सितंबर 02:42; 13 सितंबर 06:04 – 13:07; 16 सितंबर 17:22 – 17 सितंबर 06:06; 29 सितंबर 06:12 – 09:03; 14 अक्टूबर 06:21 – 15 अक्टूबर 04:03; 11 नवंबर 06:40 – 11:38; 18 दिसंबर 16:10 – 19 दिसंबर 07:08।
सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग कैसे बनते हैं?
दोनों वार और चंद्रमा के नक्षत्र के जोड़े से बनते हैं; वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि)। हर वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्र ऊपर "कैसे निकाला जाता है" में दिए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक ही नक्षत्र है (सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त) और वह हमेशा उस वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्रों में से एक होता है।