🎯 सर्वार्थ सिद्धि योग 2028
साल के हर सर्वार्थ सिद्धि योग का आरंभ और समाप्ति का समय, उसका नक्षत्र और उसमें बनने वाला अमृत सिद्धि योग — नई दिल्ली के सूर्योदय से।
| सर्वार्थ सिद्धि योग: वार, समय (IST) और नक्षत्र | अमृत सिद्धि योग |
|---|---|
| जनवरी 2028 | |
| मंगलवार, 4 जनवरी 4 जनवरी 07:14 – 5 जनवरी 00:42 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 6 जनवरी 6 जनवरी 07:14 – 7 जनवरी 03:35 अश्विनी |
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| शनिवार, 8 जनवरी 9 जनवरी 03:20 – 07:14 रोहिणी |
✨ रोहिणी 9 जनवरी 03:20 – 07:14 |
| सोमवार, 10 जनवरी 10 जनवरी 07:14 – 11 जनवरी 00:15 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 10 जनवरी 07:14 – 11 जनवरी 00:15 |
| गुरुवार, 13 जनवरी 13 जनवरी 07:14 – 16:37 पुष्य |
✨ पुष्य 13 जनवरी 07:14 – 16:37 |
| रविवार, 16 जनवरी 16 जनवरी 09:14 – 17 जनवरी 07:14 उत्तराफाल्गुनी |
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| गुरुवार, 20 जनवरी 21 जनवरी 06:22 – 07:13 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 21 जनवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) अनुराधा |
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| रविवार, 23 जनवरी 23 जनवरी 09:18 – 24 जनवरी 07:12 मूल |
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| रविवार, 30 जनवरी 31 जनवरी 05:01 – 07:09 उत्तराभाद्रपद |
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| फरवरी 2028 | |
| मंगलवार, 1 फरवरी 1 फरवरी 07:09 – 07:42 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 3 फरवरी 3 फरवरी 07:08 – 11:39 अश्विनी |
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| शनिवार, 5 फरवरी 5 फरवरी 12:55 – 6 फरवरी 07:06 रोहिणी |
✨ रोहिणी 5 फरवरी 12:55 – 6 फरवरी 07:06 |
| सोमवार, 7 फरवरी 7 फरवरी 07:05 – 11:09 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 7 फरवरी 07:05 – 11:09 |
| रविवार, 13 फरवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) उत्तराफाल्गुनी → हस्त |
✨ हस्त 13 फरवरी 16:36 – 14 फरवरी 07:00 |
| गुरुवार, 17 फरवरी 17 फरवरी 12:32 – 18 फरवरी 06:57 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 18 फरवरी 18 फरवरी 06:57 – 13:25 अनुराधा |
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| रविवार, 20 फरवरी 20 फरवरी 06:55 – 17:13 मूल |
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| रविवार, 27 फरवरी 27 फरवरी 11:01 – 28 फरवरी 06:47 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 29 फरवरी 29 फरवरी 15:58 – 1 मार्च 06:45 अश्विनी |
✨ अश्विनी 29 फरवरी 15:58 – 1 मार्च 06:45 |
| मार्च 2028 | |
| शनिवार, 4 मार्च 4 मार्च 06:42 – 20:25 रोहिणी |
✨ रोहिणी 4 मार्च 06:42 – 20:25 |
| रविवार, 12 मार्च 12 मार्च 06:33 – 13 मार्च 01:01 हस्त |
✨ हस्त 12 मार्च 06:33 – 13 मार्च 01:01 |
| बुधवार, 15 मार्च 15 मार्च 20:45 – 16 मार्च 06:29 अनुराधा |
✨ अनुराधा 15 मार्च 20:45 – 16 मार्च 06:29 |
| गुरुवार, 16 मार्च 16 मार्च 06:29 – 20:54 अनुराधा |
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| रविवार, 19 मार्च 20 मार्च 02:10 – 06:24 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 20 मार्च 21 मार्च 05:04 – 06:23 श्रवण |
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| रविवार, 26 मार्च 26 मार्च 06:17 – 19:39 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 28 मार्च 28 मार्च 06:15 – 23:30 अश्विनी |
✨ अश्विनी 28 मार्च 06:15 – 23:30 |
| बुधवार, 29 मार्च 30 मार्च 00:51 – 06:13 कृत्तिका |
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| अप्रैल 2028 | |
| सोमवार, 3 अप्रैल 4 अप्रैल 01:00 – 06:07 पुष्य |
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| मंगलवार, 4 अप्रैल 4 अप्रैल 23:34 – 5 अप्रैल 06:06 आश्लेषा |
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| रविवार, 9 अप्रैल 9 अप्रैल 06:01 – 11:52 हस्त |
✨ हस्त 9 अप्रैल 06:01 – 11:52 |
| बुधवार, 12 अप्रैल 12 अप्रैल 06:36 – 13 अप्रैल 05:57 अनुराधा |
✨ अनुराधा 12 अप्रैल 06:36 – 13 अप्रैल 05:57 |
| गुरुवार, 13 अप्रैल 13 अप्रैल 05:57 – 06:08 अनुराधा |
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| रविवार, 16 अप्रैल 16 अप्रैल 09:39 – 17 अप्रैल 05:53 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 17 अप्रैल 17 अप्रैल 12:13 – 18 अप्रैल 05:52 श्रवण |
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| रविवार, 23 अप्रैल 24 अप्रैल 04:27 – 05:46 अश्विनी |
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| मंगलवार, 25 अप्रैल 25 अप्रैल 05:45 – 05:54 अश्विनी |
✨ अश्विनी 25 अप्रैल 05:45 – 05:54 |
| बुधवार, 26 अप्रैल 26 अप्रैल 06:56 – 27 अप्रैल 05:43 कृत्तिका |
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| मई 2028 | |
| सोमवार, 1 मई 1 मई 06:42 – 2 मई 05:39 पुष्य |
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| मंगलवार, 2 मई 2 मई 05:42 – 3 मई 04:24 आश्लेषा |
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| बुधवार, 10 मई 10 मई 05:33 – 15:53 अनुराधा |
✨ अनुराधा 10 मई 05:33 – 15:53 |
| रविवार, 14 मई 14 मई 05:30 – 20:21 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 15 मई 15 मई 05:30 – 23:02 श्रवण |
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| रविवार, 21 मई 21 मई 12:18 – 22 मई 05:26 अश्विनी |
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| मंगलवार, 23 मई 23 मई 14:30 – 24 मई 05:25 कृत्तिका |
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| बुधवार, 24 मई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) कृत्तिका → रोहिणी |
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| रविवार, 28 मई 28 मई 12:16 – 29 मई 05:24 पुष्य |
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| सोमवार, 29 मई 29 मई 05:24 – 11:05 पुष्य |
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| मंगलवार, 30 मई 30 मई 05:23 – 09:46 आश्लेषा |
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| जून 2028 | |
| शनिवार, 3 जून 4 जून 02:49 – 05:22 स्वाती |
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| सोमवार, 5 जून 6 जून 01:00 – 05:22 अनुराधा |
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| शनिवार, 10 जून 11 जून 04:47 – 05:22 श्रवण |
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| सोमवार, 12 जून 12 जून 05:22 – 07:14 श्रवण |
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| शुक्रवार, 16 जून 16 जून 18:37 – 17 जून 05:23 रेवती |
✨ रेवती 16 जून 18:37 – 17 जून 05:23 |
| रविवार, 18 जून 18 जून 05:23 – 22:24 अश्विनी |
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| मंगलवार, 20 जून 20 जून 05:23 – 23:35 कृत्तिका |
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| बुधवार, 21 जून पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
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| शुक्रवार, 23 जून 23 जून 21:05 – 24 जून 05:24 पुनर्वसु |
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| रविवार, 25 जून 25 जून 05:24 – 17:45 पुष्य |
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| जुलाई 2028 | |
| शनिवार, 1 जुलाई 1 जुलाई 08:34 – 2 जुलाई 05:27 स्वाती |
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| सोमवार, 3 जुलाई 3 जुलाई 07:35 – 4 जुलाई 05:28 अनुराधा |
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| शनिवार, 8 जुलाई 8 जुलाई 12:39 – 9 जुलाई 05:30 श्रवण |
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| गुरुवार, 13 जुलाई 14 जुलाई 02:33 – 05:32 रेवती |
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| शुक्रवार, 14 जुलाई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 14 जुलाई 05:32 – 15 जुलाई 05:05 |
| रविवार, 16 जुलाई 16 जुलाई 05:33 – 07:04 अश्विनी |
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| मंगलवार, 18 जुलाई 18 जुलाई 05:34 – 09:03 कृत्तिका |
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| बुधवार, 19 जुलाई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
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| शुक्रवार, 21 जुलाई 21 जुलाई 06:43 – 22 जुलाई 04:49 पुनर्वसु |
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| बुधवार, 26 जुलाई 26 जुलाई 17:12 – 27 जुलाई 05:39 हस्त |
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| शनिवार, 29 जुलाई 29 जुलाई 05:40 – 13:19 स्वाती |
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| सोमवार, 31 जुलाई 31 जुलाई 05:42 – 13:22 अनुराधा |
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| अगस्त 2028 | |
| शुक्रवार, 4 अगस्त 4 अगस्त 19:27 – 5 अगस्त 05:44 श्रवण |
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| शनिवार, 5 अगस्त 5 अगस्त 05:44 – 21:57 श्रवण |
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| गुरुवार, 10 अगस्त 10 अगस्त 09:36 – 11 अगस्त 05:48 रेवती |
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| शुक्रवार, 11 अगस्त पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 11 अगस्त 05:48 – 12:22 |
| सोमवार, 14 अगस्त 14 अगस्त 17:51 – 15 अगस्त 05:50 रोहिणी |
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| बुधवार, 16 अगस्त 16 अगस्त 05:50 – 18:02 मृगशिरा |
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| गुरुवार, 17 अगस्त 17 अगस्त 17:00 – 18 अगस्त 05:51 पुनर्वसु |
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| शुक्रवार, 18 अगस्त 18 अगस्त 05:51 – 15:18 पुनर्वसु |
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| बुधवार, 23 अगस्त 23 अगस्त 05:54 – 23:16 हस्त |
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| सितंबर 2028 | |
| शुक्रवार, 1 सितंबर 1 सितंबर 05:59 – 2 सितंबर 04:03 श्रवण |
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| मंगलवार, 5 सितंबर 5 सितंबर 12:53 – 6 सितंबर 06:01 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 7 सितंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
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| शुक्रवार, 8 सितंबर 8 सितंबर 06:02 – 21:09 अश्विनी |
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| सोमवार, 11 सितंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 12 सितंबर 02:11 – 06:04 |
| गुरुवार, 14 सितंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुनर्वसु → पुष्य |
✨ पुष्य 15 सितंबर 01:14 – 06:06 |
| बुधवार, 20 सितंबर 20 सितंबर 06:08 – 09:18 हस्त |
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| शुक्रवार, 22 सितंबर 23 सितंबर 03:00 – 06:09 अनुराधा |
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| रविवार, 24 सितंबर 25 सितंबर 02:25 – 06:10 मूल |
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| शुक्रवार, 29 सितंबर 29 सितंबर 06:13 – 10:00 श्रवण |
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| अक्टूबर 2028 | |
| मंगलवार, 3 अक्टूबर 3 अक्टूबर 06:15 – 21:48 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 5 अक्टूबर 5 अक्टूबर 06:16 – 6 अक्टूबर 02:54 अश्विनी |
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| सोमवार, 9 अक्टूबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 9 अक्टूबर 08:16 – 10 अक्टूबर 06:18 |
| गुरुवार, 12 अक्टूबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुनर्वसु → पुष्य |
✨ पुष्य 12 अक्टूबर 09:11 – 13 अक्टूबर 06:20 |
| रविवार, 15 अक्टूबर 16 अक्टूबर 01:59 – 06:22 उत्तराफाल्गुनी |
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| शुक्रवार, 20 अक्टूबर 20 अक्टूबर 12:58 – 21 अक्टूबर 06:25 अनुराधा |
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| रविवार, 22 अक्टूबर 22 अक्टूबर 11:01 – 23 अक्टूबर 06:26 मूल |
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| रविवार, 29 अक्टूबर 30 अक्टूबर 01:30 – 06:31 उत्तराभाद्रपद |
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| नवंबर 2028 | |
| गुरुवार, 2 नवंबर 2 नवंबर 06:33 – 09:09 अश्विनी |
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| शनिवार, 4 नवंबर 4 नवंबर 12:36 – 5 नवंबर 06:36 रोहिणी |
✨ रोहिणी 4 नवंबर 12:36 – 5 नवंबर 06:36 |
| सोमवार, 6 नवंबर 6 नवंबर 06:36 – 14:37 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 6 नवंबर 06:36 – 14:37 |
| गुरुवार, 9 नवंबर 9 नवंबर 06:39 – 14:36 पुष्य |
✨ पुष्य 9 नवंबर 06:39 – 14:36 |
| रविवार, 12 नवंबर 12 नवंबर 10:33 – 13 नवंबर 06:42 उत्तराफाल्गुनी |
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| गुरुवार, 16 नवंबर 16 नवंबर 23:35 – 17 नवंबर 06:45 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 17 नवंबर 17 नवंबर 06:45 – 22:02 अनुराधा |
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| रविवार, 19 नवंबर 19 नवंबर 06:46 – 20:49 मूल |
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| रविवार, 26 नवंबर 26 नवंबर 08:58 – 27 नवंबर 06:53 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 28 नवंबर 28 नवंबर 14:28 – 29 नवंबर 06:54 अश्विनी |
✨ अश्विनी 28 नवंबर 14:28 – 29 नवंबर 06:54 |
| दिसंबर 2028 | |
| शनिवार, 2 दिसंबर 2 दिसंबर 06:57 – 20:30 रोहिणी |
✨ रोहिणी 2 दिसंबर 06:57 – 20:30 |
| रविवार, 10 दिसंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) उत्तराफाल्गुनी → हस्त |
✨ हस्त 10 दिसंबर 15:10 – 11 दिसंबर 07:03 |
| गुरुवार, 14 दिसंबर 14 दिसंबर 08:53 – 15 दिसंबर 07:06 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 15 दिसंबर 15 दिसंबर 07:06 – 07:43 अनुराधा |
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| रविवार, 17 दिसंबर 18 दिसंबर 06:57 – 07:07 उत्तराषाढ़ा |
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| रविवार, 24 दिसंबर 24 दिसंबर 07:10 – 20:04 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 26 दिसंबर 26 दिसंबर 07:11 – 27 दिसंबर 01:16 अश्विनी |
✨ अश्विनी 26 दिसंबर 07:11 – 27 दिसंबर 01:16 |
| बुधवार, 27 दिसंबर 28 दिसंबर 03:11 – 07:12 कृत्तिका |
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समय भारतीय मानक समय (IST) में है। वार नई दिल्ली के सूर्योदय से गिना गया है, इसलिए दूसरे शहरों में योग का आरंभ या अंत कुछ मिनट अलग हो सकता है — अपने शहर का समय उस दिन के पंचांग में देखें। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
ℹ️ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग कैसे निकाला जाता है?
सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है जब वार और निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा का नक्षत्र इन जोड़ों में से हो (मुहूर्त चिंतामणि): रविवार — अश्विनी, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद; सोमवार — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, श्रवण; मंगलवार — अश्विनी, कृत्तिका, आश्लेषा, उत्तर भाद्रपद; बुधवार — कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, अनुराधा; गुरुवार — अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, अनुराधा, रेवती; शुक्रवार — अश्विनी, पुनर्वसु, अनुराधा, श्रवण, रेवती; शनिवार — रोहिणी, स्वाति, श्रवण।
वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, इसलिए योग का समय = उस नक्षत्र का समय ∩ उस वार का सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय; एक के बाद एक आने वाले दो सूची वाले नक्षत्र एक ही योग में जोड़ दिए गए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक नक्षत्र है — सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त। मुहूर्त ग्रंथों में इन्हें शुभ योग माना गया है। यही नियम दैनिक पंचांग में इस्तेमाल होता है।
🌟 पुष्य नक्षत्र / गुरु पुष्य योग → · 📅 आज का पंचांग → · ⏰ चौघड़िया →
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमृत सिद्धि योग 2028 कब-कब है?
2028 में (नई दिल्ली, IST): 9 जनवरी 03:20 – 07:14; 10 जनवरी 07:14 – 11 जनवरी 00:15; 13 जनवरी 07:14 – 16:37; 5 फरवरी 12:55 – 6 फरवरी 07:06; 7 फरवरी 07:05 – 11:09; 13 फरवरी 16:36 – 14 फरवरी 07:00; 29 फरवरी 15:58 – 1 मार्च 06:45; 4 मार्च 06:42 – 20:25; 12 मार्च 06:33 – 13 मार्च 01:01; 15 मार्च 20:45 – 16 मार्च 06:29; 28 मार्च 06:15 – 23:30; 9 अप्रैल 06:01 – 11:52; 12 अप्रैल 06:36 – 13 अप्रैल 05:57; 25 अप्रैल 05:45 – 05:54; 10 मई 05:33 – 15:53; 16 जून 18:37 – 17 जून 05:23; 14 जुलाई 05:32 – 15 जुलाई 05:05; 11 अगस्त 05:48 – 12:22; 12 सितंबर 02:11 – 06:04; 15 सितंबर 01:14 – 06:06; 9 अक्टूबर 08:16 – 10 अक्टूबर 06:18; 12 अक्टूबर 09:11 – 13 अक्टूबर 06:20; 4 नवंबर 12:36 – 5 नवंबर 06:36; 6 नवंबर 06:36 – 14:37; 9 नवंबर 06:39 – 14:36; 28 नवंबर 14:28 – 29 नवंबर 06:54; 2 दिसंबर 06:57 – 20:30; 10 दिसंबर 15:10 – 11 दिसंबर 07:03; 26 दिसंबर 07:11 – 27 दिसंबर 01:16।
सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग कैसे बनते हैं?
दोनों वार और चंद्रमा के नक्षत्र के जोड़े से बनते हैं; वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि)। हर वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्र ऊपर "कैसे निकाला जाता है" में दिए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक ही नक्षत्र है (सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त) और वह हमेशा उस वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्रों में से एक होता है।