🎯 सर्वार्थ सिद्धि योग 2027
साल के हर सर्वार्थ सिद्धि योग का आरंभ और समाप्ति का समय, उसका नक्षत्र और उसमें बनने वाला अमृत सिद्धि योग — नई दिल्ली के सूर्योदय से।
| सर्वार्थ सिद्धि योग: वार, समय (IST) और नक्षत्र | अमृत सिद्धि योग |
|---|---|
| जनवरी 2027 | |
| शनिवार, 2 जनवरी 2 जनवरी 07:13 – 19:19 स्वाती |
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| सोमवार, 4 जनवरी 4 जनवरी 07:14 – 5 जनवरी 00:15 अनुराधा |
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| शनिवार, 9 जनवरी 9 जनवरी 12:16 – 10 जनवरी 07:14 श्रवण |
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| गुरुवार, 14 जनवरी 14 जनवरी 23:19 – 15 जनवरी 07:14 रेवती |
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| शुक्रवार, 15 जनवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 15 जनवरी 07:14 – 23:51 |
| सोमवार, 18 जनवरी 18 जनवरी 21:05 – 19 जनवरी 07:14 रोहिणी |
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| बुधवार, 20 जनवरी 20 जनवरी 07:13 – 16:17 मृगशिरा |
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| गुरुवार, 21 जनवरी 21 जनवरी 13:24 – 22 जनवरी 07:13 पुनर्वसु |
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| शुक्रवार, 22 जनवरी 22 जनवरी 07:13 – 10:25 पुनर्वसु |
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| बुधवार, 27 जनवरी 27 जनवरी 07:11 – 23:56 हस्त |
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| फरवरी 2027 | |
| शुक्रवार, 5 फरवरी 5 फरवरी 18:32 – 6 फरवरी 07:06 श्रवण |
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| शनिवार, 6 फरवरी 6 फरवरी 07:06 – 21:19 श्रवण |
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| मंगलवार, 9 फरवरी 10 फरवरी 03:40 – 07:03 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 11 फरवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
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| शुक्रवार, 12 फरवरी 12 फरवरी 07:02 – 13 फरवरी 05:56 अश्विनी |
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| सोमवार, 15 फरवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 16 फरवरी 03:25 – 06:58 |
| गुरुवार, 18 फरवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुनर्वसु → पुष्य |
✨ पुष्य 18 फरवरी 21:06 – 19 फरवरी 06:56 |
| बुधवार, 24 फरवरी 24 फरवरी 06:51 – 09:39 हस्त |
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| मार्च 2027 | |
| शुक्रवार, 5 मार्च 5 मार्च 06:42 – 6 मार्च 04:20 श्रवण |
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| मंगलवार, 9 मार्च 9 मार्च 09:58 – 10 मार्च 06:36 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 11 मार्च पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
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| शुक्रवार, 12 मार्च 12 मार्च 06:34 – 11:22 अश्विनी |
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| सोमवार, 15 मार्च पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 15 मार्च 09:26 – 16 मार्च 06:30 |
| गुरुवार, 18 मार्च 18 मार्च 06:27 – 19 मार्च 03:21 पुष्य |
✨ पुष्य 18 मार्च 06:27 – 19 मार्च 03:21 |
| रविवार, 21 मार्च 21 मार्च 22:07 – 22 मार्च 06:23 उत्तराफाल्गुनी |
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| शुक्रवार, 26 मार्च 26 मार्च 20:36 – 27 मार्च 06:17 अनुराधा |
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| रविवार, 28 मार्च 29 मार्च 00:32 – 06:15 मूल |
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| अप्रैल 2027 | |
| शुक्रवार, 2 अप्रैल 2 अप्रैल 06:10 – 12:16 श्रवण |
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| मंगलवार, 6 अप्रैल 6 अप्रैल 06:05 – 18:23 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 8 अप्रैल 8 अप्रैल 06:03 – 17:59 अश्विनी |
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| शनिवार, 10 अप्रैल 10 अप्रैल 16:07 – 11 अप्रैल 06:00 रोहिणी |
✨ रोहिणी 10 अप्रैल 16:07 – 11 अप्रैल 06:00 |
| सोमवार, 12 अप्रैल 12 अप्रैल 05:59 – 13:34 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 12 अप्रैल 05:59 – 13:34 |
| गुरुवार, 15 अप्रैल 15 अप्रैल 05:56 – 09:33 पुष्य |
✨ पुष्य 15 अप्रैल 05:56 – 09:33 |
| रविवार, 18 अप्रैल 18 अप्रैल 06:06 – 19 अप्रैल 05:51 उत्तराफाल्गुनी → हस्त |
✨ हस्त 19 अप्रैल 05:15 – 05:51 |
| गुरुवार, 22 अप्रैल 23 अप्रैल 05:32 – 05:47 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 23 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) अनुराधा |
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| रविवार, 25 अप्रैल 25 अप्रैल 08:57 – 26 अप्रैल 05:45 मूल |
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| मई 2027 | |
| रविवार, 2 मई 3 मई 02:40 – 05:39 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 4 मई 5 मई 03:15 – 05:37 अश्विनी |
✨ अश्विनी 5 मई 03:15 – 05:37 |
| शनिवार, 8 मई 8 मई 05:35 – 21:53 रोहिणी |
✨ रोहिणी 8 मई 05:35 – 21:53 |
| रविवार, 16 मई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) उत्तराफाल्गुनी → हस्त |
✨ हस्त 16 मई 11:35 – 17 मई 05:29 |
| गुरुवार, 20 मई 20 मई 13:21 – 21 मई 05:27 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 21 मई 21 मई 05:27 – 14:51 अनुराधा |
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| रविवार, 23 मई 23 मई 05:26 – 19:17 मूल |
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| रविवार, 30 मई 30 मई 11:32 – 31 मई 05:23 उत्तराभाद्रपद |
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| जून 2027 | |
| मंगलवार, 1 जून 1 जून 12:50 – 2 जून 05:23 अश्विनी |
✨ अश्विनी 1 जून 12:50 – 2 जून 05:23 |
| शनिवार, 5 जून 5 जून 05:22 – 07:02 रोहिणी |
✨ रोहिणी 5 जून 05:22 – 07:02 |
| सोमवार, 7 जून 7 जून 23:45 – 8 जून 05:22 पुष्य |
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| मंगलवार, 8 जून 8 जून 21:37 – 9 जून 05:22 आश्लेषा |
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| रविवार, 13 जून 13 जून 05:22 – 17:00 हस्त |
✨ हस्त 13 जून 05:22 – 17:00 |
| बुधवार, 16 जून 16 जून 19:44 – 17 जून 05:22 अनुराधा |
✨ अनुराधा 16 जून 19:44 – 17 जून 05:22 |
| गुरुवार, 17 जून 17 जून 05:22 – 21:30 अनुराधा |
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| रविवार, 20 जून 21 जून 05:04 – 05:23 उत्तराषाढ़ा |
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| रविवार, 27 जून 27 जून 05:25 – 20:59 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 29 जून 29 जून 05:25 – 21:48 अश्विनी |
✨ अश्विनी 29 जून 05:25 – 21:48 |
| बुधवार, 30 जून 30 जून 21:01 – 1 जुलाई 05:26 कृत्तिका |
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| जुलाई 2027 | |
| सोमवार, 5 जुलाई 5 जुलाई 09:19 – 6 जुलाई 05:28 पुष्य |
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| मंगलवार, 6 जुलाई 6 जुलाई 06:34 – 7 जुलाई 04:03 आश्लेषा |
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| बुधवार, 14 जुलाई 14 जुलाई 05:32 – 15 जुलाई 03:18 अनुराधा |
✨ अनुराधा 14 जुलाई 05:32 – 15 जुलाई 03:18 |
| रविवार, 18 जुलाई 18 जुलाई 11:18 – 19 जुलाई 05:34 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 19 जुलाई 19 जुलाई 14:23 – 20 जुलाई 05:35 श्रवण |
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| रविवार, 25 जुलाई 26 जुलाई 05:14 – 05:38 अश्विनी |
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| मंगलवार, 27 जुलाई 27 जुलाई 05:39 – 05:53 अश्विनी |
✨ अश्विनी 27 जुलाई 05:39 – 05:53 |
| बुधवार, 28 जुलाई 28 जुलाई 05:47 – 29 जुलाई 05:40 कृत्तिका → रोहिणी |
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| अगस्त 2027 | |
| रविवार, 1 अगस्त 1 अगस्त 20:05 – 2 अगस्त 05:42 पुष्य |
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| सोमवार, 2 अगस्त 2 अगस्त 05:42 – 17:09 पुष्य |
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| मंगलवार, 3 अगस्त 3 अगस्त 05:43 – 14:16 आश्लेषा |
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| बुधवार, 11 अगस्त 11 अगस्त 05:47 – 09:14 अनुराधा |
✨ अनुराधा 11 अगस्त 05:47 – 09:14 |
| रविवार, 15 अगस्त 15 अगस्त 05:49 – 20:28 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 16 अगस्त 16 अगस्त 05:50 – 23:34 श्रवण |
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| रविवार, 22 अगस्त 22 अगस्त 11:11 – 23 अगस्त 05:54 अश्विनी |
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| मंगलवार, 24 अगस्त 24 अगस्त 12:37 – 25 अगस्त 05:55 कृत्तिका |
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| बुधवार, 25 अगस्त पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) कृत्तिका → रोहिणी |
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| रविवार, 29 अगस्त 29 अगस्त 06:17 – 30 अगस्त 03:45 पुष्य |
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| सितंबर 2027 | |
| शनिवार, 4 सितंबर 4 सितंबर 14:49 – 5 सितंबर 06:00 स्वाती |
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| सोमवार, 6 सितंबर 6 सितंबर 14:59 – 7 सितंबर 06:01 अनुराधा |
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| शनिवार, 11 सितंबर 12 सितंबर 02:58 – 06:04 श्रवण |
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| सोमवार, 13 सितंबर 13 सितंबर 06:04 – 06:05 श्रवण |
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| शुक्रवार, 17 सितंबर 17 सितंबर 15:29 – 18 सितंबर 06:07 रेवती |
✨ रेवती 17 सितंबर 15:29 – 18 सितंबर 06:07 |
| रविवार, 19 सितंबर 19 सितंबर 06:07 – 17:41 अश्विनी |
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| मंगलवार, 21 सितंबर 21 सितंबर 06:08 – 18:13 कृत्तिका |
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| बुधवार, 22 सितंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
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| शुक्रवार, 24 सितंबर 24 सितंबर 15:58 – 25 सितंबर 06:10 पुनर्वसु |
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| रविवार, 26 सितंबर 26 सितंबर 06:11 – 12:38 पुष्य |
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| बुधवार, 29 सितंबर 30 सितंबर 04:00 – 06:13 हस्त |
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| अक्टूबर 2027 | |
| शनिवार, 2 अक्टूबर 2 अक्टूबर 06:14 – 3 अक्टूबर 00:03 स्वाती |
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| सोमवार, 4 अक्टूबर 4 अक्टूबर 06:15 – 5 अक्टूबर 00:44 अनुराधा |
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| शनिवार, 9 अक्टूबर 9 अक्टूबर 10:18 – 10 अक्टूबर 06:18 श्रवण |
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| गुरुवार, 14 अक्टूबर 14 अक्टूबर 22:30 – 15 अक्टूबर 06:21 रेवती |
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| शुक्रवार, 15 अक्टूबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 15 अक्टूबर 06:21 – 23:29 |
| सोमवार, 18 अक्टूबर 18 अक्टूबर 23:48 – 19 अक्टूबर 06:23 रोहिणी |
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| बुधवार, 20 अक्टूबर 20 अक्टूबर 06:24 – 22:30 मृगशिरा |
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| गुरुवार, 21 अक्टूबर 21 अक्टूबर 21:32 – 22 अक्टूबर 06:25 पुनर्वसु |
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| शुक्रवार, 22 अक्टूबर 22 अक्टूबर 06:25 – 20:25 पुनर्वसु |
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| बुधवार, 27 अक्टूबर 27 अक्टूबर 13:00 – 28 अक्टूबर 06:29 हस्त |
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| शनिवार, 30 अक्टूबर 30 अक्टूबर 06:31 – 09:43 स्वाती |
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| नवंबर 2027 | |
| सोमवार, 1 नवंबर 1 नवंबर 06:32 – 09:57 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 5 नवंबर 5 नवंबर 18:19 – 6 नवंबर 06:36 श्रवण |
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| शनिवार, 6 नवंबर 6 नवंबर 06:36 – 21:26 श्रवण |
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| मंगलवार, 9 नवंबर 10 नवंबर 05:27 – 06:39 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 11 नवंबर 11 नवंबर 07:01 – 12 नवंबर 06:40 रेवती |
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| शुक्रवार, 12 नवंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 12 नवंबर 06:40 – 07:55 |
| सोमवार, 15 नवंबर 15 नवंबर 07:06 – 16 नवंबर 06:43 रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 16 नवंबर 06:00 – 06:43 |
| गुरुवार, 18 नवंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुनर्वसु → पुष्य |
✨ पुष्य 19 नवंबर 01:52 – 06:46 |
| बुधवार, 24 नवंबर 24 नवंबर 06:50 – 18:53 हस्त |
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| दिसंबर 2027 | |
| शुक्रवार, 3 दिसंबर 3 दिसंबर 06:57 – 4 दिसंबर 05:33 श्रवण |
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| मंगलवार, 7 दिसंबर 7 दिसंबर 14:15 – 8 दिसंबर 07:00 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 9 दिसंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
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| शुक्रवार, 10 दिसंबर 10 दिसंबर 07:02 – 17:54 अश्विनी |
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| सोमवार, 13 दिसंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 13 दिसंबर 15:15 – 14 दिसंबर 07:05 |
| गुरुवार, 16 दिसंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुनर्वसु → पुष्य |
✨ पुष्य 16 दिसंबर 09:13 – 17 दिसंबर 07:06 |
| रविवार, 19 दिसंबर 20 दिसंबर 02:07 – 07:08 उत्तराफाल्गुनी |
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| शुक्रवार, 24 दिसंबर 25 दिसंबर 00:50 – 07:11 अनुराधा |
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| रविवार, 26 दिसंबर 27 दिसंबर 03:14 – 07:11 मूल |
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| शुक्रवार, 31 दिसंबर 31 दिसंबर 07:13 – 13:06 श्रवण |
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समय भारतीय मानक समय (IST) में है। वार नई दिल्ली के सूर्योदय से गिना गया है, इसलिए दूसरे शहरों में योग का आरंभ या अंत कुछ मिनट अलग हो सकता है — अपने शहर का समय उस दिन के पंचांग में देखें। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
ℹ️ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग कैसे निकाला जाता है?
सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है जब वार और निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा का नक्षत्र इन जोड़ों में से हो (मुहूर्त चिंतामणि): रविवार — अश्विनी, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद; सोमवार — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, श्रवण; मंगलवार — अश्विनी, कृत्तिका, आश्लेषा, उत्तर भाद्रपद; बुधवार — कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, अनुराधा; गुरुवार — अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, अनुराधा, रेवती; शुक्रवार — अश्विनी, पुनर्वसु, अनुराधा, श्रवण, रेवती; शनिवार — रोहिणी, स्वाति, श्रवण।
वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, इसलिए योग का समय = उस नक्षत्र का समय ∩ उस वार का सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय; एक के बाद एक आने वाले दो सूची वाले नक्षत्र एक ही योग में जोड़ दिए गए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक नक्षत्र है — सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त। मुहूर्त ग्रंथों में इन्हें शुभ योग माना गया है। यही नियम दैनिक पंचांग में इस्तेमाल होता है।
🌟 पुष्य नक्षत्र / गुरु पुष्य योग → · 📅 आज का पंचांग → · ⏰ चौघड़िया →
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमृत सिद्धि योग 2027 कब-कब है?
2027 में (नई दिल्ली, IST): 15 जनवरी 07:14 – 23:51; 16 फरवरी 03:25 – 06:58; 18 फरवरी 21:06 – 19 फरवरी 06:56; 15 मार्च 09:26 – 16 मार्च 06:30; 18 मार्च 06:27 – 19 मार्च 03:21; 10 अप्रैल 16:07 – 11 अप्रैल 06:00; 12 अप्रैल 05:59 – 13:34; 15 अप्रैल 05:56 – 09:33; 19 अप्रैल 05:15 – 05:51; 5 मई 03:15 – 05:37; 8 मई 05:35 – 21:53; 16 मई 11:35 – 17 मई 05:29; 1 जून 12:50 – 2 जून 05:23; 5 जून 05:22 – 07:02; 13 जून 05:22 – 17:00; 16 जून 19:44 – 17 जून 05:22; 29 जून 05:25 – 21:48; 14 जुलाई 05:32 – 15 जुलाई 03:18; 27 जुलाई 05:39 – 05:53; 11 अगस्त 05:47 – 09:14; 17 सितंबर 15:29 – 18 सितंबर 06:07; 15 अक्टूबर 06:21 – 23:29; 12 नवंबर 06:40 – 07:55; 16 नवंबर 06:00 – 06:43; 19 नवंबर 01:52 – 06:46; 13 दिसंबर 15:15 – 14 दिसंबर 07:05; 16 दिसंबर 09:13 – 17 दिसंबर 07:06।
सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग कैसे बनते हैं?
दोनों वार और चंद्रमा के नक्षत्र के जोड़े से बनते हैं; वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि)। हर वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्र ऊपर "कैसे निकाला जाता है" में दिए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक ही नक्षत्र है (सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त) और वह हमेशा उस वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्रों में से एक होता है।