🎯 सर्वार्थ सिद्धि योग 2025
साल के हर सर्वार्थ सिद्धि योग का आरंभ और समाप्ति का समय, उसका नक्षत्र और उसमें बनने वाला अमृत सिद्धि योग — नई दिल्ली के सूर्योदय से।
| सर्वार्थ सिद्धि योग: वार, समय (IST) और नक्षत्र | अमृत सिद्धि योग |
|---|---|
| जनवरी 2025 | |
| रविवार, 5 जनवरी 5 जनवरी 20:17 – 6 जनवरी 07:14 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 7 जनवरी 7 जनवरी 17:50 – 8 जनवरी 07:14 अश्विनी |
✨ अश्विनी 7 जनवरी 17:50 – 8 जनवरी 07:14 |
| शनिवार, 11 जनवरी 11 जनवरी 07:14 – 12:29 रोहिणी |
✨ रोहिणी 11 जनवरी 07:14 – 12:29 |
| रविवार, 19 जनवरी पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) उत्तराफाल्गुनी → हस्त |
✨ हस्त 19 जनवरी 17:30 – 20 जनवरी 07:13 |
| गुरुवार, 23 जनवरी 24 जनवरी 05:08 – 07:12 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 24 जनवरी 24 जनवरी 07:12 – 25 जनवरी 07:07 अनुराधा |
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| रविवार, 26 जनवरी 26 जनवरी 08:26 – 27 जनवरी 07:11 मूल |
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| फरवरी 2025 | |
| रविवार, 2 फरवरी 2 फरवरी 07:08 – 3 फरवरी 00:52 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 4 फरवरी 4 फरवरी 07:07 – 21:49 अश्विनी |
✨ अश्विनी 4 फरवरी 07:07 – 21:49 |
| बुधवार, 5 फरवरी 5 फरवरी 20:33 – 6 फरवरी 07:05 कृत्तिका |
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| सोमवार, 10 फरवरी 10 फरवरी 18:00 – 11 फरवरी 07:02 पुष्य |
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| मंगलवार, 11 फरवरी 11 फरवरी 18:34 – 12 फरवरी 07:01 आश्लेषा |
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| रविवार, 16 फरवरी 16 फरवरी 06:58 – 17 फरवरी 04:31 हस्त |
✨ हस्त 16 फरवरी 06:58 – 17 फरवरी 04:31 |
| गुरुवार, 20 फरवरी 20 फरवरी 13:30 – 21 फरवरी 06:53 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 21 फरवरी 21 फरवरी 06:53 – 15:54 अनुराधा |
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| रविवार, 23 फरवरी 23 फरवरी 06:52 – 18:42 मूल |
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| मार्च 2025 | |
| रविवार, 2 मार्च 2 मार्च 06:45 – 08:59 उत्तराभाद्रपद |
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| रविवार, 2 मार्च 3 मार्च 06:39 – 06:43 अश्विनी |
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| मंगलवार, 4 मार्च 5 मार्च 02:37 – 06:41 कृत्तिका |
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| बुधवार, 5 मार्च पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) कृत्तिका → रोहिणी |
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| रविवार, 9 मार्च 9 मार्च 23:55 – 10 मार्च 06:36 पुष्य |
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| सोमवार, 10 मार्च 10 मार्च 06:36 – 11 मार्च 00:51 पुष्य |
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| मंगलवार, 11 मार्च 11 मार्च 06:35 – 12 मार्च 02:15 आश्लेषा |
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| रविवार, 16 मार्च 16 मार्च 06:29 – 11:45 हस्त |
✨ हस्त 16 मार्च 06:29 – 11:45 |
| बुधवार, 19 मार्च 19 मार्च 20:50 – 20 मार्च 06:24 अनुराधा |
✨ अनुराधा 19 मार्च 20:50 – 20 मार्च 06:24 |
| गुरुवार, 20 मार्च 20 मार्च 06:24 – 23:31 अनुराधा |
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| रविवार, 23 मार्च 24 मार्च 04:18 – 06:20 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 24 मार्च 25 मार्च 04:26 – 06:19 श्रवण |
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| रविवार, 30 मार्च 30 मार्च 16:35 – 31 मार्च 06:12 अश्विनी |
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| अप्रैल 2025 | |
| मंगलवार, 1 अप्रैल 1 अप्रैल 11:06 – 2 अप्रैल 06:09 कृत्तिका |
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| बुधवार, 2 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) कृत्तिका → रोहिणी |
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| शुक्रवार, 4 अप्रैल 5 अप्रैल 05:20 – 06:06 पुनर्वसु |
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| रविवार, 6 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुष्य |
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| सोमवार, 7 अप्रैल 7 अप्रैल 06:04 – 06:24 पुष्य |
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| मंगलवार, 8 अप्रैल 8 अप्रैल 06:03 – 07:55 आश्लेषा |
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| बुधवार, 16 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) अनुराधा |
✨ अनुराधा 16 अप्रैल 05:54 – 17 अप्रैल 05:53 |
| गुरुवार, 17 अप्रैल 17 अप्रैल 05:53 – 05:55 अनुराधा |
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| रविवार, 20 अप्रैल 20 अप्रैल 11:48 – 21 अप्रैल 05:49 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 21 अप्रैल 21 अप्रैल 12:37 – 22 अप्रैल 05:48 श्रवण |
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| रविवार, 27 अप्रैल 27 अप्रैल 05:43 – 28 अप्रैल 00:38 अश्विनी |
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| मंगलवार, 29 अप्रैल 29 अप्रैल 05:41 – 18:47 कृत्तिका |
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| बुधवार, 30 अप्रैल पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
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| मई 2025 | |
| शुक्रवार, 2 मई 2 मई 13:04 – 3 मई 05:38 पुनर्वसु |
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| रविवार, 4 मई 4 मई 05:37 – 12:53 पुष्य |
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| शनिवार, 10 मई 11 मई 03:15 – 05:32 स्वाती |
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| बुधवार, 14 मई 14 मई 05:30 – 11:47 अनुराधा |
✨ अनुराधा 14 मई 05:30 – 11:47 |
| रविवार, 18 मई 18 मई 05:28 – 18:52 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 19 मई 19 मई 05:28 – 19:29 श्रवण |
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| शुक्रवार, 23 मई 23 मई 16:02 – 24 मई 05:25 रेवती |
✨ रेवती 23 मई 16:02 – 24 मई 05:25 |
| रविवार, 25 मई 25 मई 05:25 – 11:12 अश्विनी |
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| मंगलवार, 27 मई 27 मई 05:24 – 05:32 कृत्तिका |
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| बुधवार, 28 मई 28 मई 05:24 – 29 मई 00:29 मृगशिरा |
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| गुरुवार, 29 मई 29 मई 22:38 – 30 मई 05:23 पुनर्वसु |
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| शुक्रवार, 30 मई 30 मई 05:23 – 21:29 पुनर्वसु |
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| जून 2025 | |
| बुधवार, 4 जून 5 जून 03:35 – 05:22 हस्त |
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| शनिवार, 7 जून 7 जून 09:39 – 8 जून 05:22 स्वाती |
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| सोमवार, 9 जून 9 जून 15:31 – 10 जून 05:22 अनुराधा |
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| शनिवार, 14 जून 15 जून 00:21 – 05:22 श्रवण |
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| गुरुवार, 19 जून 19 जून 23:17 – 20 जून 05:23 रेवती |
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| शुक्रवार, 20 जून पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
✨ रेवती 20 जून 05:23 – 21:45 |
| सोमवार, 23 जून 23 जून 15:16 – 24 जून 05:24 रोहिणी |
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| बुधवार, 25 जून 25 जून 05:24 – 10:40 मृगशिरा |
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| गुरुवार, 26 जून 26 जून 08:46 – 27 जून 05:25 पुनर्वसु |
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| शुक्रवार, 27 जून 27 जून 05:25 – 07:22 पुनर्वसु |
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| जुलाई 2025 | |
| बुधवार, 2 जुलाई 2 जुलाई 11:07 – 3 जुलाई 05:27 हस्त |
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| शनिवार, 5 जुलाई 5 जुलाई 05:28 – 19:51 स्वाती |
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| सोमवार, 7 जुलाई 7 जुलाई 05:29 – 8 जुलाई 01:11 अनुराधा |
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| शनिवार, 12 जुलाई 12 जुलाई 06:36 – 13 जुलाई 05:32 श्रवण |
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| गुरुवार, 17 जुलाई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
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| शुक्रवार, 18 जुलाई 18 जुलाई 05:34 – 19 जुलाई 02:14 अश्विनी |
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| सोमवार, 21 जुलाई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रोहिणी → मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 21 जुलाई 21:07 – 22 जुलाई 05:36 |
| गुरुवार, 24 जुलाई पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) पुनर्वसु → पुष्य |
✨ पुष्य 24 जुलाई 16:43 – 25 जुलाई 05:38 |
| बुधवार, 30 जुलाई 30 जुलाई 05:41 – 21:53 हस्त |
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| अगस्त 2025 | |
| सोमवार, 4 अगस्त 4 अगस्त 05:44 – 09:12 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 8 अगस्त 8 अगस्त 14:28 – 9 अगस्त 05:46 श्रवण |
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| शनिवार, 9 अगस्त 9 अगस्त 05:46 – 14:23 श्रवण |
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| मंगलवार, 12 अगस्त 12 अगस्त 11:52 – 13 अगस्त 05:49 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 14 अगस्त पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) रेवती → अश्विनी |
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| शुक्रवार, 15 अगस्त 15 अगस्त 05:50 – 07:36 अश्विनी |
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| शनिवार, 16 अगस्त 17 अगस्त 04:38 – 05:51 रोहिणी |
✨ रोहिणी 17 अगस्त 04:38 – 05:51 |
| सोमवार, 18 अगस्त 18 अगस्त 05:51 – 19 अगस्त 02:06 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 18 अगस्त 05:51 – 19 अगस्त 02:06 |
| गुरुवार, 21 अगस्त 21 अगस्त 05:53 – 22 अगस्त 00:08 पुष्य |
✨ पुष्य 21 अगस्त 05:53 – 22 अगस्त 00:08 |
| रविवार, 24 अगस्त 25 अगस्त 02:05 – 05:55 उत्तराफाल्गुनी |
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| बुधवार, 27 अगस्त 27 अगस्त 05:56 – 06:04 हस्त |
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| सितंबर 2025 | |
| शुक्रवार, 5 सितंबर 5 सितंबर 06:01 – 23:38 श्रवण |
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| मंगलवार, 9 सितंबर 9 सितंबर 06:02 – 18:07 उत्तराभाद्रपद |
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| गुरुवार, 11 सितंबर 11 सितंबर 06:03 – 13:58 अश्विनी |
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| शनिवार, 13 सितंबर 13 सितंबर 10:11 – 14 सितंबर 06:05 रोहिणी |
✨ रोहिणी 13 सितंबर 10:11 – 14 सितंबर 06:05 |
| सोमवार, 15 सितंबर 15 सितंबर 06:05 – 07:31 मृगशिरा |
✨ मृगशिरा 15 सितंबर 06:05 – 07:31 |
| गुरुवार, 18 सितंबर 18 सितंबर 06:07 – 06:32 पुष्य |
✨ पुष्य 18 सितंबर 06:07 – 06:32 |
| रविवार, 21 सितंबर 21 सितंबर 09:32 – 22 सितंबर 06:09 उत्तराफाल्गुनी |
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| शुक्रवार, 26 सितंबर 26 सितंबर 22:09 – 27 सितंबर 06:11 अनुराधा |
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| रविवार, 28 सितंबर 29 सितंबर 03:54 – 06:12 मूल |
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| अक्टूबर 2025 | |
| शुक्रवार, 3 अक्टूबर 3 अक्टूबर 06:14 – 09:34 श्रवण |
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| रविवार, 5 अक्टूबर 6 अक्टूबर 06:16 – 06:16 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 7 अक्टूबर 8 अक्टूबर 01:28 – 06:17 अश्विनी |
✨ अश्विनी 8 अक्टूबर 01:28 – 06:17 |
| शनिवार, 11 अक्टूबर 11 अक्टूबर 06:19 – 15:20 रोहिणी |
✨ रोहिणी 11 अक्टूबर 06:19 – 15:20 |
| रविवार, 19 अक्टूबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) उत्तराफाल्गुनी → हस्त |
✨ हस्त 19 अक्टूबर 17:49 – 20 अक्टूबर 06:24 |
| गुरुवार, 23 अक्टूबर 24 अक्टूबर 04:51 – 06:27 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 24 अक्टूबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) अनुराधा |
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| रविवार, 26 अक्टूबर 26 अक्टूबर 10:46 – 27 अक्टूबर 06:29 मूल |
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| नवंबर 2025 | |
| रविवार, 2 नवंबर 2 नवंबर 17:03 – 3 नवंबर 06:34 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 4 नवंबर 4 नवंबर 12:34 – 5 नवंबर 06:35 अश्विनी |
✨ अश्विनी 4 नवंबर 12:34 – 5 नवंबर 06:35 |
| बुधवार, 5 नवंबर 6 नवंबर 06:34 – 06:36 कृत्तिका |
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| सोमवार, 10 नवंबर 10 नवंबर 18:48 – 11 नवंबर 06:40 पुष्य |
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| मंगलवार, 11 नवंबर 11 नवंबर 18:18 – 12 नवंबर 06:41 आश्लेषा |
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| रविवार, 16 नवंबर 16 नवंबर 06:44 – 17 नवंबर 02:11 हस्त |
✨ हस्त 16 नवंबर 06:44 – 17 नवंबर 02:11 |
| गुरुवार, 20 नवंबर 20 नवंबर 10:58 – 21 नवंबर 06:48 अनुराधा |
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| शुक्रवार, 21 नवंबर 21 नवंबर 06:48 – 13:55 अनुराधा |
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| रविवार, 23 नवंबर 23 नवंबर 06:49 – 19:28 मूल |
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| रविवार, 30 नवंबर 30 नवंबर 06:55 – 1 दिसंबर 01:11 उत्तराभाद्रपद |
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| दिसंबर 2025 | |
| मंगलवार, 2 दिसंबर 2 दिसंबर 06:56 – 20:51 अश्विनी |
✨ अश्विनी 2 दिसंबर 06:56 – 20:51 |
| बुधवार, 3 दिसंबर 3 दिसंबर 18:00 – 4 दिसंबर 06:58 कृत्तिका |
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| रविवार, 7 दिसंबर 8 दिसंबर 04:11 – 07:01 पुष्य |
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| सोमवार, 8 दिसंबर 8 दिसंबर 07:01 – 9 दिसंबर 02:52 पुष्य |
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| मंगलवार, 9 दिसंबर 9 दिसंबर 07:02 – 10 दिसंबर 02:22 आश्लेषा |
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| रविवार, 14 दिसंबर 14 दिसंबर 07:05 – 08:18 हस्त |
✨ हस्त 14 दिसंबर 07:05 – 08:18 |
| बुधवार, 17 दिसंबर 17 दिसंबर 17:11 – 18 दिसंबर 07:07 अनुराधा |
✨ अनुराधा 17 दिसंबर 17:11 – 18 दिसंबर 07:07 |
| गुरुवार, 18 दिसंबर 18 दिसंबर 07:07 – 20:07 अनुराधा |
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| रविवार, 21 दिसंबर 22 दिसंबर 03:36 – 07:09 उत्तराषाढ़ा |
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| सोमवार, 22 दिसंबर 23 दिसंबर 05:32 – 07:10 श्रवण |
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| रविवार, 28 दिसंबर 28 दिसंबर 07:12 – 08:43 उत्तराभाद्रपद |
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| मंगलवार, 30 दिसंबर 31 दिसंबर 03:58 – 07:13 कृत्तिका |
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| बुधवार, 31 दिसंबर पूरे दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) कृत्तिका → रोहिणी |
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समय भारतीय मानक समय (IST) में है। वार नई दिल्ली के सूर्योदय से गिना गया है, इसलिए दूसरे शहरों में योग का आरंभ या अंत कुछ मिनट अलग हो सकता है — अपने शहर का समय उस दिन के पंचांग में देखें। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
ℹ️ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग कैसे निकाला जाता है?
सर्वार्थ सिद्धि योग तब बनता है जब वार और निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा का नक्षत्र इन जोड़ों में से हो (मुहूर्त चिंतामणि): रविवार — अश्विनी, पुष्य, उत्तर फाल्गुनी, हस्त, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तर भाद्रपद; सोमवार — रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, अनुराधा, श्रवण; मंगलवार — अश्विनी, कृत्तिका, आश्लेषा, उत्तर भाद्रपद; बुधवार — कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, हस्त, अनुराधा; गुरुवार — अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, अनुराधा, रेवती; शुक्रवार — अश्विनी, पुनर्वसु, अनुराधा, श्रवण, रेवती; शनिवार — रोहिणी, स्वाति, श्रवण।
वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, इसलिए योग का समय = उस नक्षत्र का समय ∩ उस वार का सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय; एक के बाद एक आने वाले दो सूची वाले नक्षत्र एक ही योग में जोड़ दिए गए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक नक्षत्र है — सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त। मुहूर्त ग्रंथों में इन्हें शुभ योग माना गया है। यही नियम दैनिक पंचांग में इस्तेमाल होता है।
🌟 पुष्य नक्षत्र / गुरु पुष्य योग → · 📅 आज का पंचांग → · ⏰ चौघड़िया →
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अमृत सिद्धि योग 2025 कब-कब है?
2025 में (नई दिल्ली, IST): 7 जनवरी 17:50 – 8 जनवरी 07:14; 11 जनवरी 07:14 – 12:29; 19 जनवरी 17:30 – 20 जनवरी 07:13; 4 फरवरी 07:07 – 21:49; 16 फरवरी 06:58 – 17 फरवरी 04:31; 16 मार्च 06:29 – 11:45; 19 मार्च 20:50 – 20 मार्च 06:24; 16 अप्रैल 05:54 – 17 अप्रैल 05:53; 14 मई 05:30 – 11:47; 23 मई 16:02 – 24 मई 05:25; 20 जून 05:23 – 21:45; 21 जुलाई 21:07 – 22 जुलाई 05:36; 24 जुलाई 16:43 – 25 जुलाई 05:38; 17 अगस्त 04:38 – 05:51; 18 अगस्त 05:51 – 19 अगस्त 02:06; 21 अगस्त 05:53 – 22 अगस्त 00:08; 13 सितंबर 10:11 – 14 सितंबर 06:05; 15 सितंबर 06:05 – 07:31; 18 सितंबर 06:07 – 06:32; 8 अक्टूबर 01:28 – 06:17; 11 अक्टूबर 06:19 – 15:20; 19 अक्टूबर 17:49 – 20 अक्टूबर 06:24; 4 नवंबर 12:34 – 5 नवंबर 06:35; 16 नवंबर 06:44 – 17 नवंबर 02:11; 2 दिसंबर 06:56 – 20:51; 14 दिसंबर 07:05 – 08:18; 17 दिसंबर 17:11 – 18 दिसंबर 07:07।
सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग कैसे बनते हैं?
दोनों वार और चंद्रमा के नक्षत्र के जोड़े से बनते हैं; वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि)। हर वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्र ऊपर "कैसे निकाला जाता है" में दिए हैं। अमृत सिद्धि योग हर वार का एक ही नक्षत्र है (सोमवार मृगशिरा, मंगलवार अश्विनी, बुधवार अनुराधा, गुरुवार पुष्य, शुक्रवार रेवती, शनिवार रोहिणी, रविवार हस्त) और वह हमेशा उस वार के सर्वार्थ सिद्धि नक्षत्रों में से एक होता है।