☀️ संक्रांति 2025

सूर्य हर महीने एक नई राशि में प्रवेश करता है — साल की सभी 12 संक्रांतियों की तिथि और समय।

2025 2026 →
संक्रांति सूर्य का राशि प्रवेश (IST)
मकर संक्रांति मंगलवार, 14 जनवरी · 08:55
कुंभ संक्रांति बुधवार, 12 फरवरी · 21:56
मीन संक्रांति शुक्रवार, 14 मार्च · 18:50
मेष संक्रांति सोमवार, 14 अप्रैल · 03:21
वृषभ संक्रांति गुरुवार, 15 मई · 00:12
मिथुन संक्रांति रविवार, 15 जून · 06:44
कर्क संक्रांति बुधवार, 16 जुलाई · 17:32
सिंह संक्रांति रविवार, 17 अगस्त · 01:52
कन्या संक्रांति बुधवार, 17 सितंबर · 01:47
तुला संक्रांति शुक्रवार, 17 अक्टूबर · 13:46
वृश्चिक संक्रांति रविवार, 16 नवंबर · 13:37
धनु संक्रांति मंगलवार, 16 दिसंबर · 04:20

समय भारतीय मानक समय (IST) में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

ℹ️ यह कैसे निकाला जाता है?

संक्रांति वह क्षण है जब सूर्य निरयन (लाहिड़ी अयनांश) राशिचक्र में अगली राशि में प्रवेश करता है, यानी उसका भोगांश 30° के अगले गुणज पर पहुँचता है। यह क्षण स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला गया है।

यहाँ केवल राशि प्रवेश का क्षण दिया है। पुण्य काल और पर्व किस दिन मनाया जाए, यह इस क्षण और सूर्योदय/सूर्यास्त के नियमों पर निर्भर करता है — जैसे रात में संक्रांति हो तो पर्व अक्सर अगले दिन मनाया जाता है।

📅 आज का पंचांग → · 🌕 पूर्णिमा / अमावस्या →

🕐 राहु काल: Bengaluru (2026-10-06)· Delhi (2026-09-30)· Bengaluru (2026-10-11)· Indore (2026-10-03)· Bengaluru (2026-10-05)· Indore (2026-10-08)· Indore (2026-10-02)· Indore (2026-10-09)· Delhi (2026-10-01)· Delhi (2026-10-04)· Delhi (2026-09-29)· Bengaluru (2026-10-04)