🌟 पुष्य नक्षत्र 2028
चंद्रमा लगभग हर 27 दिन में पुष्य नक्षत्र से गुज़रता है — साल के हर पुष्य नक्षत्र का आरंभ और समाप्ति का समय, और उसमें बनने वाले गुरु पुष्य / रवि पुष्य योग।
| पुष्य नक्षत्र: आरंभ → समाप्ति (IST) | गुरु / रवि पुष्य (नई दिल्ली) |
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| बुधवार, 12 जनवरी · 19:21 → गुरुवार, 13 जनवरी · 16:37 |
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 13 जनवरी 13 जनवरी 07:14 – 16:37 |
| बुधवार, 9 फरवरी · 06:50 → गुरुवार, 10 फरवरी · 04:03 |
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| मंगलवार, 7 मार्च · 17:14 → बुधवार, 8 मार्च · 15:00 |
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| मंगलवार, 4 अप्रैल · 01:00 → मंगलवार, 4 अप्रैल · 23:34 |
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| सोमवार, 1 मई · 06:42 → मंगलवार, 2 मई · 05:42 |
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| रविवार, 28 मई · 12:16 → सोमवार, 29 मई · 11:05 |
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 28 मई 28 मई 12:16 – 29 मई 05:24 |
| शनिवार, 24 जून · 19:30 → रविवार, 25 जून · 17:45 |
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 25 जून 25 जून 05:24 – 17:45 |
| शनिवार, 22 जुलाई · 04:49 → रविवार, 23 जुलाई · 02:35 |
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| शुक्रवार, 18 अगस्त · 15:18 → शनिवार, 19 अगस्त · 13:02 |
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| शुक्रवार, 15 सितंबर · 01:14 → शुक्रवार, 15 सितंबर · 23:30 |
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 14 सितंबर 15 सितंबर 01:14 – 06:06 |
| गुरुवार, 12 अक्टूबर · 09:11 → शुक्रवार, 13 अक्टूबर · 08:14 |
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 12 अक्टूबर 12 अक्टूबर 09:11 – 13 अक्टूबर 06:20 |
| बुधवार, 8 नवंबर · 15:03 → गुरुवार, 9 नवंबर · 14:36 |
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 9 नवंबर 9 नवंबर 06:39 – 14:36 |
| मंगलवार, 5 दिसंबर · 20:35 → बुधवार, 6 दिसंबर · 19:59 |
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नक्षत्र का समय भारतीय मानक समय (IST) में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। गुरु / रवि पुष्य योग का वार नई दिल्ली के सूर्योदय से गिना गया है, इसलिए दूसरे शहरों में उसका आरंभ या अंत कुछ मिनट अलग हो सकता है। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
ℹ️ पुष्य नक्षत्र और गुरु / रवि पुष्य योग कैसे निकाला जाता है?
पुष्य 27 नक्षत्रों में आठवाँ है, कर्क राशि में निरयन 93°20′ से 106°40′ तक; इसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं। जब निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा इस भाग में प्रवेश करता है तब पुष्य नक्षत्र शुरू होता है और निकलने पर समाप्त होता है। समय स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला गया है।
पुष्य नक्षत्र गुरुवार को हो तो गुरु पुष्य योग और रविवार को हो तो रवि पुष्य योग बनता है। वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि), इसलिए योग का समय = पुष्य नक्षत्र ∩ उस वार का सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय। परंपरा से इसे खरीदारी और नए कार्य शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है।
🌟 पुष्य नक्षत्र के बारे में → · 📅 आज का पंचांग → · 🪙 धनतेरस खरीदारी मुहूर्त → · 🌙 गंड मूल →
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गुरु पुष्य और रवि पुष्य योग 2028 कब-कब है?
2028 में (नई दिल्ली): गुरु पुष्य योग 13 जनवरी (13 जनवरी 07:14 – 16:37); रवि पुष्य योग 28 मई (28 मई 12:16 – 29 मई 05:24); रवि पुष्य योग 25 जून (25 जून 05:24 – 17:45); गुरु पुष्य योग 14 सितंबर (15 सितंबर 01:14 – 06:06); गुरु पुष्य योग 12 अक्टूबर (12 अक्टूबर 09:11 – 13 अक्टूबर 06:20); गुरु पुष्य योग 9 नवंबर (9 नवंबर 06:39 – 14:36)। हर योग का समय ऊपर की तालिका में है।
गुरु पुष्य योग और रवि पुष्य योग क्या है?
जब चंद्रमा पुष्य नक्षत्र (निरयन 93°20′–106°40′, कर्क राशि) में हो और वार गुरुवार हो तो गुरु पुष्य योग, रविवार हो तो रवि पुष्य योग बनता है। वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि)। परंपरा से इसे खरीदारी और नए कार्य शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है।