🌟 पुष्य नक्षत्र 2027

चंद्रमा लगभग हर 27 दिन में पुष्य नक्षत्र से गुज़रता है — साल के हर पुष्य नक्षत्र का आरंभ और समाप्ति का समय, और उसमें बनने वाले गुरु पुष्य / रवि पुष्य योग।

पुष्य नक्षत्र: आरंभ → समाप्ति (IST) गुरु / रवि पुष्य (नई दिल्ली)
शुक्रवार, 22 जनवरी · 10:25
→ शनिवार, 23 जनवरी · 07:31
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गुरुवार, 18 फरवरी · 21:06
→ शुक्रवार, 19 फरवरी · 18:35
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 18 फरवरी
18 फरवरी 21:06 – 19 फरवरी 06:56
गुरुवार, 18 मार्च · 05:07
→ शुक्रवार, 19 मार्च · 03:21
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 18 मार्च
18 मार्च 06:27 – 19 मार्च 03:21
बुधवार, 14 अप्रैल · 10:52
→ गुरुवार, 15 अप्रैल · 09:33
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 15 अप्रैल
15 अप्रैल 05:56 – 09:33
मंगलवार, 11 मई · 16:26
→ बुधवार, 12 मई · 14:56
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सोमवार, 7 जून · 23:45
→ मंगलवार, 8 जून · 21:37
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सोमवार, 5 जुलाई · 09:19
→ मंगलवार, 6 जुलाई · 06:34
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रविवार, 1 अगस्त · 20:05
→ सोमवार, 2 अगस्त · 17:09
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 1 अगस्त
1 अगस्त 20:05 – 2 अगस्त 05:42
रविवार, 29 अगस्त · 06:17
→ सोमवार, 30 अगस्त · 03:45
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 29 अगस्त
29 अगस्त 06:17 – 30 अगस्त 03:45
शनिवार, 25 सितंबर · 14:27
→ रविवार, 26 सितंबर · 12:38
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 26 सितंबर
26 सितंबर 06:11 – 12:38
शुक्रवार, 22 अक्टूबर · 20:25
→ शनिवार, 23 अक्टूबर · 19:07
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शुक्रवार, 19 नवंबर · 01:52
→ शनिवार, 20 नवंबर · 00:27
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 18 नवंबर
19 नवंबर 01:52 – 06:46
गुरुवार, 16 दिसंबर · 09:13
→ शुक्रवार, 17 दिसंबर · 07:07
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 16 दिसंबर
16 दिसंबर 09:13 – 17 दिसंबर 07:06

नक्षत्र का समय भारतीय मानक समय (IST) में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। गुरु / रवि पुष्य योग का वार नई दिल्ली के सूर्योदय से गिना गया है, इसलिए दूसरे शहरों में उसका आरंभ या अंत कुछ मिनट अलग हो सकता है। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

ℹ️ पुष्य नक्षत्र और गुरु / रवि पुष्य योग कैसे निकाला जाता है?

पुष्य 27 नक्षत्रों में आठवाँ है, कर्क राशि में निरयन 93°20′ से 106°40′ तक; इसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं। जब निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा इस भाग में प्रवेश करता है तब पुष्य नक्षत्र शुरू होता है और निकलने पर समाप्त होता है। समय स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला गया है।

पुष्य नक्षत्र गुरुवार को हो तो गुरु पुष्य योग और रविवार को हो तो रवि पुष्य योग बनता है। वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि), इसलिए योग का समय = पुष्य नक्षत्र ∩ उस वार का सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय। परंपरा से इसे खरीदारी और नए कार्य शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है।

🌟 पुष्य नक्षत्र के बारे में → · 📅 आज का पंचांग → · 🪙 धनतेरस खरीदारी मुहूर्त → · 🌙 गंड मूल →

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुरु पुष्य और रवि पुष्य योग 2027 कब-कब है?

2027 में (नई दिल्ली): गुरु पुष्य योग 18 फरवरी (18 फरवरी 21:06 – 19 फरवरी 06:56); गुरु पुष्य योग 18 मार्च (18 मार्च 06:27 – 19 मार्च 03:21); गुरु पुष्य योग 15 अप्रैल (15 अप्रैल 05:56 – 09:33); रवि पुष्य योग 1 अगस्त (1 अगस्त 20:05 – 2 अगस्त 05:42); रवि पुष्य योग 29 अगस्त (29 अगस्त 06:17 – 30 अगस्त 03:45); रवि पुष्य योग 26 सितंबर (26 सितंबर 06:11 – 12:38); गुरु पुष्य योग 18 नवंबर (19 नवंबर 01:52 – 06:46); गुरु पुष्य योग 16 दिसंबर (16 दिसंबर 09:13 – 17 दिसंबर 07:06)। हर योग का समय ऊपर की तालिका में है।

गुरु पुष्य योग और रवि पुष्य योग क्या है?

जब चंद्रमा पुष्य नक्षत्र (निरयन 93°20′–106°40′, कर्क राशि) में हो और वार गुरुवार हो तो गुरु पुष्य योग, रविवार हो तो रवि पुष्य योग बनता है। वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि)। परंपरा से इसे खरीदारी और नए कार्य शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है।