🌟 पुष्य नक्षत्र 2026

चंद्रमा लगभग हर 27 दिन में पुष्य नक्षत्र से गुज़रता है — साल के हर पुष्य नक्षत्र का आरंभ और समाप्ति का समय, और उसमें बनने वाले गुरु पुष्य / रवि पुष्य योग।

⏭ अभी / अगला पुष्य नक्षत्र

आरंभ: रविवार, 1 नवंबर · 05:39
समाप्ति: सोमवार, 2 नवंबर · 04:30
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 1 नवंबर
1 नवंबर 06:32 – 2 नवंबर 04:30 (नई दिल्ली)

पुष्य नक्षत्र: आरंभ → समाप्ति (IST) गुरु / रवि पुष्य (नई दिल्ली)
रविवार, 4 जनवरी · 15:11
→ सोमवार, 5 जनवरी · 13:25
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 4 जनवरी
4 जनवरी 15:11 – 5 जनवरी 07:14
रविवार, 1 फरवरी · 01:34
→ रविवार, 1 फरवरी · 23:58
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 1 फरवरी
1 फरवरी 07:09 – 23:58
शनिवार, 28 फरवरी · 09:35
→ रविवार, 1 मार्च · 08:34
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 1 मार्च
1 मार्च 06:46 – 08:34
शुक्रवार, 27 मार्च · 15:24
→ शनिवार, 28 मार्च · 14:50
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गुरुवार, 23 अप्रैल · 20:57
→ शुक्रवार, 24 अप्रैल · 20:14
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 23 अप्रैल
23 अप्रैल 20:57 – 24 अप्रैल 05:46
गुरुवार, 21 मई · 04:12
→ शुक्रवार, 22 मई · 02:49
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 21 मई
21 मई 05:27 – 22 मई 02:49
बुधवार, 17 जून · 13:37
→ गुरुवार, 18 जून · 11:32
🌟 गुरु पुष्य · गुरुवार, 18 जून
18 जून 05:23 – 11:32
बुधवार, 15 जुलाई · 00:09
→ बुधवार, 15 जुलाई · 21:46
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मंगलवार, 11 अगस्त · 10:09
→ बुधवार, 12 अगस्त · 08:00
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सोमवार, 7 सितंबर · 18:14
→ मंगलवार, 8 सितंबर · 16:39
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सोमवार, 5 अक्टूबर · 00:14
→ सोमवार, 5 अक्टूबर · 23:09
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 4 अक्टूबर
5 अक्टूबर 00:14 – 06:15
रविवार, 1 नवंबर · 05:39
→ सोमवार, 2 नवंबर · 04:30
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 1 नवंबर
1 नवंबर 06:32 – 2 नवंबर 04:30
शनिवार, 28 नवंबर · 12:50
→ रविवार, 29 नवंबर · 10:59
🌟 रवि पुष्य · रविवार, 29 नवंबर
29 नवंबर 06:54 – 10:59
शुक्रवार, 25 दिसंबर · 22:50
→ शनिवार, 26 दिसंबर · 20:13
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नक्षत्र का समय भारतीय मानक समय (IST) में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। गुरु / रवि पुष्य योग का वार नई दिल्ली के सूर्योदय से गिना गया है, इसलिए दूसरे शहरों में उसका आरंभ या अंत कुछ मिनट अलग हो सकता है। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

ℹ️ पुष्य नक्षत्र और गुरु / रवि पुष्य योग कैसे निकाला जाता है?

पुष्य 27 नक्षत्रों में आठवाँ है, कर्क राशि में निरयन 93°20′ से 106°40′ तक; इसके स्वामी शनि और देवता बृहस्पति हैं। जब निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा इस भाग में प्रवेश करता है तब पुष्य नक्षत्र शुरू होता है और निकलने पर समाप्त होता है। समय स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला गया है।

पुष्य नक्षत्र गुरुवार को हो तो गुरु पुष्य योग और रविवार को हो तो रवि पुष्य योग बनता है। वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि), इसलिए योग का समय = पुष्य नक्षत्र ∩ उस वार का सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक का समय। परंपरा से इसे खरीदारी और नए कार्य शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है।

🌟 पुष्य नक्षत्र के बारे में → · 📅 आज का पंचांग → · 🪙 धनतेरस खरीदारी मुहूर्त → · 🌙 गंड मूल →

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पुष्य नक्षत्र 2026 में अगला कब है?

अभी या अगला पुष्य नक्षत्र रविवार, 1 नवंबर · 05:39 से सोमवार, 2 नवंबर · 04:30 तक (IST) है। इसमें रवि पुष्य योग (रविवार) 1 नवंबर 06:32 – 2 नवंबर 04:30 (नई दिल्ली) है।

गुरु पुष्य और रवि पुष्य योग 2026 कब-कब है?

2026 में (नई दिल्ली): रवि पुष्य योग 4 जनवरी (4 जनवरी 15:11 – 5 जनवरी 07:14); रवि पुष्य योग 1 फरवरी (1 फरवरी 07:09 – 23:58); रवि पुष्य योग 1 मार्च (1 मार्च 06:46 – 08:34); गुरु पुष्य योग 23 अप्रैल (23 अप्रैल 20:57 – 24 अप्रैल 05:46); गुरु पुष्य योग 21 मई (21 मई 05:27 – 22 मई 02:49); गुरु पुष्य योग 18 जून (18 जून 05:23 – 11:32); रवि पुष्य योग 4 अक्टूबर (5 अक्टूबर 00:14 – 06:15); रवि पुष्य योग 1 नवंबर (1 नवंबर 06:32 – 2 नवंबर 04:30); रवि पुष्य योग 29 नवंबर (29 नवंबर 06:54 – 10:59)। हर योग का समय ऊपर की तालिका में है।

गुरु पुष्य योग और रवि पुष्य योग क्या है?

जब चंद्रमा पुष्य नक्षत्र (निरयन 93°20′–106°40′, कर्क राशि) में हो और वार गुरुवार हो तो गुरु पुष्य योग, रविवार हो तो रवि पुष्य योग बनता है। वार सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है (मुहूर्त चिंतामणि)। परंपरा से इसे खरीदारी और नए कार्य शुरू करने के लिए शुभ माना जाता है।