🌙 गंड मूल 2028
चंद्रमा हर लगभग 9 दिन में गंड मूल नक्षत्रों से गुज़रता है — साल के हर गंड मूल के आरंभ और समाप्ति का समय।
| नक्षत्र | आरंभ (IST) | समाप्ति (IST) |
|---|---|---|
| रेवती – अश्विनी | बुधवार, 5 जनवरी · 00:42 | शुक्रवार, 7 जनवरी · 03:35 |
| आश्लेषा – मघा | गुरुवार, 13 जनवरी · 16:37 | शनिवार, 15 जनवरी · 11:25 |
| ज्येष्ठा – मूल | शनिवार, 22 जनवरी · 07:34 | सोमवार, 24 जनवरी · 11:28 |
| रेवती – अश्विनी | मंगलवार, 1 फरवरी · 07:42 | गुरुवार, 3 फरवरी · 11:39 |
| आश्लेषा – मघा | गुरुवार, 10 फरवरी · 04:03 | शुक्रवार, 11 फरवरी · 22:01 |
| ज्येष्ठा – मूल | शुक्रवार, 18 फरवरी · 13:25 | रविवार, 20 फरवरी · 17:13 |
| रेवती – अश्विनी | सोमवार, 28 फरवरी · 13:39 | बुधवार, 1 मार्च · 17:53 |
| आश्लेषा – मघा | बुधवार, 8 मार्च · 15:00 | शुक्रवार, 10 मार्च · 09:28 |
| ज्येष्ठा – मूल | गुरुवार, 16 मार्च · 20:54 | शनिवार, 18 मार्च · 23:43 |
| रेवती – अश्विनी | रविवार, 26 मार्च · 19:39 | मंगलवार, 28 मार्च · 23:30 |
| आश्लेषा – मघा | मंगलवार, 4 अप्रैल · 23:34 | गुरुवार, 6 अप्रैल · 19:27 |
| ज्येष्ठा – मूल | गुरुवार, 13 अप्रैल · 06:08 | शनिवार, 15 अप्रैल · 07:41 |
| रेवती – अश्विनी | रविवार, 23 अप्रैल · 02:31 | मंगलवार, 25 अप्रैल · 05:54 |
| आश्लेषा – मघा | मंगलवार, 2 मई · 05:42 | गुरुवार, 4 मई · 02:49 |
| ज्येष्ठा – मूल | बुधवार, 10 मई · 15:53 | शुक्रवार, 12 मई · 16:41 |
| रेवती – अश्विनी | शनिवार, 20 मई · 10:21 | सोमवार, 22 मई · 13:41 |
| आश्लेषा – मघा | सोमवार, 29 मई · 11:05 | बुधवार, 31 मई · 08:22 |
| ज्येष्ठा – मूल | बुधवार, 7 जून · 00:39 | शुक्रवार, 9 जून · 01:32 |
| रेवती – अश्विनी | शुक्रवार, 16 जून · 18:37 | रविवार, 18 जून · 22:24 |
| आश्लेषा – मघा | रविवार, 25 जून · 17:45 | मंगलवार, 27 जून · 14:06 |
| ज्येष्ठा – मूल | मंगलवार, 4 जुलाई · 07:41 | गुरुवार, 6 जुलाई · 09:13 |
| रेवती – अश्विनी | शुक्रवार, 14 जुलाई · 02:33 | रविवार, 16 जुलाई · 07:04 |
| आश्लेषा – मघा | रविवार, 23 जुलाई · 02:35 | सोमवार, 24 जुलाई · 21:41 |
| ज्येष्ठा – मूल | सोमवार, 31 जुलाई · 13:22 | बुधवार, 2 अगस्त · 15:31 |
| रेवती – अश्विनी | गुरुवार, 10 अगस्त · 09:36 | शनिवार, 12 अगस्त · 14:46 |
| आश्लेषा – मघा | शनिवार, 19 अगस्त · 13:02 | सोमवार, 21 अगस्त · 07:30 |
| ज्येष्ठा – मूल | रविवार, 27 अगस्त · 19:04 | मंगलवार, 29 अगस्त · 21:08 |
| रेवती – अश्विनी | बुधवार, 6 सितंबर · 15:49 | शुक्रवार, 8 सितंबर · 21:09 |
| आश्लेषा – मघा | शुक्रवार, 15 सितंबर · 23:30 | रविवार, 17 सितंबर · 18:25 |
| ज्येष्ठा – मूल | रविवार, 24 सितंबर · 02:18 | मंगलवार, 26 सितंबर · 03:21 |
| रेवती – अश्विनी | मंगलवार, 3 अक्टूबर · 21:48 | शुक्रवार, 6 अक्टूबर · 02:54 |
| आश्लेषा – मघा | शुक्रवार, 13 अक्टूबर · 08:14 | रविवार, 15 अक्टूबर · 04:32 |
| ज्येष्ठा – मूल | शनिवार, 21 अक्टूबर · 11:36 | सोमवार, 23 अक्टूबर · 11:16 |
| रेवती – अश्विनी | मंगलवार, 31 अक्टूबर · 04:20 | गुरुवार, 2 नवंबर · 09:09 |
| आश्लेषा – मघा | गुरुवार, 9 नवंबर · 14:36 | शनिवार, 11 नवंबर · 12:20 |
| ज्येष्ठा – मूल | शुक्रवार, 17 नवंबर · 22:02 | रविवार, 19 नवंबर · 20:49 |
| रेवती – अश्विनी | सोमवार, 27 नवंबर · 11:51 | बुधवार, 29 नवंबर · 16:40 |
| आश्लेषा – मघा | बुधवार, 6 दिसंबर · 19:59 | शुक्रवार, 8 दिसंबर · 17:59 |
| ज्येष्ठा – मूल | शुक्रवार, 15 दिसंबर · 07:43 | रविवार, 17 दिसंबर · 06:39 |
| रेवती – अश्विनी | रविवार, 24 दिसंबर · 20:04 | बुधवार, 27 दिसंबर · 01:16 |
समय भारतीय मानक समय (IST) में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से यह समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
ℹ️ गंड मूल क्या है और कैसे निकाला जाता है?
जहाँ जल राशि समाप्त होकर अग्नि राशि शुरू होती है — कर्क/सिंह, वृश्चिक/धनु और मीन/मेष — वहाँ के दोनों ओर के नक्षत्र गंड मूल कहलाते हैं: बुध के आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती और केतु के मघा, मूल, अश्विनी।
यहाँ हर जोड़ी पूरे नक्षत्र के रूप में ली गई है (उत्तर भारतीय परंपरा): जब निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा आश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती में प्रवेश करता है तब गंड मूल शुरू होता है, और जब वह मघा, मूल या अश्विनी से बाहर निकलता है तब समाप्त होता है। समय स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला गया है।
परंपरा में गंड मूल में जन्मे बच्चे के लिए मूल शांति पर विचार किया जाता है — इसके लिए अपने पंडित से सलाह लें। किसी जन्म का नक्षत्र जानने के लिए कुंडली बनाएँ।
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