🌙 गंड मूल 2027

चंद्रमा हर लगभग 9 दिन में गंड मूल नक्षत्रों से गुज़रता है — साल के हर गंड मूल के आरंभ और समाप्ति का समय।

नक्षत्र आरंभ (IST) समाप्ति (IST)
ज्येष्ठा – मूल मंगलवार, 5 जनवरी · 00:15 गुरुवार, 7 जनवरी · 06:08
रेवती – अश्विनी गुरुवार, 14 जनवरी · 23:19 शनिवार, 16 जनवरी · 23:39
आश्लेषा – मघा शनिवार, 23 जनवरी · 07:31 सोमवार, 25 जनवरी · 02:41
ज्येष्ठा – मूल सोमवार, 1 फरवरी · 06:28 बुधवार, 3 फरवरी · 12:26
रेवती – अश्विनी गुरुवार, 11 फरवरी · 04:56 शनिवार, 13 फरवरी · 05:56
आश्लेषा – मघा शुक्रवार, 19 फरवरी · 18:35 रविवार, 21 फरवरी · 13:51
ज्येष्ठा – मूल रविवार, 28 फरवरी · 13:47 मंगलवार, 2 मार्च · 19:27
रेवती – अश्विनी बुधवार, 10 मार्च · 10:52 शुक्रवार, 12 मार्च · 11:22
आश्लेषा – मघा शुक्रवार, 19 मार्च · 03:21 शनिवार, 20 मार्च · 23:44
ज्येष्ठा – मूल शनिवार, 27 मार्च · 22:15 मंगलवार, 30 मार्च · 03:18
रेवती – अश्विनी मंगलवार, 6 अप्रैल · 18:23 गुरुवार, 8 अप्रैल · 17:59
आश्लेषा – मघा गुरुवार, 15 अप्रैल · 09:33 शनिवार, 17 अप्रैल · 07:08
ज्येष्ठा – मूल शनिवार, 24 अप्रैल · 06:57 सोमवार, 26 अप्रैल · 11:30
रेवती – अश्विनी मंगलवार, 4 मई · 03:19 गुरुवार, 6 मई · 02:32
आश्लेषा – मघा बुधवार, 12 मई · 14:56 शुक्रवार, 14 मई · 12:42
ज्येष्ठा – मूल शुक्रवार, 21 मई · 14:51 रविवार, 23 मई · 19:17
रेवती – अश्विनी सोमवार, 31 मई · 12:35 बुधवार, 2 जून · 12:16
आश्लेषा – मघा मंगलवार, 8 जून · 21:37 गुरुवार, 10 जून · 18:24
ज्येष्ठा – मूल गुरुवार, 17 जून · 21:30 रविवार, 20 जून · 02:12
रेवती – अश्विनी रविवार, 27 जून · 20:59 मंगलवार, 29 जून · 21:48
आश्लेषा – मघा मंगलवार, 6 जुलाई · 06:34 गुरुवार, 8 जुलाई · 01:56
ज्येष्ठा – मूल गुरुवार, 15 जुलाई · 03:18 शनिवार, 17 जुलाई · 08:21
रेवती – अश्विनी रविवार, 25 जुलाई · 03:52 मंगलवार, 27 जुलाई · 05:53
आश्लेषा – मघा सोमवार, 2 अगस्त · 17:09 बुधवार, 4 अगस्त · 11:36
ज्येष्ठा – मूल बुधवार, 11 अगस्त · 09:14 शुक्रवार, 13 अगस्त · 14:19
रेवती – अश्विनी शनिवार, 21 अगस्त · 09:39 सोमवार, 23 अगस्त · 12:11
आश्लेषा – मघा सोमवार, 30 अगस्त · 03:45 मंगलवार, 31 अगस्त · 22:20
ज्येष्ठा – मूल मंगलवार, 7 सितंबर · 16:16 गुरुवार, 9 सितंबर · 20:52
रेवती – अश्विनी शुक्रवार, 17 सितंबर · 15:29 रविवार, 19 सितंबर · 17:41
आश्लेषा – मघा रविवार, 26 सितंबर · 12:38 मंगलवार, 28 सितंबर · 08:20
ज्येष्ठा – मूल मंगलवार, 5 अक्टूबर · 00:44 गुरुवार, 7 अक्टूबर · 04:28
रेवती – अश्विनी गुरुवार, 14 अक्टूबर · 22:30 शनिवार, 16 अक्टूबर · 23:59
आश्लेषा – मघा शनिवार, 23 अक्टूबर · 19:07 सोमवार, 25 अक्टूबर · 16:09
ज्येष्ठा – मूल सोमवार, 1 नवंबर · 09:57 बुधवार, 3 नवंबर · 12:57
रेवती – अश्विनी गुरुवार, 11 नवंबर · 07:01 शनिवार, 13 नवंबर · 08:10
आश्लेषा – मघा शनिवार, 20 नवंबर · 00:27 रविवार, 21 नवंबर · 21:52
ज्येष्ठा – मूल रविवार, 28 नवंबर · 18:40 मंगलवार, 30 नवंबर · 21:29
रेवती – अश्विनी बुधवार, 8 दिसंबर · 16:13 शुक्रवार, 10 दिसंबर · 17:54
आश्लेषा – मघा शुक्रवार, 17 दिसंबर · 07:07 रविवार, 19 दिसंबर · 03:30
ज्येष्ठा – मूल रविवार, 26 दिसंबर · 01:49 मंगलवार, 28 दिसंबर · 05:07

समय भारतीय मानक समय (IST) में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से यह समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

ℹ️ गंड मूल क्या है और कैसे निकाला जाता है?

जहाँ जल राशि समाप्त होकर अग्नि राशि शुरू होती है — कर्क/सिंह, वृश्चिक/धनु और मीन/मेष — वहाँ के दोनों ओर के नक्षत्र गंड मूल कहलाते हैं: बुध के आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती और केतु के मघा, मूल, अश्विनी।

यहाँ हर जोड़ी पूरे नक्षत्र के रूप में ली गई है (उत्तर भारतीय परंपरा): जब निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा आश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती में प्रवेश करता है तब गंड मूल शुरू होता है, और जब वह मघा, मूल या अश्विनी से बाहर निकलता है तब समाप्त होता है। समय स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला गया है।

परंपरा में गंड मूल में जन्मे बच्चे के लिए मूल शांति पर विचार किया जाता है — इसके लिए अपने पंडित से सलाह लें। किसी जन्म का नक्षत्र जानने के लिए कुंडली बनाएँ।

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