🌙 गंड मूल 2025

चंद्रमा हर लगभग 9 दिन में गंड मूल नक्षत्रों से गुज़रता है — साल के हर गंड मूल के आरंभ और समाप्ति का समय।

2025 2026 →
नक्षत्र आरंभ (IST) समाप्ति (IST)
रेवती – अश्विनी सोमवार, 6 जनवरी · 19:06 बुधवार, 8 जनवरी · 16:29
आश्लेषा – मघा बुधवार, 15 जनवरी · 10:28 शुक्रवार, 17 जनवरी · 12:45
ज्येष्ठा – मूल शनिवार, 25 जनवरी · 07:07 सोमवार, 27 जनवरी · 09:02
रेवती – अश्विनी सोमवार, 3 फरवरी · 00:52 मंगलवार, 4 फरवरी · 21:49
आश्लेषा – मघा मंगलवार, 11 फरवरी · 18:34 गुरुवार, 13 फरवरी · 21:07
ज्येष्ठा – मूल शुक्रवार, 21 फरवरी · 15:54 रविवार, 23 फरवरी · 18:42
रेवती – अश्विनी रविवार, 2 मार्च · 08:59 मंगलवार, 4 मार्च · 04:29
आश्लेषा – मघा मंगलवार, 11 मार्च · 00:51 गुरुवार, 13 मार्च · 04:05
ज्येष्ठा – मूल गुरुवार, 20 मार्च · 23:31 रविवार, 23 मार्च · 03:23
रेवती – अश्विनी शनिवार, 29 मार्च · 19:26 सोमवार, 31 मार्च · 13:45
आश्लेषा – मघा सोमवार, 7 अप्रैल · 06:24 बुधवार, 9 अप्रैल · 09:57
ज्येष्ठा – मूल गुरुवार, 17 अप्रैल · 05:55 शनिवार, 19 अप्रैल · 10:21
रेवती – अश्विनी शनिवार, 26 अप्रैल · 06:27 सोमवार, 28 अप्रैल · 00:38
आश्लेषा – मघा रविवार, 4 मई · 12:53 मंगलवार, 6 मई · 15:52
ज्येष्ठा – मूल बुधवार, 14 मई · 11:47 शुक्रवार, 16 मई · 16:07
रेवती – अश्विनी शुक्रवार, 23 मई · 16:02 रविवार, 25 मई · 11:12
आश्लेषा – मघा शनिवार, 31 मई · 21:07 सोमवार, 2 जून · 22:55
ज्येष्ठा – मूल मंगलवार, 10 जून · 18:01 गुरुवार, 12 जून · 21:57
रेवती – अश्विनी गुरुवार, 19 जून · 23:17 शनिवार, 21 जून · 19:50
आश्लेषा – मघा शनिवार, 28 जून · 06:35 सोमवार, 30 जून · 07:20
ज्येष्ठा – मूल मंगलवार, 8 जुलाई · 01:11 गुरुवार, 10 जुलाई · 04:49
रेवती – अश्विनी गुरुवार, 17 जुलाई · 04:50 शनिवार, 19 जुलाई · 02:14
आश्लेषा – मघा शुक्रवार, 25 जुलाई · 16:00 रविवार, 27 जुलाई · 16:23
ज्येष्ठा – मूल सोमवार, 4 अगस्त · 09:12 बुधवार, 6 अगस्त · 13:00
रेवती – अश्विनी बुधवार, 13 अगस्त · 10:32 शुक्रवार, 15 अगस्त · 07:36
आश्लेषा – मघा शुक्रवार, 22 अगस्त · 00:08 रविवार, 24 अगस्त · 00:55
ज्येष्ठा – मूल रविवार, 31 अगस्त · 17:27 मंगलवार, 2 सितंबर · 21:51
रेवती – अश्विनी मंगलवार, 9 सितंबर · 18:07 गुरुवार, 11 सितंबर · 13:58
आश्लेषा – मघा गुरुवार, 18 सितंबर · 06:32 शनिवार, 20 सितंबर · 08:05
ज्येष्ठा – मूल रविवार, 28 सितंबर · 01:08 मंगलवार, 30 सितंबर · 06:17
रेवती – अश्विनी मंगलवार, 7 अक्टूबर · 04:02 बुधवार, 8 अक्टूबर · 22:45
आश्लेषा – मघा बुधवार, 15 अक्टूबर · 12:00 शुक्रवार, 17 अक्टूबर · 13:57
ज्येष्ठा – मूल शनिवार, 25 अक्टूबर · 07:51 सोमवार, 27 अक्टूबर · 13:27
रेवती – अश्विनी सोमवार, 3 नवंबर · 15:05 बुधवार, 5 नवंबर · 09:40
आश्लेषा – मघा मंगलवार, 11 नवंबर · 18:18 गुरुवार, 13 नवंबर · 19:38
ज्येष्ठा – मूल शुक्रवार, 21 नवंबर · 13:55 रविवार, 23 नवंबर · 19:28
रेवती – अश्विनी सोमवार, 1 दिसंबर · 01:11 मंगलवार, 2 दिसंबर · 20:51
आश्लेषा – मघा मंगलवार, 9 दिसंबर · 02:52 गुरुवार, 11 दिसंबर · 02:44
ज्येष्ठा – मूल गुरुवार, 18 दिसंबर · 20:07 रविवार, 21 दिसंबर · 01:21
रेवती – अश्विनी रविवार, 28 दिसंबर · 08:43 मंगलवार, 30 दिसंबर · 06:04

समय भारतीय मानक समय (IST) में है और पूरे भारत के लिए एक ही है। अलग-अलग पंचांगों में अयनांश की गणना के अंतर से यह समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

ℹ️ गंड मूल क्या है और कैसे निकाला जाता है?

जहाँ जल राशि समाप्त होकर अग्नि राशि शुरू होती है — कर्क/सिंह, वृश्चिक/धनु और मीन/मेष — वहाँ के दोनों ओर के नक्षत्र गंड मूल कहलाते हैं: बुध के आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती और केतु के मघा, मूल, अश्विनी।

यहाँ हर जोड़ी पूरे नक्षत्र के रूप में ली गई है (उत्तर भारतीय परंपरा): जब निरयन (लाहिड़ी) चंद्रमा आश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती में प्रवेश करता है तब गंड मूल शुरू होता है, और जब वह मघा, मूल या अश्विनी से बाहर निकलता है तब समाप्त होता है। समय स्विस एफ़ेमेरिस से निकाला गया है।

परंपरा में गंड मूल में जन्मे बच्चे के लिए मूल शांति पर विचार किया जाता है — इसके लिए अपने पंडित से सलाह लें। किसी जन्म का नक्षत्र जानने के लिए कुंडली बनाएँ।

🔮 कुंडली बनाएँ → · 📅 आज का पंचांग → · 🌙 पंचक → · 🌟 27 नक्षत्र →