🪔 प्रमुख त्योहार 2026
साल के प्रमुख व्रत-त्योहार किस दिन मनाए जाएँगे — तिथि, उसका समय और दिन तय करने का नियम।
⏭ अगला त्योहार
अहोई अष्टमी — रविवार, 1 नवंबर
(1 दिन बाद)
कार्तिक कृष्ण अष्टमी: 1 नवंबर 14:52 – 2 नवंबर 13:11
🪔 दीपोत्सव 2026: धनतेरस से भाई दूज तक
पूजा मुहूर्त ↓
यम दीपदान ↓शुक्रवार, 6 नवंबर
स्नान मुहूर्त ↓रविवार, 8 नवंबर
लक्ष्मी पूजा ↓
महानिशीथ ↓
चौघड़िया ↓रविवार, 8 नवंबर
पूजा मुहूर्त ↓मंगलवार, 10 नवंबर
तिलक का समय ↓बुधवार, 11 नवंबर
पाँचों दिन नई दिल्ली के अनुसार; शहर अनुसार मुहूर्त नीचे के खंडों में हैं।
| त्योहार | दिन | तिथि (IST) |
|---|---|---|
| वसंत पंचमी | शुक्रवार, 23 जनवरी | माघ शुक्ल पंचमी 23 जनवरी 02:28 – 24 जनवरी 01:46 · पूर्वाह्न |
| रथ सप्तमी | रविवार, 25 जनवरी | माघ शुक्ल सप्तमी 25 जनवरी 00:40 – 25 जनवरी 23:10 · उदया तिथि |
| भीष्म अष्टमी | सोमवार, 26 जनवरी | माघ शुक्ल अष्टमी 25 जनवरी 23:10 – 26 जनवरी 21:18 · मध्याह्न |
| गुरु रविदास जयंती | रविवार, 1 फरवरी | माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 05:53 – 2 फरवरी 03:39 · उदया तिथि |
| महाशिवरात्रि | रविवार, 15 फरवरी | फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 15 फरवरी 17:05 – 16 फरवरी 17:34 · निशीथ काल |
| फुलेरा दूज | गुरुवार, 19 फरवरी | फाल्गुन शुक्ल द्वितीया 18 फरवरी 16:58 – 19 फरवरी 15:59 · उदया तिथि |
| रंग पंचमी | रविवार, 8 मार्च | चैत्र कृष्ण पंचमी 7 मार्च 19:17 – 8 मार्च 21:11 · उदया तिथि |
| चैत्र नवरात्रि / नव संवत्सर | गुरुवार, 19 मार्च | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च 06:53 – 20 मार्च 04:52 · उदया तिथि |
| गुड़ी पड़वा / उगादि | गुरुवार, 19 मार्च | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 19 मार्च 06:53 – 20 मार्च 04:52 · उदया तिथि |
| गणगौर | शनिवार, 21 मार्च | चैत्र शुक्ल तृतीया 21 मार्च 02:31 – 21 मार्च 23:56 · उदया तिथि |
| राम नवमी | गुरुवार, 26 मार्च | चैत्र शुक्ल नवमी 26 मार्च 11:49 – 27 मार्च 10:07 · मध्याह्न |
| महावीर जयंती | मंगलवार, 31 मार्च | चैत्र शुक्ल त्रयोदशी 30 मार्च 07:10 – 31 मार्च 06:56 · उदया तिथि |
| हनुमान जयंती | गुरुवार, 2 अप्रैल | चैत्र पूर्णिमा 1 अप्रैल 07:06 – 2 अप्रैल 07:42 · उदया तिथि |
| परशुराम जयंती | रविवार, 19 अप्रैल | वैशाख शुक्ल तृतीया 19 अप्रैल 10:49 – 20 अप्रैल 07:28 · प्रदोष काल |
| गंगा सप्तमी (गंगा जयंती) | गुरुवार, 23 अप्रैल | वैशाख शुक्ल सप्तमी 22 अप्रैल 22:50 – 23 अप्रैल 20:49 · मध्याह्न |
| सीता नवमी (जानकी जयंती) | शनिवार, 25 अप्रैल | वैशाख शुक्ल नवमी 24 अप्रैल 19:22 – 25 अप्रैल 18:28 · मध्याह्न |
| बुद्ध पूर्णिमा | शुक्रवार, 1 मई | वैशाख पूर्णिमा 30 अप्रैल 21:13 – 1 मई 22:53 · उदया तिथि |
| शनि जयंती | शनिवार, 16 मई | ज्येष्ठ अमावस्या 16 मई 05:11 – 17 मई 01:31 · उदया तिथि |
| गंगा दशहरा | सोमवार, 25 मई | अधिक ज्येष्ठ शुक्ल दशमी 25 मई 04:31 – 26 मई 05:11 · पूर्वाह्न |
| महेश नवमी | मंगलवार, 23 जून | ज्येष्ठ शुक्ल नवमी 22 जून 15:40 – 23 जून 16:40 · उदया तिथि |
| कबीरदास जयंती | सोमवार, 29 जून | ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून 03:06 – 30 जून 05:26 · उदया तिथि |
| जगन्नाथ रथ यात्रा | गुरुवार, 16 जुलाई | आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 15 जुलाई 11:51 – 16 जुलाई 08:53 · उदया तिथि |
| गुरु पूर्णिमा | बुधवार, 29 जुलाई | आषाढ़ पूर्णिमा 28 जुलाई 18:19 – 29 जुलाई 20:05 · उदया तिथि |
| हरियाली तीज | शनिवार, 15 अगस्त | श्रावण शुक्ल तृतीया 14 अगस्त 18:47 – 15 अगस्त 17:29 · उदया तिथि |
| नाग पंचमी | सोमवार, 17 अगस्त | श्रावण शुक्ल पंचमी 16 अगस्त 16:53 – 17 अगस्त 17:00 · पूर्वाह्न |
| तुलसीदास जयंती | बुधवार, 19 अगस्त | श्रावण शुक्ल सप्तमी 18 अगस्त 17:51 – 19 अगस्त 19:20 · उदया तिथि |
| कजरी तीज | सोमवार, 31 अगस्त | भाद्रपद कृष्ण तृतीया 30 अगस्त 09:37 – 31 अगस्त 08:51 · उदया तिथि |
| हरतालिका तीज | सोमवार, 14 सितंबर | भाद्रपद शुक्ल तृतीया 13 सितंबर 07:08 – 14 सितंबर 07:07 · उदया तिथि |
| गणेश चतुर्थी | सोमवार, 14 सितंबर | भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी 14 सितंबर 07:07 – 15 सितंबर 07:44 · मध्याह्न |
| ऋषि पंचमी | मंगलवार, 15 सितंबर | भाद्रपद शुक्ल पंचमी 15 सितंबर 07:44 – 16 सितंबर 08:59 · मध्याह्न |
| अनंत चतुर्दशी | शुक्रवार, 25 सितंबर | भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी 24 सितंबर 23:18 – 25 सितंबर 23:07 · उदया तिथि |
| जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) | शनिवार, 3 अक्टूबर | आश्विन कृष्ण अष्टमी 3 अक्टूबर 08:00 – 4 अक्टूबर 05:52 · पूर्वाह्न |
| शारदीय नवरात्रि (घटस्थापना) | रविवार, 11 अक्टूबर | आश्विन शुक्ल प्रतिपदा 10 अक्टूबर 21:20 – 11 अक्टूबर 21:31 · उदया तिथि |
| दशहरा (विजयादशमी) 🏹 विजय मुहूर्त, शहर अनुसार ↓ |
मंगलवार, 20 अक्टूबर | आश्विन शुक्ल दशमी 20 अक्टूबर 12:50 – 21 अक्टूबर 14:12 · अपराह्न |
| शरद पूर्णिमा 🌕 चंद्रोदय, शहर अनुसार ↓ |
रविवार, 25 अक्टूबर | आश्विन पूर्णिमा 25 अक्टूबर 11:56 – 26 अक्टूबर 09:41 · निशीथ काल |
| वाल्मीकि जयंती | सोमवार, 26 अक्टूबर | आश्विन पूर्णिमा 25 अक्टूबर 11:56 – 26 अक्टूबर 09:41 · उदया तिथि |
| करवा चौथ 🌙 चंद्रोदय, शहर अनुसार ↓ 🪔 पूजा मुहूर्त और व्रत का समय ↓ |
गुरुवार, 29 अक्टूबर | कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 29 अक्टूबर 01:07 – 29 अक्टूबर 22:10 · चंद्रोदय |
| अहोई अष्टमी ⭐ पूजा, तारे और चंद्रोदय, शहर अनुसार ↓ |
रविवार, 1 नवंबर | कार्तिक कृष्ण अष्टमी 1 नवंबर 14:52 – 2 नवंबर 13:11 · प्रदोष काल |
| गोवत्स द्वादशी (वाघ बारस) | गुरुवार, 5 नवंबर | कार्तिक कृष्ण द्वादशी 5 नवंबर 10:36 – 6 नवंबर 10:31 · प्रदोष काल |
| धनतेरस 🪙 धनतेरस पूजा मुहूर्त, शहर अनुसार ↓ 💰 सोना खरीदने का मुहूर्त (नई दिल्ली) ↓ 🪔 यम दीपदान का समय (नई दिल्ली) ↓ |
शुक्रवार, 6 नवंबर | कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी 6 नवंबर 10:31 – 7 नवंबर 10:48 · प्रदोष काल |
| धन्वंतरि जयंती 🌿 प्रातःकाल पूजा मुहूर्त (नई दिल्ली): 06:36–08:48 |
शुक्रवार, 6 नवंबर | कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी 6 नवंबर 10:31 – 7 नवंबर 10:48 · प्रदोष काल |
| काली चौदस | शनिवार, 7 नवंबर | कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी 7 नवंबर 10:48 – 8 नवंबर 11:28 · निशीथ काल |
| नरक चतुर्दशी (अभ्यंग स्नान) 🛁 अभ्यंग स्नान मुहूर्त, शहर अनुसार ↓ |
रविवार, 8 नवंबर | कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी 7 नवंबर 10:48 – 8 नवंबर 11:28 · चंद्रोदय से सूर्योदय (भोर) |
| दीपावली (लक्ष्मी पूजा) 🪔 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, शहर अनुसार ↓ 🌑 महानिशीथ काल मुहूर्त ↓ 🕰️ शुभ चौघड़िया (नई दिल्ली) ↓ |
रविवार, 8 नवंबर | कार्तिक अमावस्या 8 नवंबर 11:28 – 9 नवंबर 12:32 · प्रदोष काल |
| गोवर्धन पूजा 🐄 पूजा मुहूर्त (नई दिल्ली) ↓ |
मंगलवार, 10 नवंबर | कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा 9 नवंबर 12:32 – 10 नवंबर 14:00 · उदया तिथि |
| गुजराती नव वर्ष (बेस्तु वरस) | मंगलवार, 10 नवंबर | कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा 9 नवंबर 12:32 – 10 नवंबर 14:00 · उदया तिथि |
| भाई दूज 🪔 तिलक का समय, शहर अनुसार ↓ |
बुधवार, 11 नवंबर | कार्तिक शुक्ल द्वितीया 10 नवंबर 14:00 – 11 नवंबर 15:53 · अपराह्न |
| चित्रगुप्त पूजा | बुधवार, 11 नवंबर | कार्तिक शुक्ल द्वितीया 10 नवंबर 14:00 – 11 नवंबर 15:53 · अपराह्न |
| लाभ पंचमी (सौभाग्य पंचमी) | शनिवार, 14 नवंबर | कार्तिक शुक्ल पंचमी 13 नवंबर 20:43 – 14 नवंबर 23:24 · पूर्वाह्न |
| छठ पूजा 🌅 अर्घ्य का समय, शहर अनुसार ↓ 📅 नहाय-खाय, खरना की तारीख ↓ |
रविवार, 15 नवंबर | कार्तिक शुक्ल षष्ठी 14 नवंबर 23:24 – 16 नवंबर 02:01 · उदया तिथि |
| गोपाष्टमी | मंगलवार, 17 नवंबर | कार्तिक शुक्ल अष्टमी 17 नवंबर 04:20 – 18 नवंबर 06:05 · उदया तिथि |
| अक्षय नवमी (आंवला नवमी) | बुधवार, 18 नवंबर | कार्तिक शुक्ल नवमी 18 नवंबर 06:05 – 19 नवंबर 07:06 · पूर्वाह्न |
| तुलसी विवाह | शनिवार, 21 नवंबर | कार्तिक शुक्ल द्वादशी 21 नवंबर 06:31 – 22 नवंबर 04:56 · उदया तिथि |
| वैकुंठ चतुर्दशी | सोमवार, 23 नवंबर | कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी 23 नवंबर 02:37 – 23 नवंबर 23:42 · निशीथ काल |
| कार्तिक पूर्णिमा 🪔 देव दीपावली मुहूर्त (वाराणसी) ↓ 🙏 भीष्म पंचक: 20 नवंबर – 24 नवंबर ↓ |
मंगलवार, 24 नवंबर | कार्तिक पूर्णिमा 23 नवंबर 23:42 – 24 नवंबर 20:23 · उदया तिथि |
| गुरु नानक जयंती (गुरुपर्व) | मंगलवार, 24 नवंबर | कार्तिक पूर्णिमा 23 नवंबर 23:42 – 24 नवंबर 20:23 · उदया तिथि |
| काल भैरव जयंती | मंगलवार, 1 दिसंबर | मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी 1 दिसंबर 00:12 – 1 दिसंबर 23:14 · रात्रि व्यापिनी (रात्रि आरंभ में तिथि) |
| विवाह पंचमी | सोमवार, 14 दिसंबर | मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी 13 दिसंबर 16:48 – 14 दिसंबर 19:16 · उदया तिथि |
| दत्तात्रेय जयंती | बुधवार, 23 दिसंबर | मार्गशीर्ष पूर्णिमा 23 दिसंबर 10:47 – 24 दिसंबर 06:58 · प्रदोष काल |
| अन्नपूर्णा जयंती | बुधवार, 23 दिसंबर | मार्गशीर्ष पूर्णिमा 23 दिसंबर 10:47 – 24 दिसंबर 06:58 · उदया तिथि |
दिन नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त से निकाले गए हैं। तिथि का समय पूरे भारत में एक ही है, पर किसी दूसरे शहर में कभी-कभी त्योहार एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
📚 वसंत पंचमी 2027: सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त — शहर अनुसार
गुरुवार, 11 फरवरी 2027 (IST)। शुक्ल पंचमी तिथि: 11 फरवरी 03:05 – 12 फरवरी 03:18। दिल्ली: 07:03–12:36।
मुहूर्त = पूर्वाह्न, यानी शहर के सूर्योदय से मध्याह्न (सूर्योदय और सूर्यास्त का ठीक बीच का समय) तक। उत्तर भारतीय पंचांगों के अनुसार वसंत पंचमी का दिन इसी पूर्वाह्न में पंचमी तिथि होने से तय होता है और सरस्वती पूजा पूर्वाह्न में की जाती है। जिस वर्ष पंचमी सूर्योदय के बाद शुरू हो या मध्याह्न से पहले समाप्त हो, उस वर्ष पूजा पंचमी तिथि के भीतर ही करें (तिथि का समय ऊपर दिया है)। पूजा की विधि के लिए अपने पंडित से पूछें।
🏹 दशहरा 2026: विजय मुहूर्त और अपराह्न पूजा का समय — शहर अनुसार
विजयादशमी, मंगलवार, 20 अक्टूबर (IST)। दशमी तिथि: 20 अक्टूबर 12:50 – 21 अक्टूबर 14:12। दिल्ली: विजय मुहूर्त 14:00–14:45, अपराह्न 13:14–15:30।
विजय मुहूर्त = सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन के 15 मुहूर्तों में से 11वाँ; अपराह्न = दिन का चौथा पाँचवाँ भाग, शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से। उत्तर भारतीय पंचांगों के अनुसार दशहरा की पूजा (शमी पूजन, अपराजिता पूजन) अपराह्न में की जाती है और विजय मुहूर्त में नया काम या यात्रा शुरू करना शुभ माना जाता है। पूजा की विधि के लिए अपने पंडित से पूछें।
🌕 शरद पूर्णिमा 2026: चाँद कितने बजे निकलेगा — शहर अनुसार
रविवार, 25 अक्टूबर को चंद्रोदय का समय (IST)। इस रात खीर चाँदनी में रखने की परंपरा है; पूर्णिमा तिथि: 25 अक्टूबर 11:56 – 26 अक्टूबर 09:41।
समय चंद्र-बिंब के केंद्र के क्षितिज पर आने का है (वायुमंडलीय अपवर्तन के बिना, जैसा उत्तर भारतीय पंचांग देते हैं), शहर के केंद्र के लिए। बादल, पहाड़ या ऊँची इमारतों के कारण चाँद कुछ मिनट बाद दिख सकता है।
🌙 करवा चौथ 2026: चाँद कितने बजे निकलेगा — शहर अनुसार
गुरुवार, 29 अक्टूबर को चंद्रोदय का समय (IST)। व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोला जाता है।
समय चंद्र-बिंब के केंद्र के क्षितिज पर आने का है (वायुमंडलीय अपवर्तन के बिना, जैसा उत्तर भारतीय पंचांग देते हैं), शहर के केंद्र के लिए। बादल, पहाड़ या ऊँची इमारतों के कारण चाँद कुछ मिनट बाद दिख सकता है।
🪔 करवा चौथ 2026: पूजा मुहूर्त और व्रत का समय — शहर अनुसार
गुरुवार, 29 अक्टूबर (IST)। चतुर्थी तिथि: 29 अक्टूबर 01:07 – 29 अक्टूबर 22:10। दिल्ली: पूजा मुहूर्त 17:38–18:56, व्रत 06:31–20:17 (13 घंटे 46 मिनट)।
पूजा मुहूर्त = सूर्यास्त से रात्रि का दसवाँ भाग (रात की 30 घटियों में से पहली 3); व्रत = सूर्योदय से चंद्रोदय तक (चंद्रोदय ऊपर की सूची वाला ही है), शहर के केंद्र के लिए। व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोला जाता है; सरगी और पूजा-विधि अपने परिवार की परंपरा और पंडित से पूछें।
⭐ अहोई अष्टमी 2026: पूजा मुहूर्त, तारे दिखने और चंद्रोदय का समय — शहर अनुसार
रविवार, 1 नवंबर (IST)। अष्टमी तिथि: 1 नवंबर 14:52 – 2 नवंबर 13:11। दिल्ली: पूजा मुहूर्त 17:36–18:54, तारे 18:01, चंद्रोदय 23:40।
पूजा मुहूर्त = सूर्यास्त से रात्रि का दसवाँ भाग (रात की 30 घटियों में से पहली 3); तारे दिखने का समय = सूर्यास्त के बाद संध्या-प्रकाश (civil twilight) का अंत, जब सूर्य क्षितिज से 6° नीचे हो; चंद्रोदय चंद्र-बिंब के केंद्र के क्षितिज पर आने का समय (अपवर्तन के बिना), शहर के केंद्र के लिए। * चंद्रोदय आधी रात के बाद, अगली तारीख को। माताएँ संतान के लिए यह व्रत रखती हैं; परंपरा के अनुसार व्रत तारे देखकर या कुछ परिवारों में चंद्रमा को अर्घ्य देकर खोला जाता है — अपने परिवार की परंपरा और पंडित से पूछें।
🪙 धनतेरस पूजा मुहूर्त 2026 — शहर अनुसार
धनतेरस, शुक्रवार, 6 नवंबर: प्रदोष काल में, जब स्थिर लग्न वृषभ उदय हो और त्रयोदशी चल रही हो (IST)। दिल्ली: प्रदोष काल 17:32–20:09, वृषभ लग्न 18:02–19:58।
प्रदोष काल = सूर्यास्त से रात्रि का पहला पाँचवाँ भाग; वृषभ लग्न शहर के अक्षांश-देशांतर से (लाहिड़ी अयनांश)। यम दीपदान का समय नीचे है; पूजा की विधि के लिए अपने पंडित से पूछें।
🪔 यम दीपम 2026: यम दीपदान का समय (नई दिल्ली)
शुक्रवार, 6 नवंबर — सायं संध्या यम दीपदान मुहूर्त: 17:32–18:51 (नई दिल्ली, IST)। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी: 6 नवंबर 10:31 – 7 नवंबर 10:48।
यम दीपम में धनतेरस की त्रयोदशी पर संध्या के समय घर के बाहर यमराज के नाम का दीपक जलाया जाता है। सायं संध्या = सूर्यास्त से रात्रि का दसवाँ भाग (रात की 30 घटियों में से 3); मुहूर्त उतनी देर का है जितनी देर उसमें त्रयोदशी रहे। दिन वह है जिसकी सायं संध्या में त्रयोदशी अधिक हो; किसी संध्या में त्रयोदशी न हो तो वह दिन जिसके सूर्योदय पर त्रयोदशी हो (तब पूरी संध्या दी जाती है)। अपने शहर के सूर्यास्त के लिए पंचांग देखें।
💰 धनतेरस 2026: सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त (नई दिल्ली)
शुक्रवार, 6 नवंबर — त्रयोदशी में खरीद का समय: 10:31–06:37* (IST)
शनिवार, 7 नवंबर — त्रयोदशी में खरीद का समय: 06:37–10:48 (IST)
धनतेरस की तिथि (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) जितनी देर रहे, वह पूरा समय सोना-चाँदी और बर्तन खरीदने के लिए शुभ माना जाता है; उसमें चर, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया सबसे उत्तम हैं। पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक है, इसलिए रात के बाद का समय उसी दिन में गिना गया है (* = अगली तारीख, सूर्योदय से पहले)। चौघड़िया नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त से हैं; अपने शहर के लिए चौघड़िया देखें।
🛁 नरक चतुर्दशी 2026: अभ्यंग स्नान मुहूर्त — शहर अनुसार
रविवार, 8 नवंबर: भोर में चंद्रोदय से सूर्योदय तक, जब चतुर्दशी चल रही हो (IST)। चतुर्दशी तिथि: 7 नवंबर 10:48 – 8 नवंबर 11:28। दिल्ली: 05:41–06:38।
मुहूर्त = चंद्रोदय (चंद्र-बिंब का केंद्र क्षितिज पर, अपवर्तन के बिना) से सूर्योदय तक, शहर के केंद्र के लिए। इस वर्ष नरक चतुर्दशी और दीपावली एक ही दिन हैं। स्नान की विधि के लिए अपने परिवार की परंपरा और पंडित से पूछें।
🪔 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026 — शहर अनुसार
दीपावली, रविवार, 8 नवंबर: प्रदोष काल में, जब स्थिर लग्न वृषभ उदय हो और अमावस्या चल रही हो (IST)। दिल्ली: प्रदोष काल 17:31–20:08, वृषभ लग्न 17:54–19:50।
प्रदोष काल = सूर्यास्त से रात्रि का पहला पाँचवाँ भाग; वृषभ लग्न शहर के अक्षांश-देशांतर से (लाहिड़ी अयनांश)। पूजा की विधि और किसी विशेष परंपरा के लिए अपने पंडित से पूछें।
🌑 दीपावली 2026: महानिशीथ काल लक्ष्मी पूजा मुहूर्त — शहर अनुसार
दीपावली की रात, रविवार, 8 नवंबर: निशीथ काल (आधी रात के आसपास) में, जब अमावस्या चल रही हो (IST)। साथ में स्थिर लग्न सिंह का समय। दिल्ली: निशीथ काल 23:39–00:31, सिंह लग्न 00:25–02:43।
निशीथ काल = सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक की रात के 15 मुहूर्तों में से 8वाँ; सिंह लग्न शहर के अक्षांश-देशांतर से (लाहिड़ी अयनांश), अलग से दिया गया है। उत्तर भारतीय पंचांगों के अनुसार महानिशीथ काल की पूजा मुख्यतः तांत्रिक साधना और अनुभवी पंडितों के लिए है; घर की लक्ष्मी पूजा के लिए सामान्यतः ऊपर दिया प्रदोष काल मुहूर्त बताया जाता है। अपने पंडित से पूछें।
🕰️ दीपावली 2026: शुभ चौघड़िया मुहूर्त (नई दिल्ली)
रविवार, 8 नवंबर — अमावस्या में पंचांग दिन का समय: 11:28–06:39* (IST)
दीपावली के दिन (सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक) जितनी देर अमावस्या रहे, उसमें पड़ने वाले चर, लाभ, अमृत और शुभ चौघड़िया; लगातार चौघड़िया एक साथ जोड़े गए हैं (* = अगली तारीख, सूर्योदय से पहले)। चौघड़िया मुहूर्त का उपयोग मुख्यतः दुकान-व्यापार की पूजा, बही-खाता, खरीदारी और यात्रा के लिए होता है; घर की लक्ष्मी पूजा के लिए उत्तर भारतीय पंचांग सामान्यतः ऊपर दिया प्रदोष काल और स्थिर लग्न का मुहूर्त बताते हैं। चौघड़िया नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त से हैं; अपने शहर के लिए चौघड़िया देखें।
🪔 भाई दूज 2026: तिलक का शुभ समय (अपराह्न) — शहर अनुसार
यम द्वितीया, बुधवार, 11 नवंबर (IST)। द्वितीया तिथि: 10 नवंबर 14:00 – 11 नवंबर 15:53। दिल्ली: अपराह्न 13:10–15:20।
अपराह्न = सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन का चौथा पाँचवाँ भाग, शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त से। उत्तर भारतीय पंचांगों के अनुसार भाई दूज पर बहन द्वारा भाई को तिलक अपराह्न में करना श्रेष्ठ माना जाता है। पूजा की विधि के लिए अपने पंडित से पूछें।
🌅 छठ पूजा 2026: अर्घ्य का समय — शहर अनुसार
संध्या अर्घ्य: रविवार, 15 नवंबर को सूर्यास्त; उषा अर्घ्य: सोमवार, 16 नवंबर को सूर्योदय (IST)।
छठ के चार दिन (नई दिल्ली)
सूर्य-बिंब के ऊपरी किनारे के क्षितिज पर आने का समय (वायुमंडलीय अपवर्तन सहित), शहर के केंद्र के लिए; घाट पर ऊँची इमारतें या पेड़ हों तो सूर्य कुछ मिनट बाद दिखता है या पहले छिप जाता है। चारों दिन नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार हैं: नहाय-खाय छठ से दो दिन पहले, खरना एक दिन पहले। व्रत की विधि के लिए अपने पंडित या घाट समिति से पूछें।
🐄 गोवर्धन पूजा 2026: प्रातःकाल और सायंकाल मुहूर्त (नई दिल्ली)
मंगलवार, 10 नवंबर — प्रतिपदा तिथि: 9 नवंबर 12:32 – 10 नवंबर 14:00।
प्रातःकाल = दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) का पहला पाँचवाँ भाग, सायंकाल = आखिरी पाँचवाँ भाग; दोनों उतने ही समय के लिए जितनी देर प्रतिपदा तिथि रहे। जिस काल में प्रतिपदा न हो, वह मुहूर्त नहीं दिखाया जाता। समय नई दिल्ली के लिए (IST) हैं; कुछ वर्षों में दूसरे शहरों में गोवर्धन पूजा का दिन अलग हो सकता है, इसलिए अपने शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त के लिए पंचांग देखें। इसी दिन अन्नकूट भी होता है।
🪔 देव दीपावली 2026: प्रदोष काल मुहूर्त (वाराणसी)
मंगलवार, 24 नवंबर — प्रदोष काल देव दीपावली मुहूर्त: 17:08–19:47 (वाराणसी, IST)। कार्तिक पूर्णिमा तिथि: 23 नवंबर 23:42 – 24 नवंबर 20:23।
देव दीपावली मुख्य रूप से काशी (वाराणसी) में गंगा घाटों पर दीपदान का पर्व है, इसलिए समय वाराणसी के लिए है। यह उस दिन मनाई जाती है जिसके प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात का पहला पाँचवाँ भाग) में पूर्णिमा अधिक हो — इसलिए कभी-कभी यह ऊपर की कार्तिक पूर्णिमा (उदया तिथि) से एक दिन पहले होती है। मुहूर्त पूरा प्रदोष काल है। अपने शहर के सूर्यास्त के लिए पंचांग देखें।
🙏 पितृ पक्ष 2027: श्राद्ध की तिथियाँ (नई दिल्ली)
| श्राद्ध | दिन | तिथि (IST) |
|---|---|---|
| पूर्णिमा श्राद्ध | बुधवार, 15 सितंबर | 15 सितंबर 02:48 – 16 सितंबर 04:33 |
| प्रतिपदा श्राद्ध | गुरुवार, 16 सितंबर | 16 सितंबर 04:33 – 17 सितंबर 05:52 |
| द्वितीया श्राद्ध | शुक्रवार, 17 सितंबर | 17 सितंबर 05:52 – 18 सितंबर 06:44 |
| तृतीया श्राद्ध | शनिवार, 18 सितंबर | 18 सितंबर 06:44 – 19 सितंबर 07:09 |
| चतुर्थी श्राद्ध | रविवार, 19 सितंबर | 19 सितंबर 07:09 – 20 सितंबर 07:09 |
| पंचमी श्राद्ध | सोमवार, 20 सितंबर | 20 सितंबर 07:09 – 21 सितंबर 06:43 |
| षष्ठी श्राद्ध | मंगलवार, 21 सितंबर | 21 सितंबर 06:43 – 22 सितंबर 05:52 |
| सप्तमी श्राद्ध | बुधवार, 22 सितंबर | 22 सितंबर 05:52 – 23 सितंबर 04:37 |
| अष्टमी श्राद्ध | गुरुवार, 23 सितंबर | 23 सितंबर 04:37 – 24 सितंबर 02:57 |
| नवमी श्राद्ध | शुक्रवार, 24 सितंबर | 24 सितंबर 02:57 – 25 सितंबर 00:55 |
| दशमी श्राद्ध | शनिवार, 25 सितंबर | 25 सितंबर 00:55 – 25 सितंबर 22:31 |
| एकादशी श्राद्ध | रविवार, 26 सितंबर | 25 सितंबर 22:31 – 26 सितंबर 19:49 |
| द्वादशी श्राद्ध | सोमवार, 27 सितंबर | 26 सितंबर 19:49 – 27 सितंबर 16:55 |
| त्रयोदशी श्राद्ध | मंगलवार, 28 सितंबर | 27 सितंबर 16:55 – 28 सितंबर 13:55 |
| चतुर्दशी श्राद्ध | मंगलवार, 28 सितंबर | 28 सितंबर 13:55 – 29 सितंबर 10:55 |
| सर्व पितृ अमावस्या | बुधवार, 29 सितंबर | 29 सितंबर 10:55 – 30 सितंबर 08:06 |
पितृ पक्ष भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक के 16 श्राद्ध हैं। जिस तिथि को पूर्वज का देहांत हुआ हो, उसी तिथि का श्राद्ध किया जाता है; तिथि ज्ञात न हो तो सर्व पितृ अमावस्या को। श्राद्ध अपराह्न में होता है, इसलिए हर तिथि का दिन वह है जिसके अपराह्न काल (दिन का चौथा पाँचवाँ भाग) में वह तिथि अधिक रहे — इसी कारण कभी दो श्राद्ध एक ही दिन पड़ते हैं और कभी किसी दिन कोई श्राद्ध नहीं होता। दिन नई दिल्ली के सूर्योदय-सूर्यास्त से हैं; अपने शहर के लिए पंचांग देखें।
🌊 माघ मेला 2027: प्रयागराज के प्रमुख स्नान की तिथियाँ
| स्नान पर्व | दिन |
|---|---|
| मकर संक्रांति | शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 |
| पौष पूर्णिमा कल्पवास आरंभ |
शुक्रवार, 22 जनवरी 2027 |
| मौनी अमावस्या | शनिवार, 6 फरवरी 2027 |
| वसंत पंचमी | गुरुवार, 11 फरवरी 2027 |
| माघी पूर्णिमा कल्पवास समाप्त |
शनिवार, 20 फरवरी 2027 |
| महाशिवरात्रि | शनिवार, 6 मार्च 2027 |
माघ मेला हर वर्ष प्रयागराज के संगम पर लगता है। ये छह स्नान उन्हीं दिनों पर हैं जो इस साइट के पंचांग में पहले से हैं: पौष और माघी पूर्णिमा व मौनी अमावस्या उदया तिथि से (पूर्णिमा / अमावस्या), मकर संक्रांति पुण्य काल के दिन से (संक्रांति), वसंत पंचमी और महाशिवरात्रि ऊपर की सूची से। मौनी अमावस्या सबसे बड़ा स्नान माना जाता है। दिन नई दिल्ली के सूर्योदय से हैं; मेला प्रशासन की घोषित सूची में कभी कोई स्नान एक दिन आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए यात्रा से पहले उसे भी देख लें।
🧵 रक्षा बंधन 2027: राखी बांधने का मुहूर्त (नई दिल्ली)
मंगलवार, 17 अगस्त 2027 — राखी बांधने का समय: 05:51–12:58 (IST)। भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त हो चुकी है। श्रावण पूर्णिमा: 16 अगस्त 10:29 – 17 अगस्त 12:58।
रक्षा बंधन श्रावण पूर्णिमा को होता है। अगले दिन के सूर्योदय के बाद पूर्णिमा कम से कम तीन मुहूर्त (दिनमान का 3/15 भाग, अगस्त में लगभग 2 घंटे 40 मिनट) रहे तो वही दिन, नहीं तो वह दिन जब पूर्णिमा शुरू होती है। पूर्णिमा के पहले आधे भाग में भद्रा (विष्टि करण) रहती है और भद्रा में राखी नहीं बांधी जाती; सबसे अच्छा समय अपराह्न (दिन का चौथा पाँचवाँ भाग) है, वह न मिले तो प्रदोष काल (सूर्यास्त से रात्रि का पहला पाँचवाँ भाग)। इसलिए समय = भद्रा के बाद से पूर्णिमा रहते, प्रदोष काल के अंत तक। सभी भद्रा काल भद्रा पेज पर हैं; 56 शहरों का मुहूर्त नीचे है।
🧵 रक्षा बंधन 2027: राखी बांधने का मुहूर्त — शहर अनुसार
भद्रा और पूर्णिमा हर जगह एक ही समय (IST) पर बदलती हैं, पर सूर्योदय, अपराह्न और प्रदोष काल शहर के अनुसार बदलते हैं, इसलिए मुहूर्त भी।
वही नियम जो ऊपर नई दिल्ली के लिए है, हर शहर के अपने सूर्योदय-सूर्यास्त से: भद्रा समाप्त होने के बाद, पूर्णिमा रहते, उस शहर के प्रदोष काल के अंत तक। "के बाद" = भद्रा प्रदोष काल के बाद समाप्त होती है।
❓ 2026 के त्योहार — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रथ सप्तमी 2026 कब है?
रथ सप्तमी 2026 में रविवार, 25 जनवरी को है (नई दिल्ली)। माघ शुक्ल सप्तमी: 25 जनवरी 00:40 – 25 जनवरी 23:10 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। माघ शुक्ल सप्तमी को सूर्य जयंती (अचला सप्तमी / माघ सप्तमी) के रूप में मनाया जाता है; सूर्योदय से पहले (अरुणोदय में) स्नान करके उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, इसलिए दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर सप्तमी हो। इसके अगले दिन प्रायः भीष्म अष्टमी होती है।
भीष्म अष्टमी 2026 कब है?
भीष्म अष्टमी 2026 में सोमवार, 26 जनवरी को है (नई दिल्ली)। माघ शुक्ल अष्टमी: 25 जनवरी 23:10 – 26 जनवरी 21:18 (IST); दिन मध्याह्न के नियम से तय होता है। माघ शुक्ल अष्टमी को भीष्म पितामह ने उत्तरायण में देह त्यागी थी; इस दिन उनके लिए तर्पण और एकोदिष्ट श्राद्ध दोपहर (मध्याह्न) में किया जाता है, इसलिए दिन वह है जिसके मध्याह्न में अष्टमी अधिक हो।
गुरु रविदास जयंती 2026 कब है?
गुरु रविदास जयंती 2026 में रविवार, 1 फरवरी को है (नई दिल्ली)। माघ पूर्णिमा: 1 फरवरी 05:53 – 2 फरवरी 03:39 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। संत गुरु रविदास का जन्मोत्सव माघ पूर्णिमा को मनाया जाता है; इस दिन उनकी वाणी का पाठ, शोभा यात्रा और लंगर होते हैं।
महाशिवरात्रि 2026 कब है?
महाशिवरात्रि 2026 में रविवार, 15 फरवरी को है (नई दिल्ली)। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी: 15 फरवरी 17:05 – 16 फरवरी 17:34 (IST); दिन निशीथ काल के नियम से तय होता है।
फुलेरा दूज 2026 कब है?
फुलेरा दूज 2026 में गुरुवार, 19 फरवरी को है (नई दिल्ली)। फाल्गुन शुक्ल द्वितीया: 18 फरवरी 16:58 – 19 फरवरी 15:59 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को ब्रज में राधा-कृष्ण को फूल अर्पित कर फूलों की होली खेली जाती है और यहीं से होली के उत्सव की शुरुआत मानी जाती है।
रंग पंचमी 2026 कब है?
रंग पंचमी 2026 में रविवार, 8 मार्च को है (नई दिल्ली)। चैत्र कृष्ण पंचमी: 7 मार्च 19:17 – 8 मार्च 21:11 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। पूर्णिमांत चैत्र कृष्ण पंचमी को रंग पंचमी मनाई जाती है — होली के बाद रंगों का यह पर्व विशेषकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में खेला जाता है। दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर पंचमी हो, भले पंचमी पिछले दिन शुरू हुई हो।
गुड़ी पड़वा / उगादि 2026 कब है?
गुड़ी पड़वा / उगादि 2026 में गुरुवार, 19 मार्च को है (नई दिल्ली)। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: 19 मार्च 06:53 – 20 मार्च 04:52 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। इसी दिन शक संवत 1948 शुरू होता है और चैत्र नवरात्रि भी आरंभ होती है; महाराष्ट्र में इसे गुड़ी पड़वा और कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में उगादि (युगादि) के रूप में नव वर्ष की तरह मनाया जाता है।
गणगौर 2026 कब है?
गणगौर 2026 में शनिवार, 21 मार्च को है (नई दिल्ली)। चैत्र शुक्ल तृतीया: 21 मार्च 02:31 – 21 मार्च 23:56 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। चैत्र शुक्ल तृतीया को गणगौर पूजा होती है — विशेषकर राजस्थान और मालवा में महिलाएँ शिव-पार्वती (ईसर-गौर) की पूजा करती हैं; होली के अगले दिन से चलने वाली गौरी पूजा इसी दिन पूरी होती है। दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर तृतीया हो, भले तृतीया पिछले दिन शुरू हुई हो। यह चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन होता है।
महावीर जयंती 2026 कब है?
महावीर जयंती 2026 में मंगलवार, 31 मार्च को है (नई दिल्ली)। चैत्र शुक्ल त्रयोदशी: 30 मार्च 07:10 – 31 मार्च 06:56 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती मनाई जाती है; दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर त्रयोदशी हो, भले ही त्रयोदशी पिछले दिन सुबह शुरू हो गई हो। कुछ जैन समाजों के कैलेंडर में दिन अलग हो सकता है, स्थानीय घोषणा भी देख लें।
परशुराम जयंती 2026 कब है?
परशुराम जयंती 2026 में रविवार, 19 अप्रैल को है (नई दिल्ली)। वैशाख शुक्ल तृतीया: 19 अप्रैल 10:49 – 20 अप्रैल 07:28 (IST); दिन प्रदोष काल के नियम से तय होता है। वैशाख शुक्ल तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्मोत्सव मनाया जाता है; उनका जन्म रात्रि के पहले प्रहर में माना जाता है, इसलिए दिन वह है जिसके प्रदोष काल में तृतीया हो (दोनों दिन हो तो दूसरा दिन)। यह अक्सर अक्षय तृतीया के दिन ही होती है, पर कभी एक दिन पहले भी।
गंगा सप्तमी 2026 कब है?
गंगा सप्तमी 2026 में गुरुवार, 23 अप्रैल को है (नई दिल्ली)। वैशाख शुक्ल सप्तमी: 22 अप्रैल 22:50 – 23 अप्रैल 20:49 (IST); दिन मध्याह्न के नियम से तय होता है। वैशाख शुक्ल सप्तमी को गंगा जयंती मनाई जाती है — मान्यता है कि इसी दिन गंगा का पुनर्जन्म (ऋषि जह्नु के कान से प्रकट होना) हुआ था; गंगा स्नान और पूजा दोपहर (मध्याह्न) में होती है, इसलिए दिन वह है जिसके मध्याह्न में सप्तमी अधिक हो। यह ज्येष्ठ के गंगा दशहरा से अलग पर्व है।
सीता नवमी 2026 कब है?
सीता नवमी 2026 में शनिवार, 25 अप्रैल को है (नई दिल्ली)। वैशाख शुक्ल नवमी: 24 अप्रैल 19:22 – 25 अप्रैल 18:28 (IST); दिन मध्याह्न के नियम से तय होता है। वैशाख शुक्ल नवमी को माता सीता के प्राकट्य का पर्व (जानकी जयंती) मनाया जाता है; सीता-राम की पूजा दोपहर (मध्याह्न) में होती है, इसलिए दिन वह है जिसके मध्याह्न में नवमी अधिक हो। यह राम नवमी के लगभग एक महीने बाद आती है।
बुद्ध पूर्णिमा 2026 कब है?
बुद्ध पूर्णिमा 2026 में शुक्रवार, 1 मई को है (नई दिल्ली)। वैशाख पूर्णिमा: 30 अप्रैल 21:13 – 1 मई 22:53 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। वैशाख पूर्णिमा को भगवान बुद्ध की जयंती (बुद्ध जयंती) मनाई जाती है; इसी दिन वैशाख पूर्णिमा का स्नान-दान भी होता है, इसलिए दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर पूर्णिमा हो।
शनि जयंती 2026 कब है?
शनि जयंती 2026 में शनिवार, 16 मई को है (नई दिल्ली)। ज्येष्ठ अमावस्या: 16 मई 05:11 – 17 मई 01:31 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। ज्येष्ठ अमावस्या (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में वैशाख अमावस्या) को शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाता है; दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर अमावस्या हो। उत्तर भारत में वट सावित्री व्रत भी इसी अमावस्या को होता है, पर उसका दिन मध्याह्न के नियम से तय होने के कारण कभी एक दिन पहले पड़ सकता है।
गंगा दशहरा 2026 कब है?
गंगा दशहरा 2026 में सोमवार, 25 मई को है (नई दिल्ली)। अधिक ज्येष्ठ शुक्ल दशमी: 25 मई 04:31 – 26 मई 05:11 (IST); दिन पूर्वाह्न के नियम से तय होता है। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का पर्व मनाया जाता है; गंगा स्नान और दान सुबह (पूर्वाह्न में) किए जाते हैं, इसलिए दिन वह है जिसके पूर्वाह्न में दशमी अधिक हो। जिस वर्ष ज्येष्ठ अधिक मास होता है, उस वर्ष गंगा दशहरा अधिक ज्येष्ठ की दशमी को ही मनाया जाता है।
महेश नवमी 2026 कब है?
महेश नवमी 2026 में मंगलवार, 23 जून को है (नई दिल्ली)। ज्येष्ठ शुक्ल नवमी: 22 जून 15:40 – 23 जून 16:40 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। ज्येष्ठ शुक्ल नवमी को भगवान शिव (महेश) और माता पार्वती की पूजा की जाती है; माहेश्वरी समाज इसे अपने उद्भव का दिन मानकर विशेष रूप से मनाता है। दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर नवमी हो, भले नवमी पिछले दिन शुरू हुई हो। अधिक ज्येष्ठ वाले वर्ष में यह सामान्य (निज) ज्येष्ठ में आती है।
कबीरदास जयंती 2026 कब है?
कबीरदास जयंती 2026 में सोमवार, 29 जून को है (नई दिल्ली)। ज्येष्ठ पूर्णिमा: 29 जून 03:06 – 30 जून 05:26 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। संत कबीरदास की जयंती ज्येष्ठ पूर्णिमा को मनाई जाती है; इस दिन उनके दोहों और साखियों का पाठ होता है।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 कब है?
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 में गुरुवार, 16 जुलाई को है (नई दिल्ली)। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया: 15 जुलाई 11:51 – 16 जुलाई 08:53 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को पुरी (ओडिशा) में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा निकलती है; देश के कई शहरों में भी रथ यात्राएँ होती हैं। दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर द्वितीया हो, भले द्वितीया पिछले दिन शुरू हुई हो।
हरियाली तीज 2026 कब है?
हरियाली तीज 2026 में शनिवार, 15 अगस्त को है (नई दिल्ली)। श्रावण शुक्ल तृतीया: 14 अगस्त 18:47 – 15 अगस्त 17:29 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। श्रावण शुक्ल तृतीया को महिलाएँ शिव-पार्वती की पूजा और सौभाग्य के लिए व्रत करती हैं; सावन की हरियाली के इस पर्व पर झूले और हरे वस्त्रों की परंपरा है। दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर तृतीया हो (किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जिसमें तृतीया अधिक रहे)। यह प्रायः नाग पंचमी से दो दिन पहले पड़ती है।
तुलसीदास जयंती 2026 कब है?
तुलसीदास जयंती 2026 में बुधवार, 19 अगस्त को है (नई दिल्ली)। श्रावण शुक्ल सप्तमी: 18 अगस्त 17:51 – 19 अगस्त 19:20 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। श्रावण शुक्ल सप्तमी को रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास की जयंती मनाई जाती है; इस दिन रामचरितमानस का पाठ और राम-कथा होती है। दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर सप्तमी हो, भले सप्तमी पिछले दिन शुरू हुई हो। यह नाग पंचमी के दो दिन बाद आती है।
कजरी तीज 2026 कब है?
कजरी तीज 2026 में सोमवार, 31 अगस्त को है (नई दिल्ली)। भाद्रपद कृष्ण तृतीया: 30 अगस्त 09:37 – 31 अगस्त 08:51 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। भाद्रपद कृष्ण तृतीया (पूर्णिमांत; अमांत पंचांग में श्रावण कृष्ण तृतीया) को कजरी (कजली) तीज का व्रत रखा जाता है; दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर तृतीया हो, भले ही तृतीया पिछले दिन सुबह शुरू हो गई हो। यह हरियाली तीज के लगभग पंद्रह दिन बाद और हरतालिका तीज से लगभग पंद्रह दिन पहले आती है।
हरतालिका तीज 2026 कब है?
हरतालिका तीज 2026 में सोमवार, 14 सितंबर को है (नई दिल्ली)। भाद्रपद शुक्ल तृतीया: 13 सितंबर 07:08 – 14 सितंबर 07:07 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। भाद्रपद शुक्ल तृतीया को महिलाएँ रेत या मिट्टी से बने शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और प्रायः निर्जला व्रत रखती हैं; पूजा सुबह (प्रातःकाल) की जाती है, इसलिए दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर तृतीया हो (किसी सूर्योदय पर न हो तो वह दिन जिसमें तृतीया अधिक रहे)। यह प्रायः गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले पड़ती है।
गणेश चतुर्थी 2026 कब है?
गणेश चतुर्थी 2026 में सोमवार, 14 सितंबर को है (नई दिल्ली)। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: 14 सितंबर 07:07 – 15 सितंबर 07:44 (IST); दिन मध्याह्न के नियम से तय होता है।
ऋषि पंचमी 2026 कब है?
ऋषि पंचमी 2026 में मंगलवार, 15 सितंबर को है (नई दिल्ली)। भाद्रपद शुक्ल पंचमी: 15 सितंबर 07:44 – 16 सितंबर 08:59 (IST); दिन मध्याह्न के नियम से तय होता है। भाद्रपद शुक्ल पंचमी को सप्तऋषियों की पूजा की जाती है और महिलाएँ व्रत रखती हैं; पूजा दोपहर (मध्याह्न) में होती है, इसलिए दिन वह है जिसके मध्याह्न में पंचमी अधिक हो। यह प्रायः गणेश चतुर्थी के अगले दिन पड़ती है।
जीवित्पुत्रिका व्रत 2026 कब है?
जीवित्पुत्रिका व्रत 2026 में शनिवार, 3 अक्टूबर को है (नई दिल्ली)। आश्विन कृष्ण अष्टमी: 3 अक्टूबर 08:00 – 4 अक्टूबर 05:52 (IST); दिन पूर्वाह्न के नियम से तय होता है। आश्विन कृष्ण अष्टमी को माताएँ संतान की लंबी आयु और कुशलता के लिए निर्जला व्रत रखती हैं; यह मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है। पूजा सुबह स्नान के बाद होती है, इसलिए व्रत उस दिन है जिसके पूर्वाह्न में अष्टमी अधिक हो। व्रत से एक दिन पहले नहाय-खाय होता है और पारण अगले दिन किया जाता है।
शारदीय नवरात्रि 2026 कब से है?
शारदीय नवरात्रि 2026 में रविवार, 11 अक्टूबर से है (नई दिल्ली)। आश्विन शुक्ल प्रतिपदा: 10 अक्टूबर 21:20 – 11 अक्टूबर 21:31 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है।
दशहरा 2026 कब है?
दशहरा 2026 में मंगलवार, 20 अक्टूबर को है (नई दिल्ली)। आश्विन शुक्ल दशमी: 20 अक्टूबर 12:50 – 21 अक्टूबर 14:12 (IST); दिन अपराह्न के नियम से तय होता है।
शरद पूर्णिमा 2026 कब है?
शरद पूर्णिमा 2026 में रविवार, 25 अक्टूबर को है (नई दिल्ली)। आश्विन पूर्णिमा: 25 अक्टूबर 11:56 – 26 अक्टूबर 09:41 (IST); दिन निशीथ काल के नियम से तय होता है।
वाल्मीकि जयंती 2026 कब है?
वाल्मीकि जयंती 2026 में सोमवार, 26 अक्टूबर को है (नई दिल्ली)। आश्विन पूर्णिमा: 25 अक्टूबर 11:56 – 26 अक्टूबर 09:41 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। आश्विन पूर्णिमा को रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की जयंती मनाई जाती है; दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर पूर्णिमा हो। शरद पूर्णिमा का दिन रात (निशीथ काल) से तय होता है, इसलिए वाल्मीकि जयंती कई वर्षों में शरद पूर्णिमा के अगले दिन पड़ती है।
करवा चौथ 2026 कब है?
करवा चौथ 2026 में गुरुवार, 29 अक्टूबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी: 29 अक्टूबर 01:07 – 29 अक्टूबर 22:10 (IST); दिन चंद्रोदय के नियम से तय होता है।
अहोई अष्टमी 2026 कब है?
अहोई अष्टमी 2026 में रविवार, 1 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक कृष्ण अष्टमी: 1 नवंबर 14:52 – 2 नवंबर 13:11 (IST); दिन प्रदोष काल के नियम से तय होता है।
गोवत्स द्वादशी 2026 कब है?
गोवत्स द्वादशी 2026 में गुरुवार, 5 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक कृष्ण द्वादशी: 5 नवंबर 10:36 – 6 नवंबर 10:31 (IST); दिन प्रदोष काल के नियम से तय होता है।
धनतेरस 2026 कब है?
धनतेरस 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी: 6 नवंबर 10:31 – 7 नवंबर 10:48 (IST); दिन प्रदोष काल के नियम से तय होता है।
धन्वंतरि जयंती 2026 कब है?
धन्वंतरि जयंती 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी: 6 नवंबर 10:31 – 7 नवंबर 10:48 (IST); दिन प्रदोष काल के नियम से तय होता है। यह धनतेरस का ही दिन है। धन्वंतरि पूजा का प्रातःकाल मुहूर्त (नई दिल्ली): 06:36–08:48 IST (दिनमान का पहला पाँचवाँ भाग)।
काली चौदस 2026 कब है?
काली चौदस 2026 में शनिवार, 7 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: 7 नवंबर 10:48 – 8 नवंबर 11:28 (IST); दिन निशीथ काल के नियम से तय होता है। इसकी पूजा आधी रात (निशीथ काल) में होती है; नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान भोर में होता है, इसलिए वह प्रायः अगले दिन पड़ता है। दीपावली की हनुमान पूजा (गुजरात और अयोध्या की परंपरा में कार्तिक हनुमान जयंती) भी इसी दिन होती है; उत्तर भारत में हनुमान जयंती प्रायः चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है।
नरक चतुर्दशी 2026 कब है?
नरक चतुर्दशी 2026 में रविवार, 8 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: 7 नवंबर 10:48 – 8 नवंबर 11:28 (IST); दिन चंद्रोदय से सूर्योदय (भोर) के नियम से तय होता है। अभ्यंग स्नान मुहूर्त (दिल्ली): 05:41–06:38 IST। इस वर्ष दीपावली भी इसी दिन है।
दीपावली 2026 कब है?
दीपावली 2026 में रविवार, 8 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक अमावस्या: 8 नवंबर 11:28 – 9 नवंबर 12:32 (IST); दिन प्रदोष काल के नियम से तय होता है।
गोवर्धन पूजा 2026 कब है?
गोवर्धन पूजा 2026 में मंगलवार, 10 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा: 9 नवंबर 12:32 – 10 नवंबर 14:00 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है।
गुजराती नव वर्ष 2026 कब है?
गुजराती नव वर्ष 2026 में मंगलवार, 10 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा: 9 नवंबर 12:32 – 10 नवंबर 14:00 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। इस दिन विक्रम संवत 2083 शुरू होता है।
भाई दूज 2026 कब है?
भाई दूज 2026 में बुधवार, 11 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल द्वितीया: 10 नवंबर 14:00 – 11 नवंबर 15:53 (IST); दिन अपराह्न के नियम से तय होता है।
चित्रगुप्त पूजा 2026 कब है?
चित्रगुप्त पूजा 2026 में बुधवार, 11 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल द्वितीया: 10 नवंबर 14:00 – 11 नवंबर 15:53 (IST); दिन अपराह्न के नियम से तय होता है।
लाभ पंचमी 2026 कब है?
लाभ पंचमी 2026 में शनिवार, 14 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल पंचमी: 13 नवंबर 20:43 – 14 नवंबर 23:24 (IST); दिन पूर्वाह्न के नियम से तय होता है।
छठ पूजा 2026 कब है?
छठ पूजा 2026 में रविवार, 15 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल षष्ठी: 14 नवंबर 23:24 – 16 नवंबर 02:01 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है।
गोपाष्टमी 2026 कब है?
गोपाष्टमी 2026 में मंगलवार, 17 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल अष्टमी: 17 नवंबर 04:20 – 18 नवंबर 06:05 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है।
अक्षय नवमी 2026 कब है?
अक्षय नवमी 2026 में बुधवार, 18 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल नवमी: 18 नवंबर 06:05 – 19 नवंबर 07:06 (IST); दिन पूर्वाह्न के नियम से तय होता है।
तुलसी विवाह 2026 कब है?
तुलसी विवाह 2026 में शनिवार, 21 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल द्वादशी: 21 नवंबर 06:31 – 22 नवंबर 04:56 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है।
वैकुंठ चतुर्दशी 2026 कब है?
वैकुंठ चतुर्दशी 2026 में सोमवार, 23 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी: 23 नवंबर 02:37 – 23 नवंबर 23:42 (IST); दिन निशीथ काल के नियम से तय होता है।
गुरु नानक जयंती 2026 कब है?
गुरु नानक जयंती 2026 में मंगलवार, 24 नवंबर को है (नई दिल्ली)। कार्तिक पूर्णिमा: 23 नवंबर 23:42 – 24 नवंबर 20:23 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। यह गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व है, जो कार्तिक पूर्णिमा को मनाया जाता है; कुछ गुरुद्वारों के कैलेंडर में तिथि अलग हो सकती है।
काल भैरव जयंती 2026 कब है?
काल भैरव जयंती 2026 में मंगलवार, 1 दिसंबर को है (नई दिल्ली)। मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी: 1 दिसंबर 00:12 – 1 दिसंबर 23:14 (IST); दिन रात्रि व्यापिनी (रात्रि आरंभ में तिथि) के नियम से तय होता है।
विवाह पंचमी 2026 कब है?
विवाह पंचमी 2026 में सोमवार, 14 दिसंबर को है (नई दिल्ली)। मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी: 13 दिसंबर 16:48 – 14 दिसंबर 19:16 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है।
दत्तात्रेय जयंती 2026 कब है?
दत्तात्रेय जयंती 2026 में बुधवार, 23 दिसंबर को है (नई दिल्ली)। मार्गशीर्ष पूर्णिमा: 23 दिसंबर 10:47 – 24 दिसंबर 06:58 (IST); दिन प्रदोष काल के नियम से तय होता है।
अन्नपूर्णा जयंती 2026 कब है?
अन्नपूर्णा जयंती 2026 में बुधवार, 23 दिसंबर को है (नई दिल्ली)। मार्गशीर्ष पूर्णिमा: 23 दिसंबर 10:47 – 24 दिसंबर 06:58 (IST); दिन उदया तिथि के नियम से तय होता है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा को माता अन्नपूर्णा — अन्न देने वाली माता पार्वती — की पूजा होती है; इस दिन रसोई और अन्न का पूजन और अन्नदान करने की परंपरा है। दिन उदया तिथि से तय होता है — जिस सूर्योदय पर पूर्णिमा हो, भले पूर्णिमा पिछले दिन शुरू हुई हो। दत्तात्रेय जयंती भी इसी पूर्णिमा को है, पर वह प्रदोष काल के नियम से तय होती है, इसलिए कभी-कभी एक दिन पहले पड़ती है।
भीष्म पंचक 2026 कब से कब तक है?
भीष्म पंचक 2026 में शुक्रवार, 20 नवंबर से मंगलवार, 24 नवंबर तक है (5 दिन, नई दिल्ली)। यह कार्तिक मास के अंतिम दिन हैं — कार्तिक शुक्ल एकादशी (देवउठनी एकादशी, स्मार्त व्रत का दिन) से कार्तिक पूर्णिमा तक; पूर्णिमा तिथि 24 नवंबर 20:23 IST पर समाप्त होती है। परंपरा में इन दिनों भीष्म पंचक व्रत रखा जाता है और भीष्म पितामह को तर्पण किया जाता है। वैष्णव पंचांग में एकादशी एक दिन बाद हो तो आरंभ भी एक दिन बाद माना जाता है।
पितृ पक्ष 2027 कब से कब तक है?
पितृ पक्ष 2027 में बुधवार, 15 सितंबर (पूर्णिमा श्राद्ध) से बुधवार, 29 सितंबर (सर्व पितृ अमावस्या) तक है (नई दिल्ली)। हर तिथि का श्राद्ध उस दिन होता है जिसके अपराह्न काल में वह तिथि अधिक रहे; पूरी सूची ऊपर पितृ पक्ष खंड में है।
वसंत पंचमी 2027 पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
वसंत पंचमी 2027 में गुरुवार, 11 फरवरी को है। दिल्ली में सरस्वती पूजा का मुहूर्त (पूर्वाह्न, सूर्योदय से मध्याह्न): 07:03–12:36 IST। शुक्ल पंचमी: 11 फरवरी 03:05 – 12 फरवरी 03:18 (IST)। दूसरे शहरों का समय ऊपर की सूची में है।
माघ मेला 2027 के स्नान कब हैं?
प्रयागराज माघ मेला 2027 के छह प्रमुख स्नान: मकर संक्रांति — शुक्रवार, 15 जनवरी; पौष पूर्णिमा — शुक्रवार, 22 जनवरी; मौनी अमावस्या — शनिवार, 6 फरवरी; वसंत पंचमी — गुरुवार, 11 फरवरी; माघी पूर्णिमा — शनिवार, 20 फरवरी; महाशिवरात्रि — शनिवार, 6 मार्च। दिन नई दिल्ली के पंचांग से हैं; मेला प्रशासन की घोषित सूची में कभी कोई स्नान एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
रक्षा बंधन 2027 कब है और राखी बांधने का मुहूर्त क्या है?
रक्षा बंधन 2027 में मंगलवार, 17 अगस्त को है (नई दिल्ली)। राखी बांधने का समय: 05:51–12:58 IST (भद्रा सूर्योदय से पहले समाप्त)। श्रावण पूर्णिमा: 16 अगस्त 10:29 – 17 अगस्त 12:58 (IST)।
यम दीपम (यम दीपदान) 2026 कब है?
यम दीपम 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर को है (नई दिल्ली)। यम दीपदान का समय (सायं संध्या): 17:32–18:51 IST। कृष्ण त्रयोदशी: 6 नवंबर 10:31 – 7 नवंबर 10:48 (IST)।
ℹ️ दिन कैसे तय होता है?
हर त्योहार एक चंद्र मास की एक तिथि पर होता है (महीने का नाम पूर्णिमांत पद्धति से)। पर तिथि सूर्योदय से नहीं बदलती, इसलिए धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु के नियम से देखा जाता है कि दिन के किस काल में तिथि होनी चाहिए — जैसे दीपावली और धनतेरस में प्रदोष काल, गणेश चतुर्थी और राम नवमी में मध्याह्न, वसंत पंचमी और अक्षय नवमी में पूर्वाह्न, दशहरा और भाई दूज में अपराह्न, महाशिवरात्रि और शरद पूर्णिमा में निशीथ काल, करवा चौथ में चंद्रोदय, और बाकी में उदया तिथि। जिस दिन उस काल में तिथि अधिक समय तक रहती है, त्योहार उसी दिन होता है। काल भैरव जयंती रात्रि व्यापिनी अष्टमी पर होती है: वह पहली रात जिसके प्रदोष काल में अष्टमी हो। अधिक मास में त्योहार नहीं गिने जाते — केवल गंगा दशहरा अधिक ज्येष्ठ में ही मनाया जाता है।
होलिका दहन और जन्माष्टमी यहाँ नहीं हैं, क्योंकि उनका दिन भद्रा या रोहिणी नक्षत्र पर भी निर्भर करता है; रक्षा बंधन (भद्रा के बाद का मुहूर्त) ऊपर है। एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और प्रदोष की तिथियाँ अलग पेज पर हैं।
🌕 पूर्णिमा / अमावस्या / एकादशी → · 🗓️ मासिक पंचांग → · ☀️ संक्रांति →