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मंगलवार को घर पर हनुमान चालीसा पूजा विधि

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लेखक
डॉ. प्रिया नायर
नक्षत्र और ग्रह प्रभाव की शोधकर्ता एवं लेखिका।
Tuesday Hanuman Chalisa Puja Vidhi at Home

हर मंगलवार की सुबह भारत भर में लाखों भक्त एक ही उद्देश्य के साथ जागते हैं—भगवान हनुमान का आशीर्वाद पाना, जो साहस, भक्ति और अटूट विश्वास का प्रतीक हैं। मंगलवार को घर की अपनी पवित्र जगह पर हनुमान चालीसा का पाठ करने में कुछ गहरी शांति है। मंगलवार वह दिन है जो मंगल ग्रह के शासन में आता है, जो ताकत और सुरक्षा का प्रतीक है। अगर आप कभी परेशानियों से घबराए हैं या जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति चाहते हैं, तो यह प्राचीन परंपरा आपको वह रास्ता दिखा सकती है।

आपको क्या चाहिए (पूजा सामग्री)

घर पर सही तरीके से मंगलवार की हनुमान चालीसा पूजा करने के लिए ये चीजें इकट्ठा करें:

  • हनुमान की मूर्ति या हनुमान यंत्र (पवित्र ज्यामितीय डिजाइन)
  • कलश (पानी से भरा पवित्र तांबे या पीतल का बर्तन)
  • अक्षत (अखंड चावल के दाने)
  • चंदन (चंदन का लेप)
  • कुंकुम (सिंदूर पाउडर)
  • पुष्प (ताजे फूल, खासकर लाल फूल जैसे गेंदा या गुड़हल)
  • दीया (घी या नारियल के तेल का दीपक)
  • आरती सामग्री (आरती के लिए कपूर)
  • माला (108 मनकों की माला, अधिमानतः)
  • बेसन के लड्डू या पंजीरी (भगवान हनुमान को चढ़ावा)
  • घी और गुड़ (भेंट के रूप में)
  • अगरबत्ती (धूप)

चरण-दर-चरण पूजा विधि

अपनी मंगलवार की हनुमान चालीसा पूजा को सही तरीके से करने के लिए ये 12 पवित्र कदम अपनाएं:

  1. अपनी जगह तैयार करें — पूजा की जगह को अच्छी तरह साफ करें और कुछ बूंदें गुलाब के पानी की डालकर पानी छिड़ाएं। हनुमान की मूर्ति या यंत्र को ऊंचे मंच पर रखें, जो पूर्व या उत्तर की ओर हो।

  2. ध्यान में बैठें — अपने आप को कमल की मुद्रा में या किसी भी ध्यान की मुद्रा में आरामदायक तरीके से बैठाएं। अपनी आंखें बंद करें और तीन गहरी सांसें लें, अपने मन और दिल को भगवान हनुमान के दिव्य रूप पर केंद्रित करें।

  3. दिशाओं को आमंत्रित करें — अपने दोनों हाथों को अपने दिल पर लगाएं और मानसिक रूप से चारों दिशाओं के दिव्य रक्षकों को आपकी पूजा की जगह को आशीर्वाद देने के लिए बुलाएं।

  4. चंदन और कुंकुम लगाएं — अपनी अनामिका उंगली से मूर्ति के माथे और छाती पर चंदन का लेप लगाएं। तिलक वाली जगह पर कुंकुम छिड़ाएं, यह भक्ति का प्रतीक है।

  5. फूल चढ़ाएं — मूर्ति के पैरों पर ताजे फूल रखें और "ॐ हनुमते नमः" (मैं हनुमान को प्रणाम करता हूं) कहते हुए चढ़ाएं। मंगलवार को लाल फूल खासतौर पर शक्तिशाली माने जाते हैं।

  6. दीया जलाएं — "ॐ श्रीम हनुमते नमः" कहते हुए घी के साथ दीये को जलाएं। यह दीये की लौ ज्ञान की अनंत रोशनी है जो अंधकार को दूर करती है।

  7. कलश रखें — पानी से भरे कलश को मूर्ति के दाईं ओर रखें। ऊपर अक्षत (चावल के दाने) छिड़ाएं—यह समृद्धि और आध्यात्मिक प्रचुरता का प्रतीक है।

  8. हनुमान चालीसा का पाठ करें — यह आपकी पूजा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। हनुमान चालीसा के सभी 40 दोहों को धीमे और ध्यान से पढ़ें। अगर आप शुरुआत कर रहे हैं, तो मुद्रित किताबों या रिकॉर्ड किए गए संस्करणों की मदद ले सकते हैं। पूरा पाठ आमतौर पर 15-20 मिनट में हो जाता है।

  9. आरती करें — जलती हुई कपूर या दीये को मूर्ति के सामने दक्षिणावर्त (घड़ी की सुई की दिशा में) घुमाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और आपके आध्यात्मिक पथ को रोशन करने का प्रतीक है। "आरती कुंज बिहारी की" या कोई अन्य परंपरागत हनुमान आरती गाएं।

  10. प्रसाद चढ़ाएं — बेसन के लड्डू या पंजीरी को मूर्ति के पैरों पर रखें। पानी और ताजे फल भी चढ़ाएं अगर मिल सकते हैं। ये भेंट आपकी कृतज्ञता और विनम्रता का प्रतीक हैं।

  11. मौन में बैठें — 2-3 मिनट तक शांत ध्यान में बैठे रहें और जिस दिव्य ऊर्जा को आपने जागृत किया है उसे महसूस करें। अपने दिल और मन में हनुमान की मौजूदगी को अनुभव करें।

  12. प्रसाद बांटें — आशीर्वाद प्राप्त भेंट को परिवार के सदस्यों के साथ बांटें या पड़ोसियों को दें। यह दिव्य आशीर्वाद को आपके घर से परे फैलाता है।

सबसे अच्छा समय (शुभ मुहूर्त)

मंगलवार की सुबह 5:00 से 7:00 बजे तक हनुमान की पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है, जब शुद्ध (सात्विक) ऊर्जा होती है।

आपके स्थान पर सूर्

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