Somvar Vrat Puja Vidhi Monday Shiva Fasting Ritual | मंत्रज्योति 
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सोमवार व्रत पूजा विधि सोमवार शिव उपवास अनुष्ठान

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लेखक
दीपा कृष्णन
ग्रह गोचर, ग्रहण और रत्न उपायों पर स्तंभकार।
Somvar Vrat Puja Vidhi Monday Shiva Fasting Ritual

सोमवार की सुबह शांत शिवलिंग के सामने बैठकर अपने आप को देखें, घंटियाँ धीरे-धीरे बज रही हों, और आपके दिल में भक्ति भरी हो। सोमवार व्रत (भगवान शिव को समर्पित सोमवार का व्रत) भारत के सबसे प्रिय और सुलभ अनुष्ठानों में से एक है, जिसे लाखों लोग स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक जागरण का आशीर्वाद पाने के लिए करते हैं। चाहे आप जीवन की परेशानियों से मुक्ति चाहते हों या महादेव के साथ अपना रिश्ता गहरा करना चाहते हों, यह प्राचीन प्रथा एक साधारण सोमवार को भक्ति का पवित्र दिन बना देती है।

आपको जो चीजें चाहिए (पूजा सामग्री)

अपने सोमवार व्रत पूजा को शुरू करने से पहले ये सामग्रियाँ इकट्ठा करें:

  • बिल्व पत्र (पवित्र बेल के पत्ते) — 3-5 पत्ते
  • जल (पानी) — अधिमानतः गंगा का जल या शुद्ध झरने का पानी
  • अक्षत (हल्दी मिले अटूट चावल)
  • फूल (फूल) — सफेद या नीले रंग के फूल, खासकर चमेली या भक्ति के फूल
  • दीया (तेल का दीपक) — तिल का तेल और कपास की बत्ती के साथ
  • धूप और अगरबत्ती (सुगंधित धूप और गंधयुक्त धुआँ)
  • नैवेद्य (भोजन का अर्पण) — फल, दूध, शहद, या खीर (चावल की खीर)
  • चाँदनी (सफेद कपड़ा) — शिवलिंग या वेदी को ढकने के लिए
  • माला (मनके की माला) — मंत्र जाप के लिए 108 मनकों वाली
  • घी (शुद्ध मक्खन) — शिवलिंग को अभिषेक करने के लिए
  • रुद्राक्ष (पवित्र मनके) — वैकल्पिक लेकिन आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली
  • पंचामृत (पाँच पवित्र अमृत) — दूध, दही, शहद, घी और गुड़

चरण दर चरण पूजा विधि

इन 12 पवित्र चरणों का पालन करके अपने सोमवार व्रत की पूजा भक्ति से करें:

  1. सुबह जल्दी उठें और नहाएँ — सूर्योदय से पहले जागें, शुद्धिकरण के लिए नहाएँ, और शिव के ऊर्जा रंग को सम्मानित करने के लिए सफेद या नीले कपड़े पहनें।

  2. अपनी पूजा की जगह बनाएँ — एक वेदी या छोटे कोने पर स्वच्छ कपड़े के साथ सेटअप करें। शिवलिंग (या एक मूर्ति) को पूर्व या उत्तर की ओर रखें, जहाँ ब्रह्मांडीय ऊर्जा सबसे शक्तिशाली बहती है।

  3. दीया जलाएँ — अपने तेल के दीपक को इरादे के साथ जलाएँ, क्योंकि यह दीपक दिव्य चेतना के जागरण का प्रतीक है और अँधेरे को मिटाता है।

  4. शिवलिंग को जल अर्पित करें — शिवलिंग पर "ॐ नमः शिवाय" का जाप करते हुए तीन बार ठंडा, स्वच्छ पानी डालें। इसे अभिषेक (पवित्र स्नान) कहते हैं।

  5. पंचामृत लगाएँ — दूध, दही, शहद, घी और गुड़ के मिश्रण को धीरे से शिवलिंग पर डालें, जो शरीर, मन और आत्मा का पोषण प्रदर्शित करता है।

  6. बिल्व पत्र अर्पित करें — शिवलिंग पर 3, 5 या 11 पवित्र बेल के पत्ते रखें। प्रत्येक पत्ते के तीन भाग ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव) का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ब्रह्मांडीय संतुलन को आमंत्रित करते हैं।

  7. धूप जलाएँ — अगरबत्ती (सुगंधित धूप) और धूप (सुगंधित धुआँ) को जलाएँ जैसे भेंट के रूप में। यह खुशबू आपकी प्रार्थना को दिव्य लोकों तक पहुँचाती है।

  8. फूल और अक्षत अर्पित करें — शिव मंत्रों का जाप करते हुए सफेद फूल और हल्दी मिले चावल के दाने छिड़कें, विशेषकर "ॐ नमः शिवाय" या "महामृत्युंजय मंत्र"।

  9. नैवेद्य प्रस्तुत करें — शिवलिंग के सामने फल, मिठाइयाँ या दूध आधारित भोजन अर्पित करें। बाद में आप इस आशीर्वादित भोजन (प्रसाद) को खाएँगे जो शिव का अनुग्रह है।

  10. माला के साथ मंत्र का जाप करें — अपनी रुद्राक्ष माला का उपयोग करके "ॐ नमः शिवाय" को 108 बार दोहराएँ। प्रत्येक दोहराव को अपने अहंकार को पिघलाते हुए और अपने आप को शिव की अनंत चेतना के साथ संरेखित करते हुए महसूस करें।

  11. आरती करें — शिवलिंग के सामने जलते हुए दीये को घड़ी की दिशा में लहराएँ और भक्ति गीत गाएँ। यह शिव को सम्मानित करता है और आपके चारों ओर एक सुरक्षात्मक ऊर्जा क्षेत्र बनाता है।

  12. प्रसाद प्राप्त करें और खाएँ — पूजा के बाद कृतज्ञता के साथ आशीर्वादित भोजन खाएँ। यह भगवान शिव के साथ आपके संबंध को मजबूत करता है और उनका आशीर्वाद आपके अस्तित्व में वितरित करता है।

सबसे अच्छा समय (शुभ मुहूर्त)

अपने सोमवार व्रत की पूजा ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से 45 मिनट पहले) के द

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