Rath Yatra Puja Vidhi Lord Jagannath Chariot | मंत्रज्योति 
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राथ यात्रा पूजा विधि - भगवान जगन्नाथ रथ

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लेखक
सुरेश अय्यर
दक्षिण भारतीय कुंडली पद्धति, अष्टकवर्ग और गोचर के विशेषज्ञ।
Rath Yatra Puja Vidhi Lord Jagannath Chariot

क्या आप कल्पना कर सकते हैं एक लकड़ी का रथ इतना बड़ा कि उसे हिलाने के लिए 4,000 भक्तों को रस्सी खींचनी पड़ती है? यह है राथ यात्रा—भगवान जगन्नाथ का प्राचीन रथ महोत्सव जो उड़ीसा में होता है—एक ऐसा पवित्र त्यौहार कि बस इस पूजा को जीवन में एक बार करने से ही मोक्ष (मुक्ति) मिल जाती है। चाहे आप सीधे इसमें भाग लेना चाहते हों या अपने घर की पूजा वेदी पर पवित्र अनुष्ठान करना चाहते हों, सही पूजा विधि को समझना आपके भगवान से आध्यात्मिक जुड़ाव को गहरा करता है।

आपको चाहिए (पूजा सामग्री)

  • चंदन का पेस्ट (चंदन) — माथे पर तिलक लगाने के लिए
  • फूल — खासकर गेंदे के फूल और कमल (ताजे, कभी सूखे नहीं)
  • अगरबत्ती — चंदन या गुलाब की खुशबू वाली हो तो ठीक है
  • घी — दीये में रोशनी जलाने के लिए
  • दीया — मिट्टी या पीतल का
  • नारियल — पूरा, छिलके के साथ
  • पान की पत्ती और सुपारी
  • फल — केला, आम, सेब (मौसम के अनुसार)
  • मिठाई (प्रसाद) — लड्डू, खीर या हलवा
  • घंटी — पीतल की परंपरागत होती है
  • पवित्र धागा (जनेऊ) — लाल या पीला (ऐच्छिक पर सुझाव दिया जाता है)
  • तांबे के बर्तन में पानी — पवित्रता के लिए
  • भगवान के रथ की छोटी मूर्तियां (अगर घर पर पूजा हो)

चरण-दर-चरण पूजा विधि

  1. अपनी पूजा की जगह को शुद्ध करें - तुलसी की पत्तियों मिले पानी को अपनी पूजा की जगह के चारों कोनों में छिड़कें। मन लगाकर झाड़ू लगाएं, जमीन को पवित्र मानते हुए। यह सफाई (शुद्धि) नकारात्मक ऊर्जा निकालती है और दिव्य मौजूदगी के लिए जगह तैयार करती है।

  2. पूजा के दिन सूर्योदय से पहले धार्मिक स्नान करें। गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें और माथे, बांहों और सीने पर चंदन का पेस्ट लगाएं। पवित्रता दिखाने के लिए साफ, पीले या सफेद कपड़े, अधिमानतः कपास के कपड़े पहनें।

  3. वेदी स्थापित करें - साफ कपड़े या चटाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बिछाएं। भगवान जगन्नाथ की रथ की मूर्ति या तस्वीर को बीच में रखें। फूलों, फलों और मिठाइयों को देवता के चारों ओर वृत्ताकार तरीके से सजाएं।

  4. घंटी को तीन बार बजाएं (घंटी की आवाज) - पूजा की शुरुआत का संकेत दें और दिव्य चेतना को जगाएं। हर घंटी की आवाज तीनों गुणों (सत्व, रज, तम) को ब्रह्मांडीय संतुलन में पुकारती है।

  5. पानी और तुलसी चढ़ाएं - पवित्र पानी को वेदी के चारों ओर छिड़ते हुए "ॐ नमः शिवाय" या "हरे कृष्ण" का जाप करें। यह क्रिया (अभिषेक) आध्यात्मिक शुद्धि और भक्ति को दर्शाती है।

  6. चंदन का पेस्ट लगाएं - देवता के माथे और सीने पर सीधी लकीरें बनाते हुए चंदन लगाएं। जब आप ऐसा करें, तो महसूस करें कि भगवान जगन्नाथ की शक्ति और बुद्धि आपके अंदर बह रही है। ठंडा पेस्ट शांति और आध्यात्मिक शीतलता का प्रतीक है।

  7. फूल चढ़ाएं - एक-एक करके फूल चढ़ाते हुए भगवान के नाम का जाप करें: "ॐ जगन्नाथाय नमः" (ॐ, मैं भगवान जगन्नाथ को नमन करता हूं)। फूल चढ़ाना (पुष्प पूजा) आपके दिल की भक्ति के फूलने को दर्शाता है।

  8. दीया जलाएं (आरती का दीया) - घी से दीया जलाएं और देवता के सामने घड़ी की सुई की दिशा में सात बार घुमाएं। यह अग्नि ज्ञान की रोशनी है जो आपके जीवन से अंधकार और अज्ञान को दूर करती है।

  9. परिक्रमा करें (पारिक्रमा) - वेदी के चारों ओर घड़ी की सुई की दिशा में 3 से 5 बार चलें, अपना दाहिना कंधा हमेशा देवता की ओर रखते हुए। यह पवित्र चाल आपको ऊर्जात्मक रूप से दिव्य से जोड़ती है।

  10. नारियल चढ़ाएं - देवता के सामने नारियल को तोड़ें (या प्रतीकात्मक रूप से) और प्रार्थना का जाप करें। नारियल आपके अहंकार का प्रतीक है; इसे तोड़ना समर्पण को दर्शाता है और व्यक्तिगत आत्म को ब्रह्मांडीय पूरे में मिलाने का प्रतीक है।

  11. प्रसाद चढ़ाएं - दोनों हाथों से मिठाई चढ़ाते हुए यह मंत्र बोलें: "अन्नं ब्रह्म, रसो विष्णुः, पक्ता देवो महास्वामः" (अन्न ब्रह्म है, सार विष्णु हैं, पकाने वाला दिव्य हैं)। यह स्वीकार करता है कि सभी पोषण भगवान से आता है।

  12. राथ यात्रा के मंत्रों का जाप करें - जैसे जगन्नाथ गायत्री: "ॐ जगन्नाथाय विद्महे, परमेश्वर धीमहि, तन्नो जगन्नाथ प्रचोदयात्।" इसे माला (माला की मणियां) से 108 बार दोहराएं ताकि सबसे अधि

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