Nag Panchami Puja Vidhi Sacred Snake Worship | मंत्रज्योति 
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नाग पंचमी पूजा विधि पवित्र सांप पूजन

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लेखक
पंडित रमेश शर्मा
वैदिक ज्योतिष विद्वान, 25 वर्षों का अनुभव। भविष्यवाणी और वैदिक उपायों में विशेषज्ञ।
Nag Panchami Puja Vidhi Sacred Snake Worship

भारत भर में लाखों भक्त नाग पंचमी के दिन सूर्योदय से पहले जागते हैं और अनंत की पूजा करते हैं। अनंत वह ब्रह्मांडीय सांप है जो सभी सृष्टि को संभाले हुए है। यह पवित्र पूजा आपके घर को सुरक्षा के मंदिर में बदल देती है, और सांप—चाहे वास्तविक हों या प्रतीकात्मक—आपके आध्यात्मिक रक्षक बन जाते हैं। अगर आप कभी सोचते हैं कि इस प्राचीन पूजा को सच्चाई और भक्ति के साथ कैसे करें, तो यह गाइड आपको हर पवित्र कदम पर ले जाएगी।

पूजा के लिए जरूरी चीजें (पूजा सामग्री)

  • कलश (पवित्र तांबे या मिट्टी का बर्तन) जिसमें पानी भरा हो
  • वस्त्रपत्र (साफ सफेद या पीला कपड़ा) लपेटने के लिए
  • पुष्प (ताजे फूल, खासकर पीले और सफेद गेंदे)
  • धूप (अगरबत्ती या प्राकृतिक सुगंध)
  • दीया (मिट्टी का दीया घी और रुई की बत्ती के साथ)
  • नैवेद्य (दूध, खीर, या फल का प्रसाद)
  • तुलसी (पवित्र तुलसी के पत्ते)
  • चंदन (चंदन का पेस्ट) तिलक लगाने के लिए
  • पूजा घंटी (पूजा की आवाजों के लिए छोटी घंटी)
  • जप माला (108 मनकों की माला)
  • कुंकुम (सिंदूरी पाउडर)
  • शहद और दूध (सांप की मूर्ति का अभिषेक करने के लिए)

चरण-दर-चरण पूजा विधि

चरण 1: सुबह जल्दी नहा-धोकर शुरुआत करें, आदर्श रूप से सुबह 5:00 से 7:00 बजे के बीच। साफ कपड़े पहनें, अधिमानतः सफेद या पीले रंग के, क्योंकि ये रंग नागराज (नागों के राजा) को सम्मान देते हैं।

चरण 2: अपने घर के पूर्व या उत्तर कोने में एक साफ पूजा स्थान तैयार करें। जमीन पर एक छोटी चटाई या कपड़ा बिछाएं और अपनी सामग्री को व्यवस्थित तरीके से अपनी पहुंच के अंदर रखें।

चरण 3: अपने पूजा स्थान के बीचोंबीच रंगीन पाउडर या चावल से एक छोटी रंगोली बनाएं। एक सांप बनाएं जो सर्पिल में घुमा हुआ हो और उसका फन उठा हुआ हो—यह ध्यान में बैठे अनंत को दर्शाता है।

चरण 4: कलश को रंगोली के बीच रखें। इसे पानी से भरें, तुलसी के पत्ते डालें और इसके चारों ओर ताजे फूल लगाएं। कलश ही नाग देवता का प्रतीकात्मक घर बन जाता है।

चरण 5: घी का दीया जलाएं और "ॐ नमः शिवाय" सात बार गाएं। यह आग आपके स्थान को शुद्ध करती है और दिव्य उपस्थिति को आमंत्रित करती है।

चरण 6: पूजा की शुरुआत की घोषणा करने और दिव्य चेतना को जागृत करने के लिए पूजा घंटी को तीन बार बजाएं।

चरण 7: कलश के पानी को अपने शरीर के चारों ओर दक्षिणावर्त (दाएं से बाएं की ओर) छिड़कें, सुरक्षा के एक पवित्र घेरे का निर्माण करते हुए। अपने परिवार की सुरक्षा और कल्याण के लिए अपनी मंशा को धीमी आवाज में दोहराएं।

चरण 8: कलश पर चंदन का पेस्ट लगाएं और कुंकुम से इसे चिह्नित करें। अब हाथ जोड़कर झुकें और कम से कम 11 बार यह मंत्र गाएं: "अनंत नाग देवाय नमह:" (मैं अनंत नाग देवता को प्रणाम करता हूं)। हर बार अपना ध्यान बढ़ाते हुए दोहराएं।

चरण 9: कलश को फूल, शहद, दूध और नैवेद्य अर्पित करें और यह कहते हुए: "नाग देवता, मैं आपकी ब्रह्मांडीय शक्ति को सम्मानित करता हूं, मेरे परिवार को सभी नुकसान और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा दें।" अपनी विशेष मंशाएं स्पष्ट रूप से बोलें।

चरण 10: अपनी जप माला को पकड़ते हुए पूजा स्थान के चारों ओर दक्षिणावर्त सात बार परिक्रमा (घूमना) करें। हर चक्कर के साथ "ॐ अनंत" या "नाग नाग नाग देवता" गाएं और अपने जुड़ाव को गहरा करें।

चरण 11: 5-10 मिनट के लिए मौन ध्यान करें, कल्पना करें कि दिव्य सांप की ऊर्जा आपके घर, परिवार और प्रियजनों के चारों ओर सुरक्षात्मक रूप से घुमती है। अनुभव करें कि यह पवित्र ऊर्जा सभी नकारात्मकता को घोल देती है।

चरण 12: दीये से कलश के सामने आरती (प्रकाश की पूजा) करके समाप्त करें, दक्षिणावर्त दीया ले जाते हुए। पारंपरिक आरती गीत गाएं, या बस चुप रहकर अपनी कृतज्ञता अर्पित करें।

सर्वश्रेष्ठ समय (शुभ मुहूर्त)

नाग पंचमी श्रावण महीने (जुलाई-अगस्त) में शुक्ल पक्ष (बढ़ता चाँद) की पांचवीं तिथि (पंचमी) को आती है। सटीक तिथि जानने के लिए अपनी पंचांग देखें, क्योंकि क्षेत्रीय भिन्नताएं हो सकती हैं।

आदर्श पूजा का समय सूर्योदय से दोपहर के बीच आता है, सबसे अच्छी खिड़की आमतौर पर सुबह 6:00 से 8:00 बजे

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