Rath Yatra Puja Vidhi Lord Jagannath Chariot Festival | मंत्रज्योति 
← Back to Blog

रथ यात्रा पूजा विधि भगवान जगन्नाथ रथ महोत्सव

K
लेखक
कविता मिश्रा
नक्षत्र, योग, दशा और उपायों पर लेखिका।
Rath Yatra Puja Vidhi Lord Jagannath Chariot Festival

कल्पना करें कि लाखों भक्त एक विशाल लकड़ी के रथ को खींचने के लिए इकट्ठा हो जाते हैं जिसमें ब्रह्मांड के स्वामी बैठे हों—यही है रथ यात्रा, हिंदू धर्म का सबसे रोमांचक आध्यात्मिक आयोजन। ओडिशा के पुरी शहर में स्थित भगवान जगन्नाथ के तटीय मंदिर में मनाया जाने वाला यह प्राचीन पर्व देवता को एक चलते-फिरते मंदिर में बदल देता है जो शहर की गलियों से गुजरता है। चाहे आप इस पवित्र दृश्य को देखने की योजना बना रहे हों या घर पर पूजा करना चाहते हों, रथ यात्रा पूजा विधि [पूजा की सही प्रक्रिया] को समझना आपके भगवान जगन्नाथ के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव को गहरा करेगा।

आपको क्या चाहिए (पूजा सामग्री)

  • फूल [पुष्प] — गेंदा, कमल और चमेली की माला
  • अगरबत्ती [अगरबत्ती] — चंदन या गुलाब की खुशबू वाली
  • तेल के दीये [दिया] — परंपरागत रूप से घी भरे मिट्टी के दीये
  • नारियल [नारियल] — पूरा और अटूट
  • हल्दी पाउडर [हल्दी] — पूजा के निशान के लिए और शुद्धि के लिए
  • लाल सिंदूर [सिंदूर] — आशीर्वाद के लिए पवित्र लाल चूर्ण
  • चावल के दाने [चावल] — कच्चे बासमती चावल
  • बेसन का मीठा प्रसाद [पूए] — चने का आटा और परंपरागत मिठाई
  • दूध और दही [दही] — देवता को प्रतीकात्मक रूप से नहलाने के लिए
  • चंदन का पेस्ट [चंदन] — ठंडा और पवित्र सुगंध
  • घंटी [घंटी] — दिव्य उपस्थिति बुलाने के लिए धातु की घंटी
  • शंख [शंख] — पवित्र ध्वनि कंपन के लिए

चरण दर चरण पूजा विधि

  1. अपने आप को और अपनी जगह को शुद्ध करें — पहले अपना अनुष्ठान स्नान करें और सफेद या पीले रंग के स्वच्छ कपड़े पहनें। हल्दी मिले पानी को अपनी पूजा की वेदी के चारों ओर छिड़कें ताकि पवित्र स्थान [संकल्प] बने।

  2. गणेश का आह्वान करें — दिया जलाएं और घंटी को तीन बार बजाएं। भगवान गणेश को फूल और चावल अर्पित करें और उनका आशीर्वाद लें कि वे इस अनुष्ठान से सभी बाधाएं दूर करें।

  3. देवता की उपस्थिति स्थापित करें — "ॐ जय जगन्नाथ" का जाप करें और भगवान जगन्नाथ को उनके ब्रह्मांडीय रथ में कल्पना करें। जगन्नाथ की मूर्ति या तस्वीर को एक साफ कपड़े पर अपनी वेदी के बीच में रखें।

  4. कलश पूजा करें — कलश [पवित्र तांबे का बर्तन] को पानी और चावल से भरें। इसके मुंह पर आम की पत्तियां बांधें और ऊपर नारियल रखें, जो दिव्य पूर्णता का प्रतीक है। फूल और अगरबत्ती अर्पित करें।

  5. हल्दी और सिंदूर लगाएं — मूर्ति या तस्वीर पर हल्दी [हल्दी का पेस्ट] और सिंदूर [लाल सिंदूर] को हल्के हाथों से क्षैतिज रेखाओं में लगाएं। यह देवता को पूजनीय और संरक्षित मानने का निशान है।

  6. फूल और अगरबत्ती अर्पित करें — जगन्नाथ के लिए समर्पित मंत्रों का जाप करते हुए ताजे फूलों की माला प्रस्तुत करें। अगरबत्ती जलाएं और उनके धुएं को ऊपर की ओर उठने दें, जो आपकी प्रार्थनाओं का दिव्य तक पहुंचना दर्शाता है।

  7. निश्चित मंतव्य के साथ घंटी बजाएं — प्रत्येक प्रमुख प्रसाद के समय घंटी [घंटी] का इस्तेमाल करें। यह ध्वनि वातावरण को शुद्ध करती है और आपकी भक्ति की ओर दिव्य ध्यान आमंत्रित करती है।

  8. देवता को प्रतीकात्मक रूप से नहलाएं — "जलस्य देवता" (पानी दिव्य है) का जाप करते हुए मूर्ति पर दूध, दही और पानी डालें। यह रथ यात्रा की स्नान पूर्णिमा [स्नान की पूर्णिमा] के दौरान की जाने वाली पवित्र नहलाने की रस्म का प्रतीक है।

  9. मिठाई अर्पित करें — बेसन की मिठाई या अपने चुने हुए प्रसाद [आशीर्वादित भोजन] को एक स्वच्छ प्लेट पर रखें। इस भोजन को मानसिक रूप से भगवान द्वारा आशीर्वादित भोजन के रूप में समर्पित करें।

  10. जगन्नाथ के मंत्रों का जाप करें — मुख्य मंत्र का जाप करें: "ॐ जय जगन्नाथ स्वामी नाम" (ॐ भगवान जगन्नाथ को नमन) कम से कम 27 बार, या यदि संभव हो तो 11 मिनट तक।

  11. आरती करें — देवता के सामने दिए [दिया] को घड़ी की दिशा में लहराएं, जो प्रकाश और समर्पण का प्रतीक है। दिए को परिवार के सदस्यों को भेंट देकर खत्म करें ताकि वे आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।

  12. प्रसाद लें — आशीर्वादित भोजन को बांटें और खाएं, जिससे भक्त और देवता के बीच पवित्र आदान-प्रदान पूरा हो।

सबसे अच्छा समय (शुभ मुहूर्त)

रथ यात्रा परंपरागत रूप से आषाढ़ मही

💬

टिप्पणियाँ


अपनी कुंडली और अधिक जानें

हमारे मुफ़्त ज्योतिष टूल्स आज़माएं

You might also like

🇬🇧 English  ·  6 min read
Planetary Patterns in Charts of Spiritual Gurus — Vedic Astrology of Enlightened Masters
01 Sep 2026
🇬🇧 English  ·  4 min read
Aaj ka Panchang 01 September 2026
01 Sep 2026
🇬🇧 English  ·  6 min read
Astrology of Nobel Prize Winners — Planetary Patterns Behind World-Changing Work
01 Sep 2026
🕐 राहु काल: Pune (2027-09-01)· Chennai (2027-09-02)· Indore (2027-09-02)· Pune (2027-08-31)· Indore (2027-09-01)· Ahmedabad (2027-08-31)· Delhi (2027-09-01)· Ahmedabad (2027-08-30)· Delhi (2027-08-31)· Hyderabad (2027-09-01)· Bengaluru (2027-09-01)· Bengaluru (2027-08-31)