Hartalika Teej Shiva Puja Complete Ritual Guide | मंत्रज्योति 
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हरतालिका तीज शिव पूजा संपूर्ण विधि गाइड

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लेखक
सुरेश अय्यर
दक्षिण भारतीय कुंडली पद्धति, अष्टकवर्ग और गोचर के विशेषज्ञ।
Hartalika Teej Shiva Puja Complete Ritual Guide

आप भोर के समय हरतालिका तीज पर खड़े होकर अपनी उंगलियों से बालू में पवित्र चिन्ह बनाते हुए भगवान शिव को अपनी भक्ति का प्रतीक समर्पित कर रहे हैं। यह प्राचीन परंपरा, जो भारत भर की विवाहित महिलाओं द्वारा मनाई जाती है, आपके आध्यात्मिक जुड़ाव को गहरा करने और दिव्य पुरुष ऊर्जा के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने की शक्ति रखती है। हरतालिका तीज की बालू पूजा केवल एक अनुष्ठान नहीं है—यह गति में ध्यान है, एक नया किया गया वचन है, और पृथ्वी और शाश्वत के बीच एक सेतु है।

जरूरत की चीजें (पूजा सामग्री)

  • बारीक सफेद बालू या मैदा [आटा]
  • ताजे फूल, खास तौर पर गुड़हल और चमेली [पुष्प]
  • अगरबत्ती [अगरबत्ती]
  • घी का दीपक [दिया]
  • घंटी [घंटी]
  • एक छोटे बर्तन में पानी [जल]
  • नारियल [नारियल]
  • हल्दी पाउडर [हल्दी]
  • सिंदूर [सिंदूर]
  • बेसन [बेसन]
  • तिल [तिल]
  • मिट्टी या लकड़ी का तख्ता [चौकी]
  • गेहूं के दाने [गेहूं]
  • चंदन का पेस्ट [चंदन]

चरण-दर-चरण पूजा विधि

  1. अपनी जगह तैयार करें: जल्दी जागें, अच्छी तरह नहा लें, और ताजे, अधिमानतः नए कपड़े पहनें। अपने पूजा क्षेत्र को साफ करें और जमीन पर एक साफ सफेद कपड़ा बिछाएं ताकि आप एक पवित्र स्थान बना सकें। यह तैयारी आपके आसपास के माहौल और आपके मन दोनों को शुद्ध करती है।

  2. बालू का टीला बनाएं: बारीक बालू या मैदा लेकर अपने नामित क्षेत्र के बीच में एक छोटा सा टीला बनाएं। यह टीला कैलाश पर्वत का प्रतिनिधित्व करता है, जो भगवान शिव का घर है। इसे सम्मान के साथ धीरे से आकार दें, जैसे आप देवता के लिए एक घर बना रहे हों।

  3. देवताओं को आमंत्रित करें: पूजा की शुरुआत की घोषणा करने के लिए घंटी बजाएं। अपनी आंखें बंद करें और अपने पवित्र स्थान में भगवान शिव, देवी पार्वती और गणेश को हृदय से प्रार्थना के साथ आमंत्रित करें।

  4. हल्दी और सिंदूर लगाएं: बालू के टीले के चारों ओर हल्दी पाउडर छिड़कें जो शुद्धता का प्रतीक है। ऊपर की ओर अर्धचंद्र के आकार में सिंदूर लगाएं, जो शिव की तीसरी आंख का प्रतिनिधित्व करता है।

  5. दीपक जलाएं: घी का दीपक बालू के टीले के पास रखें और उसे जलाएं। यह लौ शाश्वत चेतना का प्रतिनिधित्व करती है और आपके पूजा स्थान से अज्ञानता को दूर करती है।

  6. फूल और सुगंध अर्पित करें: बालू के टीले के चारों ओर ताजे फूल बिखेरें और अपने माथे पर चंदन का पेस्ट लगाएं। ये प्रसाद देवी-देवताओं का आशीर्वाद पाते हैं और भक्ति का एक सुगंधित अभयारण्य बनाते हैं।

  7. मंत्र का जाप करें: बालू के टीले पर ध्यान केंद्रित करते हुए "ॐ नमः शिवाय" का जाप करने लगें। कम से कम 108 बार या जितनी बार आपका दिल गाइड करे, जाप करें। यह मंत्र आपकी ऊर्जा को शिव की ब्रह्मांडीय कंपन के साथ संरेखित करता है।

  8. पवित्र चिन्ह बनाएं: अपनी अनामिका से बालू पर "ॐ" चिन्ह को धीरे से बनाएं, फिर अर्धचंद्र और शिवलिंग का आकार बनाएं। प्रत्येक चिन्ह गहरे आध्यात्मिक महत्व और इरादे को व्यक्त करता है।

  9. पवित्र अनाज अर्पित करें: टीले के चारों ओर गेहूं के दाने और तिल छिड़कते हुए अपनी प्रार्थना और इच्छाएं फुसफुसाएं। ये अनाज प्रजनन क्षमता, समृद्धि, और आपकी आध्यात्मिक यात्रा के पोषण का प्रतीक हैं।

  10. परिक्रमा करें: बालू के टीले के चारों ओर दक्षिणावर्त सात बार चलें, प्रत्येक चक्कर भक्ति के सात पवित्र पहलुओं का प्रतिनिधित्व करता है। हर कदम के साथ अपनी हृदयस्पर्शी प्रार्थनाओं के बारे में जागरूक रहें।

  11. आशीर्वाद मांगें: बालू के टीले को गहरी प्रणाम करें, अपने माथे को जमीन पर छूएं। शिव से अपने विवाह, पारिवारिक कल्याण, और आध्यात्मिक विकास के लिए आशीर्वाद मांगें।

  12. कृतज्ञता के साथ समाप्त करें: एक आखिरी बार घंटी बजाएं, सभी देवताओं को धन्यवाद दें जिन्होंने आपकी भक्ति को देखा। आशीर्वादित पानी या प्रसाद (पवित्र भेंट) का सेवन करके समाप्त करें।

सबसे अच्छा समय (शुभ मुहूर्त)

हरतालिका तीज भाद्रपद महीने (अगस्त-सितंबर) में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि (चंद्र पंचांग के उज्जवल पखवाड़े का तीसरा दिन) को आती है। ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग एक घंटा पहले) के दौरान अपनी पूजा शुरू करें ताकि आध्यात्मिक प्रभाव अधिकतम हो। अपने स्थान के लि

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