Bhai Dooj Puja Vidhi Sibling Bond Ritual | मंत्रज्योति 
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भाई दूज पूजा विधि भाई-बहन के रिश्ते को पवित्र करने की पूजा

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लेखक
आचार्य विश्वनाथ जोशी
परंपरागत वैदिक ज्योतिषी — मुहूर्त, होरा शास्त्र और पाराशरी ज्योतिष के विशेषज्ञ।
Bhai Dooj Puja Vidhi Sibling Bond Ritual

जब आपकी बहन आपके माथे पर तिलक लगाती है और आपकी सुरक्षा के लिए आशीर्वाद देती है, तो कुछ पवित्र घटित होता है—एक रिश्ता जो हजारों साल की हिंदू परंपरा से मजबूत होता है। भाई दूज दिवाली के दूसरे दिन के बाद मनाया जाता है, यह केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं है, बल्कि एक पूजा है जो भाई और बहन के अमूल्य रिश्ते को पवित्र करती है। चाहे भाई-बहन एक साथ रहते हों या दुनिया के अलग-अलग कोनों में, यह पूजा उन्हें धर्म (सही कर्तव्य) और आपस की देखभाल से जुड़ाती है।

पूजा के लिए जरूरी चीजें (पूजा सामग्री)

  • तिलक (सिंदूर का पेस्ट) — माथे पर लगाने के लिए
  • दीया (तेल का दीपक) — अग्नि (आग के देवता) को आमंत्रित करने के लिए
  • फूल — ताजे गेंदे या गुलाब की पंखुड़ियां
  • मिठाई या फल — प्रसाद (पवित्र भोजन) के लिए
  • बेसन या चावल का आटा — अल्पना (सजावटी डिजाइन) बनाने के लिए
  • रोली (हल्दी वाला लाल पाउडर) — शुभ लाल पाउडर
  • धूप और अगरबत्ती — शुद्धिकरण के लिए
  • कलश (पवित्र पानी का बर्तन) — स्वच्छ पानी से भरा हुआ
  • अक्षत (हल्दी मिली हुई अटूट चावल की दानें) — आशीर्वाद के लिए
  • मोली (पवित्र धागा) — पीले या लाल रंग का धागा कलाई पर बांधने के लिए
  • बेसन के लड्डू या बर्फी — घर में बनी मिठाई बेहतर है
  • ताजा पानी — पूजा की शुद्धिकरण प्रक्रिया के लिए

पूजा की विधि चरण दर चरण

  1. अपनी जगह को पवित्र करें — पूजा की जगह को गाय के घी मिले पानी से साफ करें। दीये को पूर्व की ओर रखकर जलाएं, ताकि धुआं पूरे माहौल को शुद्ध करे। इससे लक्ष्मी (समृद्धि की देवी) और यमुना (पवित्र नदी) आपको आशीर्वाद देने आती हैं।

  2. अपने भाई को बैठाएं — अपने भाई को एक स्वच्छ चटाई पर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठाएं। इस दिशा में बैठने से वह ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जुड़ता है। अगर आप दूर हैं या वीडियो कॉल से पूजा कर रहे हैं, तो आपकी नीयत और सच्ची भावना ही महत्वपूर्ण है, दूरी मायने नहीं रखती।

  3. वेदी तैयार करें — अपने सामने कलश को पानी से भरकर रखें। इसके चारों ओर फूल रखें और दीये को दाईं ओर रखें। बेसन के आटे से कलश के चारों ओर अल्पना बनाएं—यह पवित्र डिजाइन पूजा की शक्ति को बढ़ाता है।

  4. रक्षा के देवताओं को आमंत्रित करें — घंटी को तीन बार बजाएं और "ॐ नमः शिवाय" या "ॐ शांति, शांति, शांति" (शांति का आह्वान) का जाप करें। कलश के पानी की कुछ बूंदें अपने भाई के सिर पर छिड़कते हुए यम (धर्म के देवता) और चित्रगुप्त (कर्मों का लेखा रखने वाले) से प्रार्थना करें कि वह उसकी रक्षा करें।

  5. तिलक लगाएं — अपनी दाहिनी अनामिका (बीच वाली उंगली) को सिंदूर में डुबोएं। उसके माथे पर नाक की जड़ से लेकर हेयरलाइन तक एक सीधा तिलक लगाएं। यह सोचें कि उसके चारों ओर दिव्य प्रकाश की एक सुरक्षा कवच बन रहा है। इस निशान को चंद्रिका (अर्धचंद्र का आशीर्वाद) कहते हैं।

  6. दीये की आरती करें — अपने भाई के चेहरे के सामने जलते हुए दीये को घड़ी की सुई के अनुसार धीरे-धीरे घुमाएं (आरती)। यह 5 बार करें, साथ में कोई प्रार्थना या मंत्र गाएं। यह आरती उसके रास्ते से अंधकार और बाधाएं दूर करने का प्रतीक है।

  7. मिठाई और फल अर्पित करें — आशीर्वादित मिठाई या ताजा फल उसके हाथों में रखें। पहले उसे एक टुकड़ा खिलाएं, फिर उसे और खाने के लिए दें। यह शरीर और आत्मिक रिश्ते दोनों को पोषण देता है।

  8. मोली (धागा) बांधें — पवित्र धागे को धीरे से उसकी दाहिनी कलाई पर लपेटें और तीन गांठें बांधते हुए सुरक्षा के मंत्र का जाप करें: "भाई दूज के दिन, मेरी ओर से हमेशा सुख और सुरक्षा पाओ, यह मेरी प्रार्थना है"।

  9. अक्षत का आशीर्वाद दें — हल्दी मिली हुई आशीर्वादित चावल की दानें उसके सिर और कंधों पर छिड़कें। ये दानें समृद्धि और परिवार के सामंजस्य की ऊर्जा लेकर आती हैं।

  10. तोहफे का आदान-प्रदान करें — कोई सार्थक उपहार दें (कपड़े, गहने, या कोई प्रतीकात्मक चीज)। आपका भाई भी आपको उपहार दे और अपना आशीर्वाद दे। यह आदान-प्रदान रिश्ते में बराबरी को मजबूत करता है।

  11. आरती का जवाब दें — अपने भाई को आपके लिए दीये की आरती करने दें और अपना आशीर्वाद दें। परंपरागत रूप से बहन भाई को आशीर्वाद देती है, लेकिन दोनों ओर से आशीर्वाद आध्य

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