📅 वैदिक पंचांग — निःशुल्क
गुवाहाटी का आज का पंचांग
तिथि · नक्षत्र · योग · करण · वार · सूर्योदय · अभिजित मुहूर्त
✅ आज का योग शुभ शुभ है — नए कार्य प्रारंभ करने के लिए अनुकूल दिन।
वार
बुधवार
बुध वार
तिथि
द्वादशी
कृष्ण पक्ष
23:17 तक, फिर त्रयोदशी
नक्षत्र
मघा
पाद 2 · केतु
21:40 तक, फिर पूर्वाफाल्गुनी
योग
शुभ
शुभ
02:52 (अगले दिन) तक, फिर शुक्ल
करण
कौलव
अर्ध-तिथि
11:54 तक, फिर तैतिल
🗓️ हिंदू मास, संवत और ऋतु
मास (पूर्णिमांत)आश्विन
मास (अमांत)भाद्रपद
विक्रम संवत2083
शक संवत1948
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
मास का नाम उस राशि से तय होता है जिसमें अमावस्या के समय सूर्य (निरयण, लाहिड़ी) होता है; जिस चंद्र मास में कोई संक्रांति न हो वह अधिक मास होता है। उत्तर भारत में पूर्णिमांत मास चलता है (कृष्ण पक्ष अगले मास में गिना जाता है), दक्षिण और पश्चिम भारत में अमांत। संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से बदलता है; ऋतु चंद्र मास से और अयन मकर/कर्क संक्रांति से।
☀️ सूर्य
सूर्योदय05:17
सूर्यास्त17:03
दिनमान11 घं 45 मि
रात्रिमान12 घं 14 मि
राशिकन्या
🌙 चंद्रमा
चंद्रोदय01:49
चंद्रास्त14:59
नक्षत्रमघा
✨ अभिजित मुहूर्त
10:46 – 11:34
दिन का सबसे शुभ समय — नए कार्य, यात्रा और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए उत्तम
🌅 ब्रह्म मुहूर्त
03:41 – 04:29
सूर्योदय से पहले का पवित्र समय — ध्यान, अध्ययन और मंत्र जप के लिए सर्वोत्तम
🏆 विजय मुहूर्त
13:08 – 13:55
दिन के 15 मुहूर्तों में 11वाँ — विजय और सफलता की कामना वाले कार्यों के लिए शुभ माना जाता है
🌌 निशीथ काल
22:46 – 23:35
रात के 15 मुहूर्तों में 8वाँ (मध्यरात्रि का मुहूर्त) — जन्माष्टमी, शिवरात्रि आदि की निशीथ पूजा का समय
⛔ दुर्मुहूर्त
10:47 – 11:34
अशुभ समय — शुभ कार्य शुरू करने से बचें। दिन (सूर्योदय→सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त→अगला सूर्योदय) को 15-15 बराबर मुहूर्तों में बाँटकर, वार के अनुसार उत्तर भारतीय पंचांग परंपरा से।
🚫 राहु काल, यमगण्ड व गुलिक काल
राहु काल: 11:10 – 12:39
यमगण्ड: 06:46 – 08:14
गुलिक काल: 09:42 – 11:10
सूर्योदय से सूर्यास्त को 8 बराबर भागों में बाँटकर, वार के अनुसार। शुभ कार्य शुरू करने से बचें। राहु काल के बारे में और जानें →
🧭 दिशा शूल
उत्तर
आज इस दिशा में यात्रा शुरू करने से बचें (वार के अनुसार, उत्तर भारतीय पंचांग परंपरा)।
🌙 पंचक व गण्ड मूल
पंचक: आज नहीं
गण्ड मूल: सूर्योदय से 21:40 तक
पंचक: चंद्रमा कुंभ-मीन में (धनिष्ठा उत्तरार्ध से रेवती)। गण्ड मूल: चंद्रमा अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल या रेवती में — उत्तर भारतीय परंपरा में पूरा नक्षत्र गिना जाता है, कुछ परंपराएँ केवल संधि वाला चरण गिनती हैं। पंचक के बारे में और जानें →
⚠️ भद्रा (विष्टि करण)
आज नहीं
भद्रा सातवाँ चर करण (विष्टि) है — करण तिथि का आधा भाग होता है। परंपरा से भद्रा में शुभ कार्य शुरू नहीं किए जाते। समय भद्रा के पूरे काल का है, जो सूर्योदय से पहले शुरू या अगले दिन खत्म हो सकता है। भद्रा वास (भद्रा कहाँ निवास करती है) चंद्र राशि से तय होता है: मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक → स्वर्ग; कन्या, तुला, धनु, मकर → पाताल; कर्क, सिंह, कुंभ, मीन → पृथ्वी (मुहूर्त चिंतामणि)।
🔄 वक्री ग्रह
शुक्र (तुला में): 3 अक्टूबर 2026 से 14 नवंबर 2026 तक
शनि (मीन में): 27 जुलाई 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक
सूर्योदय के समय पृथ्वी से देखने पर जो ग्रह राशिचक्र में उल्टी दिशा में चलते दिखते हैं (निरयण, लाहिड़ी)। तारीखें वक्री होने और फिर मार्गी होने की हैं। सूर्य-चंद्र कभी वक्री नहीं होते; राहु-केतु सदा वक्री चलते हैं।
🌅 उदय लग्न तालिका
| लग्न | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| कन्या | 03:55 | 06:08 |
| तुला | 06:08 | 08:25 |
| वृश्चिक | 08:25 | 10:43 |
| धनु | 10:43 | 12:47 |
| मकर | 12:47 | 14:32 |
| कुंभ | 14:32 | 16:02 |
| मीन | 16:02 | 17:29 |
| मेष | 17:29 | 19:07 |
| वृषभ | 19:07 | 21:03 |
| मिथुन | 21:03 | 23:17 |
| कर्क | 23:17 | 01:36 (अगले दिन) |
| सिंह | 01:36 (अगले दिन) | 03:51 (अगले दिन) |
पूर्वी क्षितिज पर उदय हो रही राशि (लग्न) और उसका समय, इस शहर के लिए (निरयण, लाहिड़ी — कुंडली जैसा ही लग्न)। तालिका सूर्योदय के समय उदित लग्न से शुरू होकर राशिचक्र का एक पूरा चक्र — लगभग अगले सूर्योदय तक — दिखाती है। मुहूर्त चुनने में शुभ लग्न देखा जाता है।
📍 प्रमुख शहरों का आज का पंचांग
दिल्लीमुंबईबेंगलुरुकोलकाताचेन्नईहैदराबादपुणेअहमदाबादजयपुरलखनऊवाराणसीचंडीगढ़इंदौरभोपालपटनासूरतनागपुरकानपुरनोएडागुरुग्रामगाज़ियाबादफरीदाबादमेरठदेहरादूनहरिद्वारऋषिकेशउज्जैनप्रयागराजआगराअयोध्यामथुरागोरखपुरअमृतसरलुधियानाजम्मूशिमलाउदयपुरजोधपुरग्वालियररायपुररांचीभुवनेश्वरपुरीगुवाहाटीवडोदराराजकोटनासिकगोवाकोच्चितिरुवनंतपुरमकोयंबटूरमदुरैमैसूरमंगलुरुविशाखापत्तनमविजयवाड़ा
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