Shravana Nakshatra — Complete Vedic Guide | मंत्रज्योति 
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श्रवण नक्षत्र — पूर्ण वैदिक मार्गदर्शिका

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लेखक
पंडित रमेश शर्मा
वैदिक ज्योतिष विद्वान, 25 वर्षों का अनुभव। भविष्यवाणी और वैदिक उपायों में विशेषज्ञ।

अवलोकन

श्रवण वैदिक ज्योतिष में 27 नक्षत्रों में से 22वां नक्षत्र है, जो मकर राशि के 280°00′ से 293°20′ तक फैला हुआ है। चंद्रमा द्वारा शासित और भगवान विष्णु (पालनकर्ता) द्वारा अधिष्ठित, यह नक्षत्र एक विशिष्ट ऊर्जा रखता है जो व्यक्ति के व्यक्तित्व, करियर और आध्यात्मिक मार्ग को प्रभावित करता है।

मुख्य विशेषताएं

शासक ग्रह: चंद्रमा
राशि: मकर (280°00′ – 293°20′ मकर)
देवता: भगवान विष्णु (पालनकर्ता)
प्रतीक: तीन पदचिह्न / कान
गण: देव
स्वभाव: चर (चल)
नाड़ी: आदि (वात)
शुभ रंग: हल्का नीला
शुभ अंक: 2
शरीर का अंग: कान और सुनने की शक्ति
स्पिरिट एनिमल: मादा बंदर

मुख्य गुण

सार्थक श्रोता · ज्ञानी · समर्पित · पवित्र ज्ञान से जुड़ाव · बुद्धिमान

ताकत

श्रवण का अर्थ है 'सुनना' — इस नक्षत्र में जन्मे लोग जन्मजात श्रोता होते हैं जो बहुत गहराई से ज्ञान को आत्मसात करते हैं। भगवान विष्णु से संबंधित होने के कारण, वे आध्यात्मिक रूप से झुके हुए, जानकार होते हैं और उनमें लोगों को आपस में जोड़ने का विशेष गुण होता है।

ध्यान देने योग्य चुनौतियां

ये लोग अत्यधिक संवेदनशील हो सकते हैं, गपशप करने की आदत हो सकती है, और दूसरों की बातों से बहुत जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। उन्हें दूसरों के साथ सीमाएं (boundaries) तय करने में परेशानी हो सकती है।

आदर्श करियर

  • शिक्षण और शिक्षा
  • संगीत और ध्वनि चिकित्सा (साउंड थेरेपी)
  • पत्रकारिता और मीडिया
  • परामर्श (काउंसलिंग)
  • आध्यात्मिकता

अनुकूल नक्षत्र

रोहिणी, मृगशिरा, रेवती

वैदिक उपाय

भगवान विष्णु की पूजा करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। मोती धारण करें। पवित्र ग्रंथों को सुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रवण नक्षत्र क्या है?

श्रवण वैदिक ज्योतिष में 22वां नक्षत्र है, जो मकर राशि के 280°00′ से 293°20′ तक फैला है। यह चंद्रमा द्वारा शासित है और इसके देवता भगवान विष्णु हैं। इसका प्रतीक तीन पदचिह्न या कान है।

श्रवण नक्षत्र के मुख्य गुण क्या हैं?

सार्थक श्रोता, ज्ञानी, समर्पित, पवित्र ज्ञान से जुड़ाव और बुद्धिमान। श्रवण का अर्थ 'सुनना' है — इस नक्षत्र के जातक जन्मजात श्रोता होते हैं जो गहराई से ज्ञान प्राप्त करते हैं। भगवान विष्णु से जुड़ाव के कारण ये आध्यात्मिक और मिलनसार होते हैं।

श्रवण नक्षत्र के जातकों के लिए कौन सा करियर उपयुक्त है?

शिक्षण और शिक्षा, संगीत और ध्वनि चिकित्सा, पत्रकारिता और मीडिया, परामर्श, और आध्यात्मिकता। ये क्षेत्र श्रवण नक्षत्र के जातकों की स्वाभाविक क्षमताओं और प्रवृत्तियों के साथ मेल खाते हैं।

कौन से नक्षत्र श्रवण के लिए सबसे अधिक अनुकूल हैं?

वैदिक ज्योतिष के अनुसार रोहिणी, मृगशिरा और रेवती नक्षत्र श्रवण के साथ सबसे अधिक अनुकूल माने जाते हैं।

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