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संकटमोचन हनुमान और आपकी कुंडली के ग्रहों का खेल

संकटमोचन हनुमान और आपकी कुंडली के ग्रहों का खेल

क्या आपके काम बनते-बनते बिगड़ जाते हैं? या फिर बिना वजह मन में एक अनजाना डर बना रहता है? ज्योतिष शास्त्र में इन सभी परेशानियों का एक बहुत ही अचूक और सीधा समाधान बताया गया है—संकटमोचन हनुमान जी की भक्ति।

बजरंगबली सिर्फ एक देवता नहीं हैं, बल्कि वे आपकी कुंडली के सबसे क्रूर ग्रहों को भी शांत करने की ताकत रखते हैं। चलिए आज जानते हैं कि कैसे हनुमान जी की कृपा से आपकी जिंदगी रातोंरात बदल सकती है और आपके बिगड़े काम बन सकते हैं।

शनिदेव भी क्यों थर-थर कांपते हैं हनुमान जी के नाम से?

ज्योतिष में शनिदेव को सबसे क्रूर न्यायदाता माना गया है। जब किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती (यानी साढ़े सात साल का मुश्किल समय) चलती है, तो उसका पूरा जीवन उथल-पुथल हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनिदेव ने खुद हनुमान जी को एक खास वचन दिया था?

पौराणिक कथा है कि जब हनुमान जी ने शनिदेव का घमंड तोड़ा था, तब शनिदेव ने वादा किया था कि जो भी हनुमान जी की सच्चे मन से पूजा करेगा, उसे वे कभी परेशान नहीं करेंगे। इसलिए अगर आप शनि की ढैय्या या महादशा से परेशान हैं, तो बस हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दीजिए।

वैसे, क्या आपको पता है कि हनुमान जी सिर्फ शनि ही नहीं, बल्कि आपके गुस्से और कर्ज के कारक यानी मंगल ग्रह को भी काबू करते हैं? आइए अगले हिस्से में इसे समझते हैं।

क्या आपका मंगल कमजोर है और बात-बात पर गुस्सा आता है?

लाल रंग का चमकता हुआ सिंदूर हनुमान जी को बेहद प्रिय है, और ज्योतिष में लाल रंग का सीधा संबंध मंगल ग्रह से है। यदि आपकी कुंडली में मांगलिक दोष (यानी कुंडली में मंगल ग्रह के कारण आने वाली अड़चनें) है, तो जीवन में गुस्सा, कलह और दुर्घटनाएं बहुत बढ़ जाती हैं।

हनुमान जी की पूजा करने से मंगल का यह नकारात्मक प्रभाव पूरी तरह खत्म हो जाता है। मंगलवार के दिन हनुमान जी के कंधों का सिंदूर अपने माथे पर लगाने से आपके भीतर का डर खत्म होता है और गजब का आत्मविश्वास लौट आता है।

लेकिन ठहरिए, क्या आपके मन में हमेशा कोई न कोई अनजाना डर या अजीब से विचार घूमते रहते हैं? इसका इलाज भी हनुमान जी के पास बहुत ही अनोखे तरीके से है।

राहु-केतु के चक्रव्यूह से कैसे बचाते हैं बजरंगबली?

राहु और केतु को ज्योतिष में छाया ग्रह माना गया है, जो इंसान के दिमाग में भ्रम, शक और अकेलापन पैदा करते हैं। जब कुंडली में कालसर्प दोष (यानी राहु-केतु के बीच सभी ग्रहों का फंस जाना) होता है, तो इंसान को लगातार नौकरी और व्यापार में नुकसान झेलना पड़ता है।

हनुमान जी की भक्ति में वो दिव्य शक्ति है जो इन दोनों मायावी ग्रहों के बुरे असर को तुरंत शून्य कर देती है। हनुमान चालीसा की पंक्ति "भूत पिशाच निकट नहीं आवै" सिर्फ ऊपरी बाधाओं के लिए नहीं, बल्कि राहु-केतु की नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगाने का महामंत्र है।

अब आप सोच रहे होंगे कि हनुमान जी की पूजा का सबसे सरल और सटीक तरीका क्या है, जिससे घर बैठे ही लाभ मिल सके?

तो हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे आसान तरीका क्या है?

कई लोग सोचते हैं कि ग्रहों को शांत करने के लिए बहुत महंगे रत्न पहनने पड़ेंगे या बड़े-बड़े हवन करने होंगे। लेकिन हनुमान जी तो बहुत ही भोले हैं, वे बहुत ही कम और सच्चे प्रयास से ही मान जाते हैं।

अगर आप बहुत ज्यादा मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, तो अपने घर के दक्षिण-पूर्व कोने में हनुमान जी के पंचमुखी अवतार (यानी पांच मुखों वाला शक्तिशाली रूप) की एक सुंदर सी तस्वीर लगाएं। इससे घर के भीतर की नकारात्मक ऊर्जा तुरंत बाहर भाग जाती है।

इसके अलावा, हर शनिवार और मंगलवार की शाम को सिर्फ 15 मिनट निकालकर सुंदरकांड का पाठ करें, यह आपके जीवन के हर संकट को वैसे ही खत्म कर देगा जैसे हनुमान जी ने लंका को भस्म किया था।

एक काम जो आप अभी कर सकते हैं

आज रात सोने से पहले मोबाइल को थोड़ी देर के लिए दूर रखें और शांत मन से केवल तीन बार "ॐ हनुमते नमः" मंत्र का जाप करें। इसके बाद अपने तकिए के नीचे थोड़ा सा सेंधा नमक रखकर सो जाएं, कल सुबह उठते ही आप खुद को बेहद हल्का, सकारात्मक और ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे।

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